2028 के आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट किया है। अपने समर्थकों के बीच लगातार उठ रही मांगों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि अमेरिका के कड़े संवैधानिक प्रावधानों के कारण उनके लिए दोबारा चुनाव मैदान में उतरना बहुत मुश्किल है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि लोग उनसे बार-बार 2028 के चुनाव के बारे में पूछते हैं, लेकिन देश का कानून इस मामले में बेहद सख्त है।
अमेरिकी संविधान का 22वां संशोधन और कानूनी सीमाएं
डोनाल्ड ट्रंप पिछले कुछ हफ्तों में कई मौकों पर वर्ष 2028 का जिक्र कर चुके हैं। हाल ही में आयोजित एक डिनर कार्यक्रम के दौरान उनके समर्थकों ने 'ट्रंप 2028' के नारे लगाए थे और वहां इस तरह के विज्ञापन भी प्रदर्शित किए गए थे। जब पत्रकारों ने इस कार्यक्रम और समर्थकों के उत्साह के बारे में सवाल किया, तो डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में मौजूद लोग 2028 के बारे में काफी उत्सुक थे। हालांकि, उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि क्या वह इस संवैधानिक बाधा को अदालत में चुनौती देंगे या उनका भावी राजनीतिक अभियान किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
अमेरिकी राजनीति के कानूनी ढांचे पर नजर डालें तो वहां का संविधान स्पष्ट सीमा तय करता है। वर्ष 1951 में लागू किए गए अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के तहत कोई भी व्यक्ति दो बार से अधिक राष्ट्रपति पद के लिए नहीं चुना जा सकता। इस ऐतिहासिक संशोधन की पृष्ठभूमि में फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट का कार्यकाल था, जिन्हें लगातार चार बार अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया था। डोनाल्ड ट्रंप वर्ष 2016 और वर्ष 2024 में दो बार देश के राष्ट्रपति चुने जा चुके हैं, जिसके कारण वर्तमान कानून के अनुसार वह तीसरे कार्यकाल के लिए पात्र नहीं हैं।
तुर्की यात्रा, सुरक्षा व्यवस्था और सीक्रेट सर्विस की सलाह
अपनी विदेश यात्राओं और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की की हालिया यात्रा के दौरान किए गए इंतजामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी सुरक्षा का पूरा खाका सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारियों द्वारा तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह सीक्रेट सर्विस पर निर्भर करता है।" डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वह सुरक्षा एजेंसियों और सैन्य सलाहकारों के निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करते हैं।
जब उनसे यह पूछा गया कि एक विदेशी दौरे के दौरान इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता क्यों पड़ी, तो उन्होंने बताया कि उन्हें विभिन्न माध्यमों से अनेक धमकियां मिलती रहती हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सार्वजनिक रूप से जितनी धमकियों की जानकारी सामने आती है, वास्तविक संख्या उससे कहीं अधिक है। उनके अनुसार, दुनिया में जो भी राष्ट्रपति अत्यधिक प्रभावशाली होता है, उसे सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरों और धमकियों का सामना करना पड़ता है, जबकि कम प्रभाव वाले राष्ट्रपतियों को ऐसी चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ता।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ईरान नीति और अमेरिकी अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन
अंतरराष्ट्रीय मामलों पर चर्चा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व के रणनीतिक जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ईरान के साथ जारी तनाव पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका का इस महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग पर पूर्ण नियंत्रण है। इसके लिए उन्होंने अमेरिकी नौसेना की ताकत और परिचालन क्षमता की खुलकर प्रशंसा की। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें ईरान के इरादों पर विश्वास है, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के कहा, "मुझे ईरान पर भरोसा नहीं है।"
विदेश नीति और सुरक्षा के साथ-साथ डोनाल्ड ट्रंप ने घरेलू मोर्चे पर भी अपनी बात रखी। बातचीत की शुरुआत में ही उन्होंने देश के आर्थिक संकेतकों, रोजगार के आंकड़ों और वित्तीय बाजारों की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का जिक्र करते हुए कहा, "देश अच्छा कर रहा है, और शेयर बाजार शानदार प्रदर्शन कर रहा है।" उन्होंने रेखांकित किया कि मजबूत शेयर बाजार और रोजगार के अवसर देश की आर्थिक प्रगति को दर्शाते हैं।



















