पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर दुर्गापुर में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने एक स्थानीय निवासी के घर पर अचानक छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई दुर्गापुर के मेन गेट के करीब स्थित न्यू स्टील पार्क क्षेत्र में की गई, जहां सुबह-सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों की गाड़ियां पहुंचीं। इस अचानक हुई कार्रवाई के कारण पूरे इलाके में हलचल बढ़ गई और आसपास रहने वाले लोग यह जानने के लिए उत्सुक हो गए कि आखिर यह कदम किस सिलसिले में उठाया गया है।
सुबह सात बजे सुरक्षा घेरे में लिया गया पूरा परिसर
अधिकारियों की टीम सोमवार सुबह लगभग 7 बजे न्यू स्टील पार्क इलाके में पहुंची। जांच प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए 6 अधिकारियों को शामिल करते हुए दो अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं। टीम के पहुंचते ही पूरे घर को चारों तरफ से सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और इलाके में सुरक्षा के सख्त इंतजाम कर दिए गए, ताकि तलाशी प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार अपनी नजर बनाए हुए थे।
बिहार के रहने वाले संदिग्ध की विदेश यात्राओं का रिकॉर्ड
जिस मकान में यह तलाशी अभियान चलाया गया, वह गुलाम जामा नाम के व्यक्ति का है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक, गुलाम जामा मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का रहने वाला है। वह लगभग तीन साल पहले दुर्गापुर आया था और यहां न्यू स्टील पार्क इलाके में अपना मकान बनाकर रहने लगा था। वह इस घर में अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ रहता है। इसके अलावा, उसके पेशेवर इतिहास के बारे में पता चला है कि वह पूर्व में सऊदी अरब सहित कई अन्य विदेशी देशों में भी काम कर चुका है।
जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल इस बात की कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है कि यह तलाशी अभियान किस विशेष मामले या जांच से जुड़ा हुआ है। केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता और जांच की निष्पक्षता बनाए रखने का हवाला देते हुए इस विषय पर मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। एनआईए की ओर से अभी तक यह भी साफ नहीं किया गया है कि छापेमारी के दौरान घर से क्या-क्या दस्तावेज या सामग्रियां बरामद हुई हैं और मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।



















