बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में वैश्विक कूटनीति का एक महत्वपूर्ण दृश्य देखने को मिला। मंच पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी के बीच बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि इस संगठन के भीतर तीन बेहद प्रभावशाली देश मौजूद हैं। उन्होंने भारत, चीन और रूस को सबसे ताकतवर राष्ट्रों की श्रेणी में रखा।
तीन प्रमुख देशों की पहचान
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने स्पष्ट किया कि संगठन में सभी सदस्य देश भले ही समान दर्जा रखते हों, लेकिन व्यावहारिक धरातल पर तीन देश सबसे अलग और मजबूत स्थिति में हैं। उन्होंने पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना, भारत और रशियन फेडरेशन का विशेष रूप से उल्लेख किया। यह वक्तव्य उस समय आया जब सम्मेलन कक्ष में क्षेत्र के कई प्रमुख नेता उपस्थित थे।
आर्थिक और रणनीतिक ताकत
बेलारूस के राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में इन तीनों राष्ट्रों की खासियतों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये तीनों देश आर्थिक रूप से बेहद सक्षम हैं, प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध हैं और परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र हैं। लुकाशेंको के अनुसार, इन तीनों देशों की मौजूदगी से इस क्षेत्रीय मंच का वैश्विक वजन काफी बढ़ जाता है।
क्षेत्रीय कूटनीति के मायने
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि खुले मंच पर पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व के सामने भारत की शक्ति और वैश्विक स्थिति की सराहना होना कूटनीतिक दृष्टिकोण से काफी अहम है। इस बयान ने सम्मेलन में मौजूद अन्य सदस्य देशों का ध्यान भी आकर्षित किया।





















