यूक्रेन की राजधानी कीव में आधी रात के बाद रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोन से ज़बरदस्त तबाही मचाई, जिसमें कम से कम 15 नागरिकों की जान चली गई और 50 से अधिक लोग जख्मी हो गए। जब शहर के निवासी गहरी नींद में थे, उसी दौरान हुए इस ताबड़तोड़ हमले को इस साल कीव पर अंजाम दिए गए सबसे खौफनाक और घातक हवाई हमलों में गिना जा रहा है।
सात इलाकों में तबाही और बंकरों में गुजरी रात
कीव के सैन्य प्रशासन ने बताया कि रूसी सेना ने इस हमले में एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइलें और विस्फोटक ड्रोन दागे। इस भारी गोलाबारी ने राजधानी के सात अलग-अलग इलाकों को अपना निशाना बनाया। धमाकों की भीषण आवाज़ों के बीच पूरे शहर में एक घंटे से भी ज़्यादा समय तक एयर रेड सायरन गूंजते रहे, जिससे घबराए हुए हज़ारों निवासियों को अपने घरों से निकलकर भूमिगत बंकरों और मेट्रो स्टेशनों में शरण लेने पर मजबूर होना पड़ा।
यह विनाशकारी हमला ऐसे समय में हुआ है जब बीते कुछ दिनों के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच हुए जवाबी हमलों में 27 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पांच साल से लगातार जारी यह युद्ध थमने या धीमा पड़ने के बजाय दिन-ब-दिन और अधिक भयावह रूप लेता जा रहा है, जिससे आम नागरिकों के जीवन पर गहरा संकट मंडरा रहा है।
मलबे में जिंदगियों की तलाश और बचाव कार्य
हमलों के तुरंत बाद यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस के बचाव कर्मी तबाही वाली जगहों पर पहुंचे। आपातकालीन सेवा के अधिकारियों ने चेतावनी दी कि दुश्मन द्वारा दोबारा हमले किए जाने की आशंका बनी हुई है, जिसके कारण बचाव दल बेहद जोखिम भरे हालात में राहत कार्य चला रहे हैं। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत टीमें लगातार काम में जुटी हुई हैं।
राजधानी के मध्य क्षेत्र के पास स्थित एक विशाल गोदाम की इमारत मिसाइल की चपेट में आने से पूरी तरह से जमींदोज हो गई। कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने जानकारी दी कि राहत टीमों ने गोदाम के मलबे से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। उन्होंने आशंका जताई कि ढही हुई कंक्रीट की संरचना के नीचे अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं। विटाली क्लिट्स्को ने टेलीग्राम पर साझा किया, "सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी हैं।" इससे पहले अपनी एक अन्य टिप्पणी में क्लिट्स्को ने कहा था कि वायु रक्षा इकाइयां आने वाली मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए सक्रिय हैं। वहीं कीव के सैन्य प्रशासन प्रमुख तैमूर टकाचेंको ने कहा कि "दुश्मन एक बार फिर कीव इलाके में बड़े पैमाने पर हमला कर रहा है।"
मिसाइल रक्षा प्रणाली की किल्लत और ट्रंप से वार्ता
यह खौफनाक हादसा यूक्रेन की हवाई सुरक्षा की चुनौतियों को उजागर करता है। इस हफ़्ते की शुरुआत में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने स्पष्ट किया था कि बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर की कमी के कारण देश के शहर असुरक्षित हो रहे हैं, और यही किल्लत रूस को आवासीय क्षेत्रों पर ऐसे जानलेवा हमले करने के लिए उकसाती है।
हवाई सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बीते 28 जुलाई को वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान उन्होंने अमेरिका से यूक्रेन में ही पैट्रियट्स मिसाइल डिफेंस सिस्टम के निर्माण के लिए आवश्यक लाइसेंस हासिल करने के उद्देश्य से कूटनीतिक पैरवी की थी, ताकि भविष्य में इस तरह की हवाई बमबारी से नागरिकों की रक्षा की जा सके।
तेज़ होता संघर्ष और मानवाधिकार संगठन की चिंता
तमाम कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति पहल अब तक धरातल पर कोई ठोस परिणाम देने में नाकाम रही है। दूसरी तरफ रूस ने हालिया हफ़्तों में कीव पर अपने मिसाइल हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है। जवाब में यूक्रेन की सेना भी रूस के भीतर स्थित बिजली संयंत्रों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर हमले कर रही है।
दोनों मुल्कों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से साफ जाहिर होता है कि फिलहाल जंग रुकने की कोई गुंजाइश नज़र नहीं आ रही है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार निगरानी दल ने निर्दोष नागरिकों की बढ़ती मौतों पर गहरी चिंता जताई है। यूएन के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर किए गए आक्रमण के बाद से आम लोगों की मौतों का आंकड़ा अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जो इस मानवीय त्रासदी की गंभीरता को बयां करता है।



















