पुर्तगाल के प्रमुख शहरों में इन दिनों महंगाई और आवास संकट के खिलाफ भारी जनरोोष देखने को मिल रहा है। लिस्बन, पोर्टो और कोयम्ब्रा जैसे बड़े शहरों में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि आम नागरिकों के लिए सस्ते और किफायती आवास की पुख्ता व्यवस्था की जाए। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि देश में लगातार बढ़ रही आवास लागत के कारण सामान्य परिवारों के लिए शहरों में अपना जीवन बसर करना बेहद कठिन हो गया है।
राजधानी लिस्बन में प्रदर्शन और निवेशकों पर शिकंजे की मांग
राजधानी लिस्बन के मध्य हिस्से में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और उन्होंने अपने विरोध को दर्ज कराने के लिए तंबू भी लगाए। इन लोगों की मुख्य मांग है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश करने वाले बड़े फंडों पर सरकार सख्त नियम और नियंत्रण लागू करे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन बड़े निवेशकों की बाजार में बढ़ती दिलचस्पी के कारण मकानों और संपत्तियों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आम आदमी का अपना घर खरीदने का सपना लगातार दूर होता जा रहा है।
पोर्टो में पुलिस कार्रवाई और घायलों का मामला
इस आंदोलन के दौरान पोर्टो शहर में गुरुवार तड़के हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आवास अधिकारों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया गया था। इस अप्रिय कार्रवाई में कुल 37 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के सामने आने के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और अधिक भड़क गया तथा उन्होंने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए आवास सुरक्षा की मांग को और तेज कर दिया है।
राष्ट्रपति ने जताई देश में गरीबी पर चिंता
इस बीच पुर्तगाल के राष्ट्रपति एंटोनियो जोस सेगुरो ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज में गरीबी को केवल भाग्य का फेर मानकर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक संदेश के अनुसार, देश में आज भी लगभग 16.6 लाख लोग गरीबी के गंभीर जोखिम का सामना कर रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि वर्ष 2015 के बाद यह पहला मौका है जब देश में यह आंकड़ा 20 लाख से नीचे आया है। इसके बावजूद राष्ट्रपति ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को आवश्यक सुविधाएं देने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार से और अधिक कड़े कदम उठाने का आह्वान किया है।
यूरोप के अन्य देशों में भी सुलग रही नाराजगी
पुर्तगाल में हो रहे ये विरोध प्रदर्शन अकेले नहीं हैं, बल्कि यह पूरे यूरोप महाद्वीप में बढ़ती महंगाई और आवास संकट के खिलाफ चल रहे एक बड़े व्यापक आंदोलन का हिस्सा हैं। पिछले कुछ दिनों के दौरान बेल्जियम, इटली, स्पेन और फ्रांस जैसे देशों में भी आम जनता ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किए हैं। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अकेले शनिवार को देश भर में हुए विभिन्न प्रदर्शनों में करीब 5.5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, इटली में भी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार की नीतियों के खिलाफ छात्रों, शिक्षकों और विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने मिलकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है।




















