पश्चिम बंगाल के झारग्राम जिले में भ्रष्टाचार विरोधी तंत्र ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राज्य की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) की टीम ने जामबनी ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस (BDO ऑफिस) में तैनात एक सब-असिस्टेंट इंजीनियर को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही धर दबोचा। आरोपी अधिकारी की पहचान बिमल साहा के रूप में हुई है। इस गिरफ्तारी के बाद से झारग्राम के प्रशासनिक गलियारों और सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।
सब-हेल्थ सेंटर के बिल भुगतान के लिए मांगी गई थी घूस
मामले से जुड़े घटनाक्रम के अनुसार, जामबनी BDO कार्यालय में कार्यरत सब-असिस्टेंट इंजीनियर बिमल साहा एक निर्माण परियोजना के पेंडिंग बिल को क्लियर करने के मामले में फंसा है। क्षेत्र में एक सब-हेल्थ सेंटर के निर्माण का काम पहले ही पूरी सफलता के साथ संपन्न हो चुका था। इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य करने वाले सब-कॉन्ट्रैक्टर का काफी समय से बकाया भुगतान अटका हुआ था। आरोप है कि अटका हुआ बिल पास करने और कागजी फाइल को आगे बढ़ाने के बदले बिमल साहा ने सब-कॉन्ट्रैक्टर से 2 लाख रुपये की अवैध रकम की मांग की थी।
एंटी करप्शन ब्रांच की सटीक रणनीति और रेड
सरकारी दफ्तर में रिश्वतखोरी की इस मांग से परेशान होकर पीड़ित सब-कॉन्ट्रैक्टर ने बिना देर किए एंटी करप्शन ब्रांच के पास जाकर आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत की पुष्टि होने के पश्चात ACB के अधिकारियों ने घूसखोर इंजीनियर को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित योजना बनाई। तय योजना के तहत, गुरुवार की शाम को शिकायतकर्ता सब-कॉन्ट्रैक्टर इंजीनियर बिमल साहा को पैसे देने के लिए निर्धारित स्थान पर पहुंचा। जैसे ही बिमल साहा ने अपने हाथों में 2 लाख रुपये की नकदी ली, आसपास पहले से जाल बिछाकर मौजूद ACB की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। टीम ने आरोपी के कब्जे से 2 लाख रुपये की पूरी नकद राशि भी बरामद कर ली।
साजिश में अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच
रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद ACB के अधिकारी आरोपी सब-असिस्टेंट इंजीनियर बिमल साहा को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रहे हैं। जांच एजेंसी इस पहलू की भी बारीकी से पड़ताल कर रही है कि भ्रष्टाचार के इस मामले में केवल बिमल साहा अकेला शामिल था या फिर BDO कार्यालय के किसी उच्च पदस्थ अधिकारी अथवा अन्य कर्मचारियों की भी इसमें संलिप्तता थी। इस सफल कार्रवाई के बाद क्षेत्र के ठेकेदारों और आम नागरिकों के बीच यह संदेश गया है कि रिश्वतखोरी के खिलाफ कड़ा प्रशासनिक रुख अपनाया जा रहा है।



















