पश्चिम बंगाल में आने वाले सबसे बड़े पर्व दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। कोलकाता नगर निगम और राज्य खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के खान-पान के प्रमुख ठिकानों पर व्यापक जांच अभियान चलाया। इसी दौरान कोलकाता के प्रसिद्ध टांगरा इलाके में स्थित चर्चित 'बिग बॉस' चाइनीज रेस्टोरेंट पर अचानक छापेमारी की गई। जांच दल को वहां भारी मात्रा में असुरक्षित तरीके से रखा गया मांस मिला, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
टांगरा के रेस्टोरेंट से 500 किलोग्राम असुरक्षित मांस जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने टांगरा स्थित 'बिग बॉस' रेस्टोरेंट के किचन और स्टोर रूम का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट के विशाल फ्रीजर में बड़ी मात्रा में मछली और चिकन मीट का स्टॉक जमा पाया गया। जब अधिकारियों ने इन खाद्य पदार्थों के पैकेटों की जांच की, तो उन पर किसी भी प्रकार की मैन्युफैक्चरिंग, पैकिंग या एक्सपायरी डेट दर्ज नहीं थी।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला होने के कारण प्रशासनिक टीम ने बिना तारीख वाले लगभग 500 किलोग्राम मछली और चिकन को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों का कहना था कि बिना तारीख वाले मीट के इस्तेमाल से किसी भी प्रकार के संक्रमण या स्वास्थ्य संबंधी जोखिम की संभावना रहती है। इस स्थिति को देखते हुए जब्त की गई संपूर्ण खाद्य सामग्री को तुरंत धापा इलाके में स्थित डंपिंग ग्राउंड में भिजवाया गया, जहां उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
साल्टलेक में बेकरी पर छापा और सैंपल की जांच
खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रशासन का यह अभियान केवल रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रहा। कोलकाता के साल्टलेक इलाके में स्थित प्रसिद्ध केक और पेस्ट्री शॉप 'फ्रेंच लफ' में भी खाद्य अधिकारियों की टीम ने दबिश दी। जांच के दौरान दुकान में मौजूद बेकरी उत्पादों की गुणवत्ता परखी गई और केक के विभिन्न सैंपल एकत्र किए गए।
एकत्रित किए गए सभी सैंपलों को आगे की विस्तृत रासायनिक जांच और माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्टिंग के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लैब टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी प्रकार की मिलावट या मानक उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, दुर्गा पूजा की वजह से पश्चिम बंगाल के अन्य जिलों में भी ऐसे ही औचक निरीक्षण अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।
दुर्गा पूजा से पहले बढ़ी सतर्कता और 2018 का शव-मांस कांड
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का त्योहार करीब एक महीने बाद शुरू होने वाला है। पूजा के दौरान राज्य भर के रेस्टोरेंट, बेकरी और स्ट्रीट फूड स्टॉलों पर स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों की अभूतपूर्व भीड़ जुटती है। खाद्य पदार्थों की भारी खपत को ध्यान में रखते हुए मिलावटखोरों और लापरवाही बरतने वाले व्यापारियों पर नकेल कसना अनिवार्य हो गया है।
कोलकाता में हालिया प्रशासनिक कार्रवाइयों ने साल 2018 के चर्चित शव-मांस कांड की कड़वी यादें भी ताजा कर दी हैं। उस समय यह गंभीर खुलासा हुआ था कि डंपिंग यार्डों और कसाईखानों से फेंके गए मृत जानवरों का मांस इकट्ठा करके उसे प्रसंस्कृत किया जाता था और फिर कोलकाता व आसपास के जिलों के कई नामचीन रेस्टोरेंटों में सप्लाई किया जाता था। उस कांड के बाद से ही त्योहारों के समय मांस और खाद्य उत्पादों के रखरखाव पर प्रशासन की बेहद कड़ी नजर रहती है।
राज्यव्यापी फूड सेफ्टी वीक और मिलावट पर ज़ीरो टॉलरेंस
वर्तमान में जारी कार्रवाई के बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 1 से 8 सितंबर तक पूरे राज्य में खाद्य सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ किया है। इस विशेष जागरूकता और प्रवर्तन अभियान की शुरुआत कोलकाता के ऐतिहासिक हॉग मार्केट यानी न्यू मार्केट क्षेत्र से की गई। अभियान के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने खाद्य सामग्री में मिलावट करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या व्यापारी को बख्शा नहीं जाएगा। इसी तरह की सख्त कार्रवाइयां अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिली हैं, जैसे हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले में एक नकली दूध फैक्ट्री पर छापा मारकर 14,500 लीटर मिलावटी दूध जब्त किया गया था। वहीं नवी मुंबई में भी खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस ने एक्सपायरी डेट में हेरफेरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 75 लाख रुपये मूल्य का खाद्य स्टॉक जब्त किया था। प्रशासन का कहना है कि आगामी हफ्तों में यह मुहीम और तेज़ होगी।



















