पाकिस्तान से अपनी स्वतंत्रता का दावा करने वाले संगठन रिपब्लिक ऑफ बलोचिस्तान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और उसके प्रमुख एलन मस्क से अपने वैश्विक प्रतिनिधि मीर यार बलोच के सस्पेंड किए गए X अकाउंट को तत्काल बहाल करने का आग्रह किया है। संगठन के आधिकारिक विवरण के अनुसार, 25 अगस्त 2026 की रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने मीर यार बलोच के मुख्य हैंडल (@miryar_baloch) को ब्लॉक कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद संगठन ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए इंटरनेट उपयोगकर्ताओं से उनके वैकल्पिक हैंडल के माध्यम से जुड़ने का आह्वान किया है।
पाकिस्तानी साइबर समूहों पर अकाउंट बंद कराने का आरोप
संगठन द्वारा जारी एक विस्तृत वक्तव्य में दावा किया गया कि यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित ऑनलाइन अभियान है। रिपब्लिक ऑफ बलोचिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना, उसकी गुप्तचर संस्था इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (DG ISPR) से जुड़े डिजिटल तंत्र पिछले दो वर्षों से इस सोशल मीडिया अकाउंट को निशाना बना रहे थे। संगठन के अनुसार, पाकिस्तानी साइबर समूहों ने बड़े पैमाने पर अकाउंट की रिपोर्टिंग की, जिसके परिणामस्वरूप प्लेटफ़ॉर्म ने इसे ब्लॉक कर दिया। हालांकि, X प्लेटफॉर्म की ओर से इस सस्पेंशन के तकनीकी या नीतिगत कारणों की कोई स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की गई है।
मानवाधिकार गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय निकायों का संदर्भ
बयान में स्पष्ट किया गया है कि मीर यार बलोच पिछले लंबे समय से बलोचिस्तान के भीतर चल रहे घटनाक्रम, राजनीतिक परिस्थितियों और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों को वैश्विक स्तर पर उठाते रहे हैं। संगठन का कहना है कि उनकी गतिविधियां पूरी तरह से शांतिपूर्ण, कूटनीतिक और कानूनी दायरे में रही हैं। इसके बावजूद, पाकिस्तान सरकार और उसके प्रशासनिक संस्थान इस बात से असहज थे कि बलोचिस्तान की स्थिति से जुड़ी जानकारी अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक लगातार पहुंच रही थी। वक्तव्य में संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC), अफ्रीकी संघ और आसियान (ASEAN) देशों जैसे प्रमुख वैश्विक संगठनों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि बलोच आवाज को दबाने के लिए यह साइबर घेराबंदी की गई है।
गंभीर आरोपों के बीच बैकअप अकाउंट की अपील
अकाउंट ब्लॉक होने के तुरंत बाद मीर यार बलोच ने सभी समर्थकों और अंतरराष्ट्रीय फॉलोअर्स से X पर उपलब्ध उनके बैकअप अकाउंट (@miryarbaloch_) के माध्यम से जुड़े रहने की अपील की। संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तानी सैन्य बलों और DG ISPR से जुड़े तंत्र ने बलोच नागरिकों के खिलाफ सैन्य कार्रवाइयों को अंजाम दिया है। बयान में दावा किया गया कि 50,000 बलोच लोगों को हिरासत या बंधक बनाकर रखा गया है और क्षेत्र के खरबों डॉलर के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण किया जा रहा है। हालांकि, इन भारी-भरकम राजनीतिक और सैन्य आरोपों की निष्पक्ष या स्वतंत्र जांच संस्थाओं द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
भविष्य की योजनाएं और टेलीविजन चैनल की घोषणा
रिपब्लिक ऑफ बलोचिस्तान ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया अकाउंट्स पर किसी भी तरह के प्रतिबंध या डिजिटल रुकावटों से उनकी आवाज को बंद नहीं किया जा सकेगा। संगठन ने मीर यार बलोच को बलोचिस्तान की लगभग 6 करोड़ की आबादी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि वे इस तरह के दबावों के सामने झुकने वाले नहीं हैं। अपनी सूचना रणनीति को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से संगठन ने यह भी घोषणा की है कि वे जल्द ही अपना एक स्वतंत्र मीडिया माध्यम 'बलोचिस्तान नेशनल टेलीविजन चैनल' (Balochistan National Television Channel) शुरू करेंगे। इस नए टीवी चैनल के माध्यम से बलोचिस्तान के मुद्दों और क्षेत्रीय कहानियों को बिना किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के सीधे दुनिया के सामने रखा जाएगा।





















