चिल्ली के सुरक्षा बलों ने उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है जिसे सैन्य शासक अगस्टो पिनोचेट के शासनकाल के दौरान लोकप्रिय लोक गायक विक्टर जारा के अपहरण और हत्या के जुर्म में दोषी ठहराया गया था। यह मामला दशकों पुराना है लेकिन इसके दोषियों के खिलाफ कानून का शिकंजा कसने का सिलसिला अभी भी जारी है। अधिकारियों के मुताबिक वांछित चल रहे नेल्सन हासे को शनिवार को देश के दक्षिणी इलाके से पुलिस ने ढूंढ निकाला और अपनी हिरासत में ले लिया।
हत्या और अपहरण की सजा
नेल्सन हासे उन सैन्य अधिकारियों के समूह में शामिल था जिन्हें उस भीषण हत्याकांड के लिए जेल की सजा सुनाई गई थी जो 1973 में तख्तापलट के ठीक पांच दिन बाद अंजाम दिया गया था। उस तख्तापलट के जरिए ही अगस्टो पिनोचेट सत्ता की बागडोर अपने हाथ में लेने में कामयाब हुआ था। लंबी कानूनी लड़ाई और पांच साल की अपीलों के दौर के बाद देश के सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अंतिम फैसला सुनाया था। अदालत ने नेल्सन हासे को हत्या के जुर्म में 15 साल और अपहरण के जुर्म में 10 साल यानी कुल 25 साल की जेल की सजा भुगतने का आदेश दिया था।
फरार होने के बाद गिरफ्तारी
जब अगस्त 2023 में अदालत की तरफ से सजा का औपचारिक ऐलान किया गया था, तब नेल्सन हासे मौके से फरार हो गया था। उस समय वह 80 साल का था और उसने स्वेच्छा से अपनी सजा भुगतने के लिए आत्मसमर्पण नहीं किया था। वह लगभग तीन साल तक कानून की पकड़ से छिपता फिर रहा था। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस एजेंटों ने उसे राजधानी सैंटियागो से 950 किलोमीटर यानी 590 मील दक्षिण में स्थित लॉस लागोस क्षेत्र के पुयेहुए कस्बे से शनिवार के रोज धर दबोचा।
गायक विक्टर जारा की बेरहमी
विक्टर जारा को 1960 और 1970 के दशक में उनके शांतिवादी और सरकार विरोधी प्रोटेस्ट गीतों के लिए पूरी दुनिया में खासी लोकप्रियता हासिल थी। उन्होंने सत्ता से बेदखल किए गए समाजवादी राष्ट्रपति साल्वाडोर अलेंदे का खुलकर समर्थन किया था। तख्तापलट के तुरंत बाद जिन करीब 5,000 लोगों को गिरफ्तार करके राजधानी के एक खेल स्टेडियम में कैद किया गया था, विक्टर जारा भी उन्हीं में से एक बदनसीब इंसान थे। स्टेडियम के भीतर उन्हें भीषण यातनाएं दी गईं और बाद में उन्हें 44 गोलियां मारकर छलनी कर दिया गया।
भयानक अत्याचार की दास्तान
सैन्य हिरासत की उस नृशंस त्रासदी से जिंदा बच निकलने वाले लोगों ने बाद में अपनी आपबीती सुनाई थी कि किस तरह उस लोकप्रिय गायक को टॉर्चर किया गया था। सैनिकों ने बेरहमी से उनकी उंगलियां कुचल दी थीं और ताना मारा था कि अब वह जिंदगी में कभी अपना गिटार नहीं बजा सकेंगे। यह वीभत्स मामला इस बात का सबसे मुखर और डरावना उदाहरण माना जाता है कि पिनोचेट की तानाशाही अपने विरोधियों से किस क्रूरता के साथ निपटा करती थी।
दोषियों का खौफनाक अंजाम
उस 17 साल लंबे तानाशाही शासनकाल के दौरान हजारों की संख्या में लोगों को यातनाएं दी गईं, मौत के घाट उतार दिया गया या फिर वे हमेशा के लिए गायब हो गए। इस मामले में कुल सात लोगों को हत्या का दोषी करार दिया गया था। इनमें से एक अन्य दोषी जनरल हेरनान चाकॉन ने उस वक्त आत्महत्या कर ली थी जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पहुंची थी। बाकी बचे पांच अन्य दोषी इस समय सलाखों के पीछे अपनी सजा काट रहे हैं।



















