एक बड़ा हवाई हादसा टलते-टलते बचा, जब श्रीलंका से ऑस्ट्रेलिया जा रहा एक यात्री विमान बीच आसमान में बिजली की चपेट में आ गया। श्रीलंकन एयरलाइंस का यह प्लेन कोलंबो से सिडनी के लिए रवाना हुआ था, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद आसमान में हुई इस घटना ने विमान में सवार सभी लोगों की सांसें थाम दीं। राहत की बात यह रही कि पायलट और क्रू की समझदारी से प्लेन को सुरक्षित वापस कोलंबो एयरपोर्ट पर उतार लिया गया और इसमें सवार सभी 207 यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रहे।
उड़ान के दौरान अचानक आई आफत
विमान कोलंबो से सिडनी की ओर बढ़ रहा था, तभी अचानक उस पर बिजली गिरी। टकराव इतना जोरदार था कि अगले ही पल यात्रियों को एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। कई यात्रियों ने बताया कि उन्होंने प्लेन के बाएं इंजन के पास से चिंगारियां निकलती हुई भी देखीं। इस अप्रत्याशित घटना से केबिन के अंदर अफरा-तफरी मच गई और किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है।
क्रू की सूझबूझ ने संभाला हालात
घबराहट के इस माहौल में क्रू मेंबर्स ने मोर्चा संभाला और यात्रियों को किसी तरह शांत करने में सफल रहे। इसी दौरान पायलट ने एहतियात बरतते हुए विमान को आगे ले जाने के बजाय वापस कोलंबो लौटाने का फैसला किया। इसके बाद प्लेन ने कोलंबो एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग की।
जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच
लैंडिंग के बाद जब तकनीकी टीम ने विमान की जांच शुरू की, तो हैरान करने वाली बात सामने आई। पता चला कि इंजन के एग्जॉस्ट नोजल का एक बड़ा हिस्सा गायब था, यानी विमान का यह भाग टूटकर अलग हो चुका था। माना जा रहा है कि बिजली गिरने की वजह से ही यह हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ और प्लेन से अलग हो गया।
सभी सुरक्षित, विमान की विस्तृत जांच जारी
एयरलाइन ने साफ किया है कि सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है। बाद में यात्रियों को उनकी आगे की यात्रा के लिए दूसरी फ्लाइट उपलब्ध करा दी गई। फिलहाल हादसे का शिकार हुए इस विमान को विस्तृत जांच के लिए रोक दिया गया है। विशेषज्ञ इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि महज बिजली गिरने से इंजन को इतना गंभीर नुकसान आखिर कैसे पहुंचा। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस घटना की असली वजह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।













