TrendKia
सभीलाइवदेश
दुनिया
सभी दुनिया
पाकिस्तानचीनअमेरिकायूरोपएशिया
राजनीति
व्यापार
सभी व्यापार
बाज़ारमनीऑटोबेनिफिट्ससक्सेस स्टोरीक्रिप्टोएआई
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेशबिहारमध्य प्रदेशराजस्थानदिल्लीमहाराष्ट्रगुजरातपंजाबहरियाणापश्चिम बंगालतमिलनाडुकेरलकर्नाटकतेलंगानाआंध्र प्रदेशझारखंडछत्तीसगढ़ओडिशाअसमउत्तराखंडहिमाचल प्रदेशजम्मू-कश्मीरगोवाचंडीगढ़पुडुचेरी
यात्रा
यात्रा
खेल
क्रिकेटटेनिसफुटबॉल
मनोरंजनफ़िल्में, टीवी और सेलेब्स
बॉलीवुडOTTभोजपुरीमूवी रिव्यूटीवीहॉलीवुड
टेकगैजेट्स, ऐप्स और इनोवेशन
एक्सेसरीज़लॉन्च रिव्यूDIY
सेहतसेहत, फ़िटनेस और वेलनेस
जीवनफैशन, रिश्ते और जीवनशैली
फैशनकल्चररिश्तेट्रेंड्सपेरेंटिंग
खानपानरेसिपी, फूड और रेस्तरां
धर्मधर्म, आस्था और आध्यात्म
त्योहारवास्तुअध्यात्म
यात्राघूमने की जगहें और गाइड
ट्रैवल टिप्स
शिक्षानौकरी, परीक्षा और रिजल्ट
वैकेंसीएडमिशनपरीक्षारिजल्टकरियर
लाइव
देश
दुनिया
पाकिस्तान चीन अमेरिका यूरोप एशिया
राजनीति
व्यापार
बाज़ार मनी ऑटो बेनिफिट्स सक्सेस स्टोरी क्रिप्टो एआई
खेल
क्रिकेट टेनिस फुटबॉल
मनोरंजन
बॉलीवुड OTT भोजपुरी मूवी रिव्यू टीवी हॉलीवुड
टेक
एक्सेसरीज़ लॉन्च रिव्यू DIY
सेहत
जीवन
फैशन कल्चर रिश्ते ट्रेंड्स पेरेंटिंग
खानपान
धर्म
त्योहार वास्तु अध्यात्म
यात्रा
ट्रैवल टिप्स
शिक्षा
वैकेंसी एडमिशन परीक्षा रिजल्ट करियर
उत्तर प्रदेश बिहार मध्य प्रदेश राजस्थान दिल्ली महाराष्ट्र गुजरात पंजाब हरियाणा पश्चिम बंगाल तमिलनाडु केरल कर्नाटक तेलंगाना आंध्र प्रदेश झारखंड छत्तीसगढ़ ओडिशा असम उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश जम्मू-कश्मीर गोवा चंडीगढ़ पुडुचेरी
हमारे बारे में संपर्क गोपनीयता कुकी नीति शर्तें विज्ञापन दें
TrendKia logo हिंदी • English न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म

TrendKia

तेज़ • ताज़ा • हमेशा ट्रेंड पर

भारत और दुनिया की ताज़ा ट्रेंडिंग ख़बरें, हिंदी और अंग्रेज़ी में। कमेंट करने, टॉपिक फ़ॉलो करने और रिवॉर्ड पॉइंट कमाने के लिए Google से साइन इन करें।

हमारे बारे में
TrendKia news app preview
TrendKia
हमारे बारे मेंसंपर्कगोपनीयताकुकी नीतिशर्तेंविज्ञापन दें
फांसी पर चढ़ते डाकू ने भीड़ में फेंका रहस्यमय नक्शा, 305 साल बाद भी सेशेल्स में दफन है 1170 करोड़ का खजानादुनिया
2 घंटे पहले· 2

फांसी पर चढ़ते डाकू ने भीड़ में फेंका रहस्यमय नक्शा, 305 साल बाद भी सेशेल्स में दफन है 1170 करोड़ का खजाना

18वीं सदी के फ्रांसीसी समुद्री डाकू ओलिवियर लेवासेर ने सेशेल्स के माहे द्वीप पर 1170 करोड़ रुपये का खजाना छिपाया और 1730 में फांसी से पहले एक कोडेड नक्शा भीड़ में फेंका। 305 साल बाद भी न खजाना मिला, न वह 17 पंक्तियों वाला क्रिप्टोग्राम सुलझा।

Omar AL MansooriOmar AL MansooriMiddle East Correspondent 4 मिनट पढ़ें AI के लिए
शेयर

हिंद महासागर में बसे सेशेल्स को दुनिया के सबसे खूबसूरत द्वीप देशों में गिना जाता है, लेकिन इस छोटे से देश की असली पहचान इसके नीले पानी और सफेद रेत से परे है। यहां की धरती के नीचे एक ऐसा खजाना दफन बताया जाता है जिसकी कीमत करीब 100 मिलियन पाउंड यानि लगभग 1170 करोड़ रुपये है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री डाकू खजाना माना जाता है और इसे होली ग्रेल ऑफ ट्रेजर का दर्जा दिया गया है। सैकड़ों साल गुजर चुके हैं, हजारों लोग इसे ढूंढ चुके हैं, पर यह आज भी जमीन के नीचे दबा है। यह कहानी सेशेल्स और रियूनियन आइलैंड दोनों जगहों पर सदियों से लोगों के दिलों में रोमांच जगाती आई है।

1721 की वह लूट जिसने किंवदंती को जन्म दिया

18वीं सदी के मशहूर फ्रांसीसी समुद्री डाकू ओलिवियर लेवासेर की कहानी 1716 में शुरू होती है। तेजी से हमला बोलने की अपनी खास शैली के लिए वह जाना जाता था। 1721 तक उसकी डकैतियां अपने चरम पर पहुंच चुकी थीं। उस साल उसने और उसके 750 साथियों ने पुर्तगाली जहाज नोसा सेन्होरा दो काबो पर धावा बोला। यह जहाज उस वक्त ब्रिटिश झंडे के नीचे रियूनियन आइलैंड के बंदरगाह में लंगर डाले खड़ा था। डाकुओं ने जहाज पर कब्जा जमाया और पूरे जहाजी दल को मौत के घाट उतार दिया।

जब लेवासेर के आदमियों ने जहाज की तलाशी ली, तो उनकी आंखें चौंधिया गईं। वह जहाज दरअसल एक तैरता हुआ खजाना था। उसमें सोने-चांदी की छड़ें, अनकट डायमंड, कीमती पत्थर, सोने के गिन्नी, चर्च की सोने-चांदी की प्लेट्स, गॉबलेट्स और अनगिनत अनमोल चीजें भरी हुई थीं। यह लूट इतनी विशाल थी कि बांटने के लिए सबको मेडागास्कर ले जाया गया। हर साधारण डाकू को 42 डायमंड और 5000 सोने के गिन्नी मिले। अफसरों को इससे ज्यादा हिस्सा दिया गया। सबसे बड़ा और सबसे कीमती हिस्सा लेवासेर ने खुद अपने पास रख लिया।

माहे द्वीप की मिट्टी में दफन हुआ राज

लेवासेर ने अपना खजाना सेशेल्स के माहे द्वीप पर छिपाने का फैसला किया। उसने दल को 20-20 के समूहों में बांटा। पहले खजाने को एक गुफा में रखा गया। बाद में जब इसे असली जगह दफनाया गया, तब केवल चुनी हुई टीम वहां थी। काम पूरा होते ही उन सभी को मार दिया गया ताकि राज कभी किसी की जुबान पर न आ सके। इस तरह पूरी दुनिया में बस एक ही शख्स जानता था कि खजाना कहां है और वह खुद लेवासेर था।

फांसी के तख्ते पर छोड़ा रहस्यमय क्रिप्टोग्राम

1730 में जब लेवासेर को पकड़कर फांसी दी जा रही थी, तब उसने भीड़ में अपने पुराने साथियों के चेहरे पहचाने। मौत से कुछ पल पहले उसने एक पुराना चर्मपत्र हवा में उछाला और चिल्लाया, "मेरा खजाना उस व्यक्ति को जो इसे समझ सके।" वह चर्मपत्र एक क्रिप्टोग्राम था जिसमें 17 रहस्यमय पंक्तियां लिखी थीं। ब्रिटिश म्यूज़ियम ने पुष्टि की कि यह असली 18वीं सदी का दस्तावेज है। लेवासेर ग्रीक और लैटिन का जानकार था और मेसोनिक प्रतीकों की गहरी समझ रखता था। उसने जो कोड बनाया, वह इतना पेचीदा था कि 305 साल बाद भी कोई उसे पूरी तरह नहीं सुलझा पाया।

पिता की अधूरी तलाश को बेटे ने थामे रखा

इस खजाने की खोज में दो लोगों ने अपनी पूरी जिंदगी लगा दी। रेजिनाल्ड हर्बर्ट क्रूज़-विल्किंस को स्थानीय लोग 'ट्रेजर मैन' कहते थे। उन्होंने लगातार 27 साल तक इस खजाने की खोज में बिताए। 1977 में उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे जॉन क्रूज़-विल्किंस ने यह जिम्मेदारी संभाली। जॉन बताते हैं कि उनके पिता ने ग्रीक, हिब्रू, ज्योतिष, खगोल विज्ञान, पौराणिक कथाओं और गुप्त विद्या का उपयोग करके उस क्रिप्टोग्राम का कोड तोड़ा। उनके निष्कर्ष के अनुसार खजाना हेपकेलिस की पहेली के आधार पर दफन किया गया है। खोज की संभावित जगह माहे द्वीप का बेल ओम्ब्रे इलाका है, जहां नीला समुद्र, घनी हरी वनस्पति और विशाल ग्रेनाइट चट्टानें एक अलग ही नजारा पेश करती हैं।

जब जॉन उस जगह की ओर इशारा करते हैं, तो उनकी आंखों में एक अजीब-सी रोशनी आ जाती है। वह किसी रोमांचक कहानी के नायक की तरह नक्शा और थैला लिए पहेली सुलझाने में डूबे रहते हैं। माहे एक छोटा द्वीप है जहां बच्चे-बच्चे को इस किंवदंती की जानकारी है। टैक्सी चालक हो या गेस्ट हाउस के मालिक, सब इसी खजाने की चर्चा करते हैं। कई स्थानीय लोग जॉन को पागल समझते हैं, पर वह रुकने को तैयार नहीं हैं। उनके लिए यह तलाश सिर्फ दौलत की नहीं है, यह उनके पिता का अधूरा सपना है, एक गहरा जुनून है और एक ऐसी उम्मीद है जो अब भी जिंदा है।

आज भी कोई नहीं जानता कि लेवासेर का वह खजाना सच में माहे की मिट्टी के नीचे दफन है या नहीं। पर उसका रहस्यमय क्रिप्टोग्राम, फांसी पर कहे आखिरी शब्द और क्रूज़-विल्किंस पिता-पुत्र की अथक लगन हजारों लोगों को आज भी इस रहस्य की ओर खींचती है। हो सकता है एक दिन कोई इस पहेली का अंतिम हल खोज ले। सेशेल्स के शांत द्वीपों पर यह सवाल सदियों से गूंज रहा है कि क्या वाकई वहां 1170 करोड़ रुपये का खजाना बस किसी के मिलने का इंतजार कर रहा है।

इसका आप पर असर

पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए: अगर आप सेशेल्स जाने का इरादा रखते हैं, तो माहे द्वीप का बेल ओम्ब्रे इलाका इस सदियों पुरानी किंवदंती का केंद्र है और यहां की यात्रा को एक रोमांचक ऐतिहासिक आयाम देता है। यह कहानी समुद्री इतिहास और रहस्यों में रुचि रखने वालों के लिए एक बेहद दिलचस्प विषय है।

सवाल-जवाब

ओलिवियर लेवासेर कौन था?
वह 18वीं सदी का मशहूर फ्रांसीसी समुद्री डाकू था जिसकी डकैती 1716 में शुरू हुई और जो तेजी से हमला बोलने की अपनी शैली के लिए जाना जाता था।
सेशेल्स में दफन इस खजाने की कीमत कितनी बताई जाती है?
इस खजाने की कीमत करीब 100 मिलियन पाउंड यानि लगभग 1170 करोड़ रुपये आंकी जाती है और इसे दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री डाकू खजाना माना जाता है।
लेवासेर ने 1721 में किस जहाज को लूटा था?
उसने और उसके 750 साथियों ने पुर्तगाली जहाज नोसा सेन्होरा दो काबो को लूटा जो ब्रिटिश झंडे के नीचे रियूनियन आइलैंड के बंदरगाह में खड़ा था।
उस लूट का माल कैसे बांटा गया?
लूट मेडागास्कर ले जाकर बांटी गई। हर साधारण डाकू को 42 डायमंड और 5000 सोने के गिन्नी मिले, अफसरों को ज्यादा हिस्सा मिला और सबसे बड़ा हिस्सा लेवासेर ने खुद रख लिया।
क्रिप्टोग्राम क्या है और इसमें कितनी पंक्तियां हैं?
यह 17 पंक्तियों वाला एक कोडेड चर्मपत्र है जिसे लेवासेर ने 1730 में फांसी पर चढ़ते वक्त भीड़ में फेंका था। ब्रिटिश म्यूज़ियम ने पुष्टि की है कि यह असली 18वीं सदी का दस्तावेज है।
खजाना कहां दफन बताया जाता है?
रेजिनाल्ड हर्बर्ट क्रूज़-विल्किंस के शोध के अनुसार यह माहे द्वीप के बेल ओम्ब्रे इलाके में दफन है जहां नीला समुद्र, वनस्पति और विशाल ग्रेनाइट चट्टानें हैं।
रेजिनाल्ड और जॉन क्रूज़-विल्किंस कौन हैं?
रेजिनाल्ड हर्बर्ट क्रूज़-विल्किंस ने 27 साल तक खजाने की खोज की और 1977 में उनके निधन के बाद बेटे जॉन ने यह तलाश जारी रखी।
क्या 305 साल में यह खजाना कभी किसी को मिला?
नहीं, 305 से ज्यादा साल बीत जाने के बाद भी यह खजाना किसी को नहीं मिला है और यह रहस्य आज भी पूरी तरह अनसुलझा है।
Omar AL Mansoori
लेखक के बारे मेंOmar AL MansooriMiddle East Correspondent
विशेषज्ञताMiddle East News, Geopolitics, Politics, Economy, Energy Markets, Oil & Gas, International Relations, Diplomacy, Conflict Reporting, Breaking News

Omar Al Mansoori is a Middle East Correspondent covering regional politics, conflict updates, economy, energy markets, and international relations. He reports on key developments across the Middle East with timely analysis.

Omar Al Mansoori is a Middle East Correspondent specializing in political developments, geopolitical affairs, economic trends, energy markets, and breaking news across the Middle East region. He reports on major regional events including government policy changes, diplomatic relations, conflicts, trade developments, and socio-economic transformations. With a strong focus on accuracy, context, and balanced reporting, Omar delivers in-depth coverage of issues shaping the Middle East and its global influence. His work highlights developments in energy sectors, international diplomacy, security affairs, and regional cooperation, helping readers understand the complex dynamics of the region.

पूरा प्रोफ़ाइल देखें ↗
#दुनिया#सेशेल्सखजाना#ओलिवियरलेवासेर#समुद्रीडाकूखजाना#माहेद्वीप#क्रिप्टोग्राम#दुनियाकासबसेबड़ाखजाना#क्रूज़-विल्किंस#छिपाखजाना

टिप्पणियाँ 0

टिप्पणी करने के लिए साइन इन करें।

साइन इन

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

ओमान की खाड़ी में हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत: अमेरिका के 'संवेदनहीन' बयान पर भड़के शशि थरूर, जयशंकर से भी पूछे सवालराजनीति1
ओमान की खाड़ी में हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत: अमेरिका के 'संवेदनहीन' बयान पर भड़के शशि थरूर, जयशंकर से भी पूछे सवाल
AMZN पर वॉल स्ट्रीट की बड़ी दांव: 2026 से 2028 तक Amazon के शेयर कहाँ तक पहुँच सकते हैं?बाज़ार2
AMZN पर वॉल स्ट्रीट की बड़ी दांव: 2026 से 2028 तक Amazon के शेयर कहाँ तक पहुँच सकते हैं?
अमेरिका में 'बर्नर फोन' पर संकट: FCC का नया KYC प्रस्ताव गुमनाम सिम को खत्म कर सकता है, और हफ्ते की बड़ी साइबर सुरक्षा हलचलसाइबर सुरक्षा3
अमेरिका में 'बर्नर फोन' पर संकट: FCC का नया KYC प्रस्ताव गुमनाम सिम को खत्म कर सकता है, और हफ्ते की बड़ी साइबर सुरक्षा हलचल

ताज़ा ख़बरें सीधे आपके इनबॉक्स में

रोज़ की बड़ी ख़बरें, एक ईमेल में।

TrendKia बाज़ारविज्ञापनमानसून सेल — हर चीज़ पर 50% तक छूटTrendKia बाज़ारअभी खरीदें →
नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
नागरिक पत्रकारनागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार

संबंधित ख़बरें

मातृत्व अवकाश लेने वाली जापान की पहली मेयर बनेंगी शोको कवाता, माताहारा पर फिर उठे सवालदुनिया
मातृत्व अवकाश लेने वाली जापान की पहली मेयर बनेंगी शोको कवाता, माताहारा पर फिर उठे सवाल
2 घंटे पहले
अफगानिस्तान की सीमा पर पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई, 35 लोगों की मौतदुनिया
अफगानिस्तान की सीमा पर पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई, 35 लोगों की मौत
5 घंटे पहले
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव, ईरान ने कुवैत और बहरीन पर दागीं मिसाइलेंदुनिया
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव, ईरान ने कुवैत और बहरीन पर दागीं मिसाइलें
11 घंटे पहले
रास तनुरा में सऊदी अरामको का हेलिकॉप्टर हुआ क्रैश, सभी 14 नागरिकों की मौत के बाद जांच तेजएशिया
रास तनुरा में सऊदी अरामको का हेलिकॉप्टर हुआ क्रैश, सभी 14 नागरिकों की मौत के बाद जांच तेज
14 घंटे पहले
सेशेल्स के सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान से नवाजे गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय दिवस परेड में भारतीय सेना बढ़ाएगी देश का गौरवदुनिया
सेशेल्स के सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान से नवाजे गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय दिवस परेड में भारतीय सेना बढ़ाएगी देश का गौरव
21 घंटे पहले
कराची में दहला पाकिस्तान: सुरक्षा बलों पर हमले के पीछे किसका हाथ?दुनिया
कराची में दहला पाकिस्तान: सुरक्षा बलों पर हमले के पीछे किसका हाथ?
1 दिन पहले
ईरान का अस्तित्व मिटाने की डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी, फारस की खाड़ी में फिर गरमाई स्थितिदुनिया
ईरान का अस्तित्व मिटाने की डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी, फारस की खाड़ी में फिर गरमाई स्थिति
1 दिन पहले
हार्वे वाइनस्टीन की दोषसिद्धि बरकरार, लेकिन कैलिफोर्निया कोर्ट ने सजा पर मांगा पुनर्विचारदुनिया
हार्वे वाइनस्टीन की दोषसिद्धि बरकरार, लेकिन कैलिफोर्निया कोर्ट ने सजा पर मांगा पुनर्विचार
1 दिन पहले