मायावती का बड़ा बयान, आकाश आनंद को लेकर कही यह बातफरीदाबाद के एनआईटी दशहरा ग्राउंड में नहीं लगे झूले, पंद्रह दिन से खुले आसमान के नीचे फंसे दो सौ मजदूर परिवारघर के मंदिर में भूलकर भी न रखें फटी धार्मिक किताबें और बासी फूल, अंबाला के ज्योतिषाचार्य ने बताई जरूरी बातेंइटली और फ्रांस में महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, हिंसक झड़पों के बीच सैकड़ों गिरफ्तारअजमेर की 162 साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहर सोनी जी की नसियां अपनी बेजोड़ कारीगरी से आज भी है कायमटेस्ला रोडस्टर 2 का हुआ पर्दाफाश, मैकग्रीगर में उड़ते हुए नजर आई नई सुपरकारअनुपमा का बिल्डर फ्रॉड पर पलटवार, मोहनलाल ने काटी शाह हाउस और कैफे की बिजली-पानीगूगल सर्च के एआई ओवरव्यूज में जुड़े सीधे वेब लिंक, पब्लिशर्स और क्रिएटर्स को मिलेगा नया स्पेसकर्नाटक में 24 अक्टूबर तक झमाझम बारिश के आसार, बेंगलुरु और मैसूरु समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारीभरतपुर में चरमराई डोर-टू-डोर कचरा उठाने की व्यवस्था, वर्कशॉप में आधे से कम मिले चालू वाहन
पुर्तगाल में महंगाई और आवास संकट के खिलाफ फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारीदुनिया
18 अक्तू॰ 2026, 2:10 pm (50 मिनट पहले)· 0

पुर्तगाल में महंगाई और आवास संकट के खिलाफ फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारी

पुर्तगाल में आसमान छूते मकानों के किराये और बढ़ती महंगाई के खिलाफ हजारों नागरिकों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति एंटोनियो जोस सेगुरो ने भी देश में गरीबी के आंकड़ों पर चिंता जताई है।

पुर्तगाल के प्रमुख शहरों में इन दिनों महंगाई और आवास संकट के खिलाफ भारी जनरोोष देखने को मिल रहा है। लिस्बन, पोर्टो और कोयम्ब्रा जैसे बड़े शहरों में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि आम नागरिकों के लिए सस्ते और किफायती आवास की पुख्ता व्यवस्था की जाए। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि देश में लगातार बढ़ रही आवास लागत के कारण सामान्य परिवारों के लिए शहरों में अपना जीवन बसर करना बेहद कठिन हो गया है।

राजधानी लिस्बन में प्रदर्शन और निवेशकों पर शिकंजे की मांग

राजधानी लिस्बन के मध्य हिस्से में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और उन्होंने अपने विरोध को दर्ज कराने के लिए तंबू भी लगाए। इन लोगों की मुख्य मांग है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश करने वाले बड़े फंडों पर सरकार सख्त नियम और नियंत्रण लागू करे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन बड़े निवेशकों की बाजार में बढ़ती दिलचस्पी के कारण मकानों और संपत्तियों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आम आदमी का अपना घर खरीदने का सपना लगातार दूर होता जा रहा है।

ये भी पढ़ें

पोर्टो में पुलिस कार्रवाई और घायलों का मामला

इस आंदोलन के दौरान पोर्टो शहर में गुरुवार तड़के हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आवास अधिकारों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया गया था। इस अप्रिय कार्रवाई में कुल 37 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के सामने आने के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और अधिक भड़क गया तथा उन्होंने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए आवास सुरक्षा की मांग को और तेज कर दिया है।

राष्ट्रपति ने जताई देश में गरीबी पर चिंता

इस बीच पुर्तगाल के राष्ट्रपति एंटोनियो जोस सेगुरो ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज में गरीबी को केवल भाग्य का फेर मानकर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक संदेश के अनुसार, देश में आज भी लगभग 16.6 लाख लोग गरीबी के गंभीर जोखिम का सामना कर रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि वर्ष 2015 के बाद यह पहला मौका है जब देश में यह आंकड़ा 20 लाख से नीचे आया है। इसके बावजूद राष्ट्रपति ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को आवश्यक सुविधाएं देने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार से और अधिक कड़े कदम उठाने का आह्वान किया है।

यूरोप के अन्य देशों में भी सुलग रही नाराजगी

पुर्तगाल में हो रहे ये विरोध प्रदर्शन अकेले नहीं हैं, बल्कि यह पूरे यूरोप महाद्वीप में बढ़ती महंगाई और आवास संकट के खिलाफ चल रहे एक बड़े व्यापक आंदोलन का हिस्सा हैं। पिछले कुछ दिनों के दौरान बेल्जियम, इटली, स्पेन और फ्रांस जैसे देशों में भी आम जनता ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किए हैं। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अकेले शनिवार को देश भर में हुए विभिन्न प्रदर्शनों में करीब 5.5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, इटली में भी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार की नीतियों के खिलाफ छात्रों, शिक्षकों और विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने मिलकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है।

सवाल-जवाब

पुर्तगाल में लोग किन मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे?
पुर्तगाल के नागरिकों ने बढ़ती महंगाई, आसमान छूते किराए और घर खरीदने में आ रही भारी दिक्कतों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से किन शहरों में हुआ?
यह प्रदर्शन लिस्बन, पोर्टो और कोयम्ब्रा समेत देश के कई प्रमुख शहरों में आयोजित किया गया।
पोर्टो में हुई पुलिस कार्रवाई में कितने लोग घायल हुए?
पोर्टो में प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में 37 लोग घायल हुए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई गई।
पुर्तगाल के राष्ट्रपति ने गरीबी को लेकर क्या कहा?
राष्ट्रपति एंटोनियो जोस सेगुरो ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में गरीबी को किस्मत मानकर स्वीकार नहीं किया जा सकता और देश में लगभग 16.6 लाख लोग गरीबी के जोखिम का सामना कर रहे हैं।
यूरोप के किन अन्य देशों में इसी तरह के प्रदर्शन हुए?
पुर्तगाल के अलावा बेल्जियम, इटली, स्पेन और फ्रांस में भी लोगों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·4 मिनट पहले

लिस्बन और पोर्टो जैसे शहरों में घर खरीदना आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है, पुलिस की सख्ती के बाद अब सरकार क्या कदम उठाएगी?

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·4 मिनट पहले

उमर भाई, पोर्टो में पुलिस ने जो 37 लोगों पर लाठीचार्ज किया है, लगता है सरकार अब और भड़केगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp