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एससीओ शिखर सम्मेलन में बेलारूस के राष्ट्रपति ने भारत को चुना तीन प्रमुख महाशक्तियों में, शहबाज शरीफ भी थे मौजूददुनिया
2 सित॰ 2026, 8:49 am (1 दिन पहले)· 2

एससीओ शिखर सम्मेलन में बेलारूस के राष्ट्रपति ने भारत को चुना तीन प्रमुख महाशक्तियों में, शहबाज शरीफ भी थे मौजूद

बिश्केक में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने भारत, चीन और रूस को संगठन के तीन सबसे शक्तिशाली राष्ट्र करार दिया। इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे।

बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में वैश्विक कूटनीति का एक महत्वपूर्ण दृश्य देखने को मिला। मंच पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी के बीच बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि इस संगठन के भीतर तीन बेहद प्रभावशाली देश मौजूद हैं। उन्होंने भारत, चीन और रूस को सबसे ताकतवर राष्ट्रों की श्रेणी में रखा।

तीन प्रमुख देशों की पहचान

सम्मेलन को संबोधित करते हुए अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने स्पष्ट किया कि संगठन में सभी सदस्य देश भले ही समान दर्जा रखते हों, लेकिन व्यावहारिक धरातल पर तीन देश सबसे अलग और मजबूत स्थिति में हैं। उन्होंने पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना, भारत और रशियन फेडरेशन का विशेष रूप से उल्लेख किया। यह वक्तव्य उस समय आया जब सम्मेलन कक्ष में क्षेत्र के कई प्रमुख नेता उपस्थित थे।

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आर्थिक और रणनीतिक ताकत

बेलारूस के राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में इन तीनों राष्ट्रों की खासियतों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये तीनों देश आर्थिक रूप से बेहद सक्षम हैं, प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध हैं और परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र हैं। लुकाशेंको के अनुसार, इन तीनों देशों की मौजूदगी से इस क्षेत्रीय मंच का वैश्विक वजन काफी बढ़ जाता है।

क्षेत्रीय कूटनीति के मायने

यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि खुले मंच पर पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व के सामने भारत की शक्ति और वैश्विक स्थिति की सराहना होना कूटनीतिक दृष्टिकोण से काफी अहम है। इस बयान ने सम्मेलन में मौजूद अन्य सदस्य देशों का ध्यान भी आकर्षित किया।

सवाल-जवाब

यह बयान किस स्थान और अवसर पर दिया गया?
यह बयान बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन के दौरान दिया गया।
बेलारूस के राष्ट्रपति ने किन तीन देशों को सबसे ताकतवर बताया?
अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने भारत, चीन और रूस को सबसे ताकतवर देश बताया।
जब यह घोषणा हुई तब कौन से पाकिस्तानी नेता वहां मौजूद थे?
उस समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सम्मेलन कक्ष में मौजूद थे।
इन तीन देशों को ताकतवर बताने के क्या मुख्य कारण दिए गए?
बेलारूस के राष्ट्रपति के अनुसार, ये तीनों देश आर्थिक रूप से सक्षम, प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध और परमाणु शक्ति संपन्न हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·1 दिन पहले

अलेक्जेंडर लुकाशेंको का यह बयान यूरेशियाई कूटनीति में बदलते समीकरणों का स्पष्ट संकेत है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मौजूदगी में भारत, रूस और चीन को प्रमुख महाशक्ति बताना यह दर्शाता है कि क्षेत्रीय मंचों पर अब नई दिल्ली के रणनीतिक और आर्थिक वजन को पूरी तरह स्वीकार किया जा रहा है। ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु संपन्नता और विशाल बाजारों के इस दौर में शंघाई सहयोग संगठन के भीतर त्रिपक्षीय धुरी का उभरना वैश्विक भू-राजनीति को एक नई दिशा दे रहा है, जो आने वाले समय में कूटनीतिक गठजोड़ और व्यापारिक समझौतों को गहराई से प्रभावित करेगा।

Li Wei@li-wei·1 दिन पहले

ओमर अल मंसूरी के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, लुकाशेंको का यह वक्तव्य ब्रिक्स और एससीओ जैसे बहुपक्षीय मंचों पर यूरेशियाई राज्यों की बढ़ती रणनीतिक स्वायत्तता को भी रेखांकित करता है। पश्चिमी प्रतिबंधों के दबाव वाले इस दौर में, मास्को, बीजिंग और नई दिल्ली के बीच यह अनौपचारिक और व्यावहारिक तालमेल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा वास्तुकला को पुनर्जीवित करने में एक उत्प्रेरक की भूमिका निभा सकता है।

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