दक्षिण अमेरिकी देश पेरू के एक छोटे से पर्वतीय जिले में हुए स्थानीय चुनाव के परिणाम ने दुनिया भर के लोगों को हैरान कर दिया है। मध्य पेरू स्थित क्वेरोपाल्का जिले में मेयर पद के लिए हुए कड़े चुनावी मुकाबले में 45 वर्षीय हिटलर मुसोलिनी सिमेओन फ्लोरेस ने जीत दर्ज की है। चुनावी मैदान में उन्होंने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी को केवल 25 मतों के मामूली अंतर से मात देकर मेयर की कुर्सी अपने नाम कर ली। स्थानीय स्तर की इस राजनीतिक जीत की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुनाई दे रही है, जिसका मुख्य कारण निर्वाचित मेयर का असामान्य और ऐतिहासिक रूप से चौंकाने वाला नाम है।
क्वेरोपाल्का का चुनावी गणित और परिणाम
क्वेरोपाल्का जिला हुआनुको क्षेत्र में एंडीज पर्वत श्रृंखला के बीच बसा हुआ एक बेहद छोटा इलाका है, जिसकी कुल आबादी 700 से कुछ अधिक है। फ्लोरेस ने यह चुनावी मुकाबला 'आहोरा नासियोन' यानी 'नेशन नाउ' पार्टी के उम्मीदवार के रूप में लड़ा था। पूरे चुनाव में कुल 229 मतदाताओं ने उनके पक्ष में मतदान किया, जो कुल वैध मतों की संख्या का 34.5 प्रतिशत हिस्सा बनता है। स्थानीय मतदाताओं के लिए चुनाव में सड़क, बुनियादी नागरिक सुविधाएं और क्षेत्रीय विकास ही प्रमुख मुद्दे थे। हालांकि, मतगणना समाप्त होने और चुनावी नतीजे सामने आने के बाद फ्लोरेस का नाम वैश्विक चर्चा का विषय बन गया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और लैटिन अमेरिका में नामकरण का चलन
इतिहास के पन्नों में एडॉल्फ हिटलर और बेनिटो मुसोलिनी को बीसवीं सदी के क्रूरतम तानाशाहों के रूप में दर्ज किया गया है। जर्मनी में एडॉल्फ हिटलर ने नाजी सत्ता की अगुवाई की थी, जबकि इटली में बेनिटो मुसोलिनी ने फासीवादी शासन स्थापित किया था। दोनों ही नेताओं का दौर भयानक युद्ध और बड़े पैमाने पर जानमाल के नुकसान के लिए जाना जाता है। जब इन दोनों कुख्यात तानाशाहों के नाम एक साथ किसी लोकतांत्रिक नेता के नाम में सामने आते हैं, तो लोगों का चौंकना स्वाभाविक है। लैटिन अमेरिकी देशों के कई हिस्सों में विदेशी हस्तियों, प्रमुख ऐतिहासिक व्यक्तित्वों और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के आधार पर संतानों के नाम रखने की परंपरा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसा नामकरण केवल नाम की विशिष्टता से प्रेरित होता है और यह कतई आवश्यक नहीं है कि उस व्यक्ति या उसके परिवार की सोच उन तानाशाहों की विचारधारा से मेल खाती हो। फ्लोरेस के माता-पिता ने उनका यह नाम क्यों रखा, इसकी पारिवारिक वजह अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
पेरू की राजनीति में पहले भी दिखे हैं ऐसे अनोखे नाम
पेरू के सार्वजनिक जीवन में किसी नेता का नाम जर्मन तानाशाह से जुड़ा होने का यह पहला उदाहरण नहीं है। इससे पहले भी एंडीज क्षेत्र की युंगार नगरपालिका में हिटलर गेस्क्लिन अल्बा सांचेज नामक नेता मेयर का पद संभाल चुके हैं। सांचेज के नाम में भी 'हिटलर' शब्द जुड़ा हुआ था। अपने राजनीतिक अभियान और स्थानीय प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने तानाशाह की क्रूर छवि से खुद को अलग दिखाने के लिए 'अच्छा हिटलर' जैसे चुनावी नारों का सहारा लिया था, जिससे मतदाताओं के बीच उनकी एक सकारात्मक पहचान बन सके।





















