अमेरिकी लोकतंत्र के अहम पड़ाव के तहत मंगलवार, 3 नवंबर को देश भर में मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस चुनावी मुकाबले में लाखों मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसका सीधा असर वाशिंगटन में शक्ति संतुलन पर पड़ने वाला है। यह चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की प्रशासनिक और विधायी दिशा तय करने में बेहद निर्णायक माना जा रहा है। अलग-अलग राज्यों में बने मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की कतारें देखने को मिल रही हैं, जबकि 58 मिलियन से अधिक नागरिक व्यक्तिगत तौर पर या डाक मतपत्रों के जरिए पहले ही अपना वोट दर्ज करा चुके हैं।
विभिन्न राज्यों में सुबह से मतदान केंद्रों पर पहुंचे नागरिक
देश के विस्तृत भौगोलिक फैलाव और अलग-अलग टाइम जोन के कारण मतदान कई चरणों में शुरू हो रहा है। न्यूयॉर्क, कनेक्टिकट, न्यू जर्सी, वर्जीनिया के साथ-साथ इंडियाना और केंटकी के कुछ खास इलाकों में स्थानीय समय के अनुसार सुबह 6 बजे (11:00 GMT) मतदान केंद्र खुल गए। अन्य राज्यों में तय समय सारिणी के मुताबिक मतदान प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। शुरुआती रुझानों के बीच चुनाव प्रक्रिया को सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए व्यापक प्रशासनिक इंतजाम किए गए हैं।
मतदाता सूची पर संघीय अदालत का कड़ा रुख
मतदान शुरू होने से ऐन पहले कानूनी मोर्चे पर भी एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है। एक संघीय अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ट्रंप प्रशासन चुनाव अधिकारियों को कथित तौर पर गैर-नागरिक मतदाताओं की सूची भेजने का सिलसिला तुरंत बंद करे। प्रशासन ने इससे पहले कैलिफोर्निया और वाशिंगटन जैसे राज्यों में ऐसे आंकड़े साझा किए थे। संघीय अदालत ने राज्य चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस श्रेणी के मतपत्रों को सामान्य प्रक्रिया से पूरी तरह अलग रखें ताकि किसी भी तरह की विसंगति से बचा जा सके।
वाशिंगटन, डी.सी. में स्थित अमेरिकी जिला अदालत की जज तान्या चुटकन ने सोमवार देर रात अपना अहम फैसला सुनाया। उन्होंने स्पष्ट टिप्पणी की कि मतदान के संवेदनशील समय पर इस प्रकार का डेटा प्रसारित करने से मतदाताओं और चुनाव अधिकारियों दोनों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है। अदालत ने रेखांकित किया कि मौजूदा समय में सभी चुनावी तंत्र और संसाधनों का ध्यान केवल निष्पक्ष मध्यावधि चुनावों के सुचारू संचालन पर ही केंद्रित रहना चाहिए।
प्रत्याशियों ने मतदाताओं से की आखिरी अपील
सीनेट और अन्य सीटों के लिए मैदान में उतरे दोनों प्रमुख दलों के उम्मीदवार मतदाताओं को बूथों तक लाने के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। ओहियो से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार शेरोड ब्राउन ने X पर मतदाताओं से संवाद करते हुए मतदान के दिन का स्वागत किया और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में बाहर निकलकर वोट देने का आह्वान किया। वहीं रिपब्लिकन सुसान कोलिन्स ने भी मतदान की पुरजोर पैरवी की और नागरिकों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने का आग्रह किया। प्रत्याशियों ने समर्थकों से अपील की कि वे अपने दोस्तों, पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों से संपर्क साधकर उन्हें भी मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए प्रेरित करें।
इतिहास का सबसे महंगा चुनाव और नतीजों का इंतजार
राजनीतिक वित्त पोषण और खर्च के आंकड़ों पर नजर रखने वाले संगठन ओपनसीक्रेट्स (OpenSecrets) के आकलन के अनुसार, इस साल के मध्यावधि चुनावों में होने वाला कुल व्यय 11.93 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इस भारी भरकम आंकड़े के साथ यह अमेरिकी इतिहास का सबसे महंगा चुनावी मुकाबला बन गया है। विभिन्न सर्वेक्षणों के संकेत बता रहे हैं कि डेमोक्रेटिक पार्टी इस दौड़ में बढ़त बनाए हुए है। दूसरी ओर, राजनीतिक बयानबाजी भी तीखी बनी हुई है, जहां राष्ट्रपति की ओर से मिशिगन सीनेट सीट के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद पर लगातार राजनीतिक हमले किए जा रहे हैं। मतदान समाप्त होने के बाद आज शाम से ही शुरुआती परिणाम सामने आने की उम्मीद है, हालांकि कुछ राज्यों में अंतिम तस्वीर बुधवार या उसके बाद ही साफ हो सकेगी।



















