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लंदन से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट में 24000 फीट पर तकनीकी गड़बड़ी, हीथ्रो लौटना पड़ा विमानदुनिया
23 सित॰ 2026, 5:51 pm (36 दिन पहले)· 1

लंदन से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट में 24000 फीट पर तकनीकी गड़बड़ी, हीथ्रो लौटना पड़ा विमान

हीथ्रो से नई दिल्ली के लिए उड़े इंडिगो के बोइंग 787-9 विमान में 24000 फीट की ऊंचाई पर तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद पायलटों ने 250 से अधिक यात्रियों को लेकर विमान को सुरक्षित वापस लंदन में उतारा।

ब्रिटेन की राजधानी लंदन स्थित हीथ्रो एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए इंडिगो के एक यात्री विमान को उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद वापस लौटना पड़ा। विमान में 24000 फीट की ऊंचाई पर अचानक तकनीकी समस्या पैदा हो गई थी, जिसके कारण कॉकपिट क्रू ने सफर बीच में ही रोककर लंदन की ओर मुड़ने का तत्काल निर्णय लिया। इस विमान में 250 से ज्यादा यात्री सवार थे। चालक दल ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क साधकर विमान के लिए प्राथमिकता के आधार पर लैंडिंग का प्रबंध करवाया, जिससे सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

उड़ान भरने के तुरंत बाद आसमान में रुका सफर

यह पूरा मामला 22 सितंबर की रात का है। इंडिगो की उड़ान संख्या 6E4 लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए रवाना हुई थी। यह लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय सेवा बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान के जरिए संचालित की जा रही थी। विमान ने ब्रिटिश समर टाइम के अनुसार रात करीब 8:05 बजे हीथ्रो के रनवे 27R से आसमान में उड़ान भरी थी। रनवे छोड़ने के बाद विमान सामान्य प्रक्रिया के तहत इंग्लिश चैनल की दिशा में आगे बढ़ रहा था, लेकिन कुछ ही पलों बाद विमान का ऊपर चढ़ना अचानक थम गया।

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उड़ान के आंकड़े बताते हैं कि विमान करीब 24 हजार फीट की ऊंचाई छूने के बाद आगे ऊपर नहीं जा सका और वहीं उसकी चढ़ाई रुक गई। इसी ऊंचाई पर सिस्टम में गड़बड़ी महसूस होते ही कॉकपिट में मौजूद क्रू ने आगे का सफर जारी रखने के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

7700 कोड सक्रिय कर घोषित की गई इमरजेंसी

विमान में खराबी का संकेत मिलते ही पायलटों ने तत्काल एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना दी और आपातकालीन स्थिति का औपचारिक ऐलान कर दिया। विमान के ट्रांसपोंडर पर आपात कोड 7700 सक्रिय किया गया। एविएशन क्षेत्र में इस कोड का इस्तेमाल तब किया जाता है जब विमान किसी सामान्य या गंभीर आपात स्थिति में हो और उसे एयर ट्रैफिक कंट्रोल से तुरंत प्राथमिकता वाली हैंडलिंग की दरकार हो। इसके तुरंत बाद विमान ने दिल्ली जाने का रास्ता छोड़कर वापस हीथ्रो की ओर मोड़ ले लिया।

आसमान में लगभग 78 मिनट बिताने के बाद उड़ान 6E4 वापस हीथ्रो एयरपोर्ट के रनवे 27L पर सुरक्षित रूप से लैंड कर गई। रनवे पर पहिए छूते ही विमान को मुख्य संचालन क्षेत्र से अलग एक रिमोट स्टैंड पर ले जाया गया। लैंडिंग के वक्त किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हवाई अड्डे पर आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह तैयार खड़ी थीं।

एयरलाइन का आधिकारिक बयान और तकनीकी जांच

इस घटना के बाद इंडिगो ने स्थिति स्पष्ट करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया। एयरलाइन ने बताया कि 22 सितंबर को संचालित उड़ान 6E04 में टेकऑफ के कुछ ही समय बाद तकनीकी समस्या पकड़ में आई थी। पायलटों ने मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए एहतियात के तौर पर हीथ्रो लौटने का फैसला किया। विमान की लैंडिंग पूरी तरह सुरक्षित रही और किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई।

एयरलाइन ने आगे कहा कि विमान को फिलहाल जरूरी तकनीकी जांच और रखरखाव के दौर से गुजारा जा रहा है। सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों की पड़ताल और संबंधित मंजूरियां मिलने के बाद ही इस विमान को दोबारा यात्री उड़ानों के लिए सेवा में लगाया जाएगा। एयरलाइन प्रबंधन ने जोर देकर कहा कि यात्रियों, विमान और क्रू की सुरक्षा उसके लिए सबसे अहम है।

मुसाफिरों के ठहरने और अगली यात्रा के इंतजाम

विमान के अचानक मुड़कर वापस लंदन आ जाने से दिल्ली की यात्रा कर रहे 250 से अधिक यात्रियों का कार्यक्रम गड़बड़ा गया। यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए इंडिगो ने बताया कि उनके रुकने के लिए होटल के कमरे बुक किए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें अगली उपलब्ध उड़ानों में समायोजित करके दिल्ली भेजने की व्यवस्था की जा रही है ताकि वे जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।

इंडिगो की उड़ान 6E4 लंदन हीथ्रो और दिल्ली के बीच नियमित रूप से संचालित होती है। इस विशेष उड़ान के आधिकारिक रिकॉर्ड में अब स्थिति को लंदन के लिए डायवर्ट दर्ज किया गया है। ग्राउंड क्रू और इंजीनियरिंग टीम बोइंग 787-9 के उस तकनीकी हिस्से की पड़ताल कर रहे हैं जिसकी वजह से यह आपातकालीन स्थिति बनी।

सवाल-जवाब

इंडिगो की फ्लाइट 6E4 को वापस लंदन क्यों लौटना पड़ा?
24000 फीट की ऊंचाई पर विमान में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से पायलटों ने वापस हीथ्रो लौटने का फैसला किया।
यह घटना किस तारीख और समय की है?
यह घटना 22 सितंबर की रात की है, जब विमान ने ब्रिटिश समर टाइम के अनुसार करीब 8:05 बजे हीथ्रो से उड़ान भरी थी।
विमान में कुल कितने यात्री सवार थे?
इस उड़ान में 250 से अधिक यात्री सवार बताए गए हैं, जो सभी सुरक्षित उतर गए।
विमान ने हवा में कितना समय बिताया?
फ्लाइट ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार विमान उड़ान भरने के बाद लगभग 78 मिनट तक हवा में रहा और फिर वापस हीथ्रो पर उतरा।
विमान के पायलटों ने कौन सा आपातकालीन कोड भेजा था?
पायलटों ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से तत्काल प्राथमिकता वाली लैंडिंग प्राप्त करने के लिए 7700 ट्रांसपोंडर कोड सक्रिय किया था।
यात्रियों के लिए एयरलाइन क्या वैकल्पिक प्रबंध कर रही है?
इंडिगो ने प्रभावित यात्रियों को होटलों में ठहराने और अगली उपलब्ध उड़ानों के जरिए दिल्ली भेजने की व्यवस्था की है।
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टिप्पणियाँ 5

Arjun Mehta@arjun-mehta·36 दिन पहले

24000 फीट की ऊंचाई पर जाकर विमान वापस लौटना पड़ा, सोचकर ही घबराहट होती है।

Rohan Verma@rohan-verma·36 दिन पहले

ढाई सौ से ज्यादा यात्रियों के साथ 24 हजार फीट की ऊंचाई पर ऐसा खतरा वाकई डरावना है। गनीमत रही कि पायलटों ने वक्त रहते समझदारी दिखाई और विमान को सुरक्षित वापस हीथ्रो उतार लिया, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·36 दिन पहले

रोहन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। 24 हजार फीट पर ऐसी तकनीकी खराबी डरावनी होती है, शुक्र है पायलटों ने समय पर फैसला लिया।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·36 दिन पहले

24000 फीट की ऊंचाई पर जाकर विमान का रुकना और फिर वापस लौटना सचमुच डरावना रहा होगा।

Li Wei@li-wei·36 दिन पहले

ओमर, सच कह रहे हो, 24000 फीट पर जाकर वापस लौटना वाकई दिल की धड़कनें बढ़ाने वाला रहा होगा।

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