अमेरिकी चुनाव 2028: चुनावी नतीजों को नकारने वाले कई रिपब्लिकन नेता अटॉर्नी जनरल की दौड़ में शामिलफीफा अंडर-15 विश्व कप में अफगानिस्तान से हारा भारत, अब कजाकिस्तान से टक्करकक्षा में दांव-पेंच और लंबी उड़ान से चौकन्ना हुआ वॉशिंगटन, ड्रैगन के गुप्त स्पेसप्लेन की पहली स्पष्ट झलक आई सामनेआर्मेनिया की संसद में चुनावी वादे पर भिड़े नेता, लाइव प्रसारण के दौरान चले लात-घूंसे और फटे कपड़ेफर्जी हेल्थ कैंप के बहाने ग्रामीणों के आधार जुटाकर ई-सिम रैकेट चलाने वाले दो जालसाज मथुरा से पकड़े गएचीन के रहस्यमयी स्पेसप्लेन की तस्वीर ने खोली गुप्त अंतरिक्ष अभियानों की पोल, अमेरिकी रक्षा रिपोर्ट में बड़े खुलासेगुवाहाटी के ओडीआईएन एक्सपीरियंसेज ने जीता पूर्वी भारत के सर्वश्रेष्ठ नाइटक्लब का राष्ट्रीय खिताबभागलपुर के 12वीं के छात्र प्रिंस का पंचक सिलाट में अंतरराष्ट्रीय चयन, 33 देशों के मुकाबले में उतरेंगेउत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा की शहर पर्ची जारी, जानिए तारीखें और डाउनलोड प्रक्रियाऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में बैंक की चूक पर ग्राहकों को पूरा हर्जाना मिले: शीर्ष अदालत
कोरियाई प्रायद्वीप में फिर बढ़ा तनाव, उत्तर कोरिया ने तीन घंटे के अंतराल में दागे दो प्रक्षेप्यदुनिया
20 सित॰ 2026, 4:37 pm (40 दिन पहले)· 2

कोरियाई प्रायद्वीप में फिर बढ़ा तनाव, उत्तर कोरिया ने तीन घंटे के अंतराल में दागे दो प्रक्षेप्य

उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से तीन घंटे के भीतर दो मिसाइलें दागकर सैन्य हलचल तेज कर दी है, जिसमें से पहली मिसाइल कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल आंकी गई है।

कोरियाई प्रायद्वीप में एक बार फिर रणनीतिक हलचल तेज हो गई है, जब रविवार को उत्तर कोरिया की ओर से कुछ ही घंटों के अंतराल पर दो अलग-अलग मिसाइल प्रक्षेपण किए गए। पहला परीक्षण देश के पूर्वी तटीय क्षेत्र वॉनसान से दोपहर करीब 3 बजे किया गया। यह प्रक्षेप्य हवा में उड़ान भरते हुए लगभग 450 किलोमीटर की दूरी तय करने में सफल रहा। इस घटनाक्रम के ठीक तीन घंटे बीतने के बाद प्योंगयांग ने एक और अज्ञात प्रक्षेप्य दागकर क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया।

ह्वासोंग-11 श्रृंखला की मिसाइल होने का अनुमान

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार, पहले दागा गया हथियार कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) श्रेणी का था। इसे पूर्वी सागर की दिशा में प्रक्षेपित किया गया था। दक्षिण कोरियाई सैन्य प्रतिष्ठान का आकलन है कि यह परीक्षण उत्तर कोरिया के ह्वासोंग-11 मिसाइल परिवार का हिस्सा हो सकता है। बैलिस्टिक हथियार प्रणाली अत्यधिक तीव्र गति से वायुमंडल के ऊपरी हिस्से की ओर अग्रसर होती है और फिर गुरुत्वाकर्षण व पूर्व निर्धारित प्रक्षेपवक्र के सहारे अपने लक्षित बिंदु की ओर नीचे आती है। सामरिक दृष्टि से ऐसी कम दूरी की प्रणालियों का प्राथमिक उद्देश्य निकटवर्ती सैन्य ठिकानों और संवेदनशील रणनीतिक ठिकानों पर त्वरित प्रहार करना होता है।

ये भी पढ़ें

जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र से बाहर गिरा प्रक्षेप्य

जापान के रक्षा तंत्र ने भी इस परीक्षण की पुष्टि की है और इसे बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में वर्गीकृत किया है। टोक्यो के आधिकारिक बयानों के अनुसार, लगभग 450 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सीमा के बाहर समुद्र में जाकर गिरी। इस प्रक्षेपण से समुद्री अथवा हवाई यातायात को किसी नुकसान की बात सामने नहीं आई है, हालांकि क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी घटना पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

तीन घंटे बाद दूसरा अज्ञात प्रक्षेपण और संयुक्त निगरानी

पहले परीक्षण के महज तीन घंटे बाद उत्तर कोरिया ने अपने शस्त्रागार से एक और प्रक्षेप्य दागा। इस दूसरे प्रक्षेपण के संबंध में शुरुआती चरण में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि दागी गई प्रणाली किस वर्ग की थी और उसने कुल कितनी दूरी तय की। यदि विस्तृत तकनीकी विश्लेषण में यह दूसरा हथियार भी बैलिस्टिक मिसाइल साबित होता है, तो यह इतने संक्षिप्त समय में दोहरी बैलिस्टिक क्षमता का सीधा प्रदर्शन माना जाएगा। इस पूरे सैन्य घटनाक्रम पर दक्षिण कोरिया और अमेरिका की संयुक्त निगरानी टीमें लगातार नजर रख रही थीं, साथ ही संबंधित सामरिक जानकारियों को जापान के सुरक्षा अधिकारियों के साथ भी तुरंत साझा किया गया।

सवाल-जवाब

उत्तर कोरिया ने पहला परीक्षण किस समय और कहां से किया?
उत्तर कोरिया ने पहली मिसाइल रविवार दोपहर करीब 3 बजे अपने पूर्वी तट पर स्थित वॉनसान इलाके से दागी।
पहली मिसाइल ने कितनी दूरी तय की?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, पहली मिसाइल ने लगभग 450 किलोमीटर की दूरी तय की।
दक्षिण कोरियाई सेना ने किस मिसाइल के इस्तेमाल की आशंका जताई है?
दक्षिण कोरियाई रक्षा अधिकारियों का अनुमान है कि यह कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल उत्तर कोरिया की ह्वासोंग-11 श्रृंखला की हो सकती है।
क्या मिसाइल जापान के जलक्षेत्र में गिरी?
जापानी अधिकारियों के अनुसार, मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) से बाहर समुद्र में जाकर गिरी।
दूसरा प्रक्षेपण कब हुआ?
पहले परीक्षण के ठीक तीन घंटे बाद उत्तर कोरिया ने एक और अज्ञात प्रक्षेप्य का प्रक्षेपण किया।
इस घटनाक्रम पर किन देशों ने निगरानी रखी?
दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने इन प्रक्षेपणों की वास्तविक समय में निगरानी की और सूचनाएं जापान के साथ साझा कीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Karan Malhotra@karan-malhotra·39 दिन पहले

सार्वजनिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के नजरिए से, बिना किसी पूर्व सूचना के किए गए ये लगातार मिसाइल परीक्षण समुद्री और हवाई सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन हैं। व्यस्त समुद्री मार्गों में प्रक्षेप्य दागना सीधे तौर पर नागरिक जीवन, वाणिज्यिक जहाजों और हवाई उड़ानों के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है। मात्र तीन घंटे का अंतराल क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने और आपातकालीन प्रतिक्रिया समय को जांचने का एक सोचा-समझा प्रयास है। यह नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों और प्रतिबंधों को अधिक सख्ती से लागू करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

Rohan Verma@rohan-verma·39 दिन पहले

एक वरिष्ठ पत्रकार के रूप में, मैं इसे केवल दो सैन्य परीक्षणों के रूप में नहीं, बल्कि सामरिक शासन और रक्षा नीति के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखता हूँ। तीन घंटे के भीतर दोहरा प्रक्षेपण यह दर्शाता है कि त्वरित सैन्य तैनाती की तकनीक अब और अधिक आक्रामक हो चुकी है। वैश्विक सुरक्षा का यह बदलता समीकरण अंततः राष्ट्रीय नीति और सुरक्षा तैयारियों को प्रभावित करता है। ऐसे संवेदनशील समय में, त्वरित खुफिया जानकारी साझा करने की प्रणाली और मजबूत रक्षा बुनियादी ढांचा ही किसी भी राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा कर सकता है।

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·39 दिन पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, मैं इसे केवल मिसाइल क्षमता के प्रदर्शन के रूप में नहीं, बल्कि क्रियाशील तत्परता और त्वरित जवाबी हमले की रणनीति के रूप में देखती हूँ। तीन घंटे के भीतर दोहरा प्रक्षेपण यह साबित करता है कि अब तकनीकी परीक्षणों के बजाय वास्तविक युद्धक परिस्थितियों में त्वरित तैनाती पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। यह सैन्य बदलाव क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों में प्रतिक्रिया देने के समय को बेहद कम कर देता है। एशिया-प्रशांत और व्यापक सुरक्षा के नजरिए से, ऐसी त्वरित मारक क्षमताएं पारंपरिक मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए गंभीर चुनौती पैदा करती हैं और रणनीतिक संतुलन को अस्थिर कर सकती हैं।

Sophie Laurent@sophie-laurent·39 दिन पहले

उत्तर कोरिया द्वारा तीन घंटे के अंतराल में दोहरे प्रक्षेपण केवल तकनीकी परीक्षण नहीं, बल्कि त्वरित परिचालन तत्परता और क्षेत्रीय रक्षा प्रणालियों को परखने का प्रयास हैं। यह कदम दिखाता है कि प्योंगयांग अपनी सामरिक जवाबी क्षमता को कितनी तेजी से सक्रिय कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से, यह घटनाक्रम अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच त्रिपक्षीय रक्षा और खुफिया समन्वय को और मजबूत करने पर बल देगा। हिंद-प्रशांत में बढ़ता यह सैन्य तनाव वैश्विक अप्रसार प्रयासों और रणनीतिक स्थिरता के सामने गंभीर कूटनीतिक चुनौतियां खड़ी करता है।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·39 दिन पहले

वाशिंगटन के रणनीतिक दृष्टिकोण से, यह दोहरा प्रक्षेपण सीधे तौर पर अमेरिका की विस्तारित प्रतिरोधक क्षमता और क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना को चुनौती देता है। व्हाइट हाउस और पेंटागन के लिए यह घटनाक्रम दक्षिण कोरिया और जापान के साथ संयुक्त मिसाइल रक्षा सहयोग और वास्तविक समय के डेटा-साझाकरण तंत्र को और अधिक पुख्ता करने का आधार तैयार करता है। कोरियाई प्रायद्वीप पर बढ़ती यह अस्थिरता अमेरिकी नीति-निर्माताओं के बीच द्विदलीय चिंता का विषय बनेगी, जिससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संपत्तियों की तैनाती और कड़े कूटनीतिक दबाव की मांग और तेज होगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp