वॉशिंगटन: ईरान के साथ अमेरिका की सैन्य भिड़ंत को छठा महीना शुरू हो गया है और इस पूरी अवधि में प्रभावित हुए अमेरिकी सैनिकों का कुल आंकड़ा 774 के पार जा पहुंचा है। पेंटागन की ओर से जारी किए गए ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 774 अमेरिकी सैन्यकर्मी इस संघर्ष की चपेट में आए हैं, जिनमें से 18 सैनिकों की जान जा चुकी है जबकि 756 जवान घायल बताए गए हैं। अमेरिकी अखबार 'द वॉशिंगटन पोस्ट' ने शुक्रवार को पेंटागन के कैजुअल्टी रिकॉर्ड्स के हवाले से इन आंकड़ों को सार्वजनिक किया है। रिपोर्ट के अनुसार, हालिया दिनों में रक्षा मंत्रालय ने घायल सैनिकों की इस लंबी सूची में बड़ी संख्या में नए नाम शामिल किए हैं, जिससे कुल संख्या में यह इजाफा दर्ज हुआ है।
घायल सैनिकों के आंकड़ों में हालिया बढ़ोतरी की वजह
दिलचस्प पहलू यह है कि पिछले कुछ हफ़्तों से दोनों देशों के बीच किसी बड़े स्तर पर जंग या गोलाबारी नहीं हुई है और दोनों पक्ष लगभग युद्धविराम की स्थिति में बने हुए हैं, ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि घायलों के आंकड़े अचानक क्यों बढ़ गए हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, हाल ही में सूची में जोड़े गए कुछ मामले ऐसे सैनिकों से ताल्लुक रखते हैं जिनकी चोटें बहुत पहले ही सैन्य चिकित्सा प्रणाली में दर्ज कर ली गई थीं, लेकिन उनका आधिकारिक इंदराज पेंटागन के मुख्य हताहत डेटाबेस में काफी बाद में अपडेट होकर सामने आया। इसका सीधा मतलब यह है कि घायलों की संख्या में अचानक आई इस तेजी का यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि हाल के दिनों में कोई नए बड़े हमले हुए हैं, बल्कि यह चोटों के दर्ज होने और आधिकारिक डेटाबेस में दिखने के बीच की प्रशासनिक देरी को दर्शाता है।
युद्धविराम की समयसीमा समाप्त, पर मोर्चे पर शांति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून के महीने में ईरान के साथ मिलकर जो 14 सूत्री समझौता ज्ञापन तैयार किया था, उसके तहत तय युद्धविराम की मियाद को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था। परिणामस्वरूप, यह संघर्षविराम समझौता सोमवार को समाप्त हो गया। इसके बावजूद, इस अवधि के बीत जाने के बाद भी दोनों देशों के बीच दोबारा किसी बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत नहीं हुई है। हालांकि, अमेरिका और तेहरान के बीच तनातनी का माहौल पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और सामरिक रूप से बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी दोनों के बीच मुख्य विवाद का बिंदु बना हुआ है। इस बीच, सीएनएन ने बुधवार को अपनी एक रिपोर्ट में साझा किया था कि घायल अमेरिकी सैनिकों का आंकड़ा 750 के आंकड़े को पार कर चुका है।
फरवरी के अंत से अब तक 18 सैनिकों की मौत
सीएनएन की रिपोर्ट बताती है कि पेंटागन के डिफेंस कैजुअल्टी एनालिसिस सिस्टम यानी डीसीएएस के आंकड़ों का अध्ययन करने पर पता चलता है कि 28 फरवरी को जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ इस सैन्य अभियान का आगाज़ किया था, तब से लेकर अब तक कुल 18 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने पिछले महीने ही डीसीएएस के भीतर 'ओवरसीज ऑपरेशंस' नाम से एक नई कैटेगराइज़्ड सूची तैयार की है। इस नई श्रेणी में 7 जुलाई के बाद से हताहत हुए और घायल हुए तमाम सैन्यकर्मियों के आंकड़ों को समाहित किया गया है।
पेंटागन की डेटा प्रकिया पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
हालांकि पेंटागन की ओर से इस नई श्रेणी के बारे में बहुत अधिक स्पष्ट विवरण साझा नहीं किया गया है और यह बात भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है कि इसमें दर्ज नुकसान किस विशिष्ट संघर्ष से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद 7 जुलाई की तारीख बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसी खास दिन पर ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को 'वार पावर्स एक्ट' के प्रावधानों के तहत एक औपचारिक सूचना भेजी थी, जिसमें ईरान के साथ एक नई जंग छिड़ने की बात कही गई थी। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए जाने वाले इन हताहत आंकड़ों की विश्वसनीयता पर पिछले कुछ हफ़्तों के दौरान लगातार सवाल भी खड़े किए जाते रहे हैं, क्योंकि ईरानी हमले जारी रहने के बावजूद एक वक्त ऐसा भी आया था जब डेटाबेस में हताहतों के आंकड़े अचानक कम दर्ज होने लगे थे।
ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का सकारात्मक बयान
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ चल रहे वर्तमान हालात को लेकर काफी सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति 'अभी बहुत अच्छी' दिशा में है। हालांकि, कूटनीतिक मोर्चे पर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सीधी बातचीत का सिलसिला इस समय पूरी तरह थमा हुआ है। इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव में कोई कमी नहीं आई है। यह जलमार्ग दुनिया भर की तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और अमेरिका-ईरान विवाद का केंद्र बिंदु बना हुआ है। हाल ही में दोनों देशों ने होर्मुज क्षेत्र पर अपना-अपना दावा ठोकते हुए एक-दूसरे के खिलाफ तीखे बयान जारी किए थे।





















