रूस में संपन्न हुए संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व वाली सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया पार्टी ने जबर्दस्त बहुमत हासिल करते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। 450 सीटों वाली रूसी संसद यानी स्टेट ड्यूमा के लिए हुए इस चुनाव में पार्टी ने रिकॉर्ड 355 सीटों पर विजय प्राप्त की है। तीन दिनों तक चली मतदान प्रक्रिया के बाद घोषित शुरुआती आधिकारिक परिणामों में सत्ताधारी दल का अभूतपूर्व वर्चस्व देखने को मिला है, जिससे पुतिन की सत्ता पर पकड़ और अधिक मजबूत हो गई है।
ड्यूमा में सबसे बड़ा सीट शेयर और मत प्रतिशत
रूस की चुनाव प्रमुख एला पामफिलोवा द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यूनाइटेड रशिया पार्टी ने कुल मतदान का 57.83 प्रतिशत वोट हासिल किया है। इस भारी जीत के साथ ही पार्टी ने स्टेट ड्यूमा में अब तक का अपना सबसे बड़ा सीट शेयर दर्ज कराया है। पार्टी का यह प्रदर्शन उसके पिछले रिकॉर्ड 343 सीटों के आंकड़े से भी कहीं आगे निकल गया है। 355 सीटें जीतने के कारण अब यूनाइटेड रशिया के पास बिना किसी अन्य राजनीतिक दल की मदद के संविधान में संशोधन करने की पूरी संवैधानिक क्षमता और आवश्यक दो-तिहाई से अधिक बहुमत मौजूद है।
यूक्रेन संघर्ष के बाद पहला बड़ा चुनावी जनादेश
फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू करने के बाद रूस में आयोजित यह पहला संसदीय चुनाव था। इस पूरे चुनाव में कुल मतदान 59 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया। मतदान के आखिरी दिन राजधानी मॉस्को पर यूक्रेन की ओर से किए गए बड़े ड्रोन हमले के बावजूद चुनाव प्रमुख एला पामफिलोवा ने पूरी चुनावी प्रक्रिया को सुरक्षित और सुचारू बताया। क्रेमलिन ने इन परिणामों का स्वागत करते हुए इसे देश की जनता की राष्ट्रपति पुतिन और उनकी रणनीतिक नीतियों के प्रति पूर्ण एकजुटता और अटूट समर्थन का प्रमाण करार दिया है।
संसद में अन्य दलों की स्थिति
चुनाव में कम्युनिस्ट पार्टी 40 सीटें जीतकर दूसरे स्थान पर रही। इसके अतिरिक्त राष्ट्रवादी LDPR पार्टी को 25 सीटें प्राप्त हुईं, जबकि न्यू पीपल्स पार्टी 20 सीटें हासिल करने में सफल रही। बाकी बची सीटें जस्ट रशिया पार्टी के खाते में गईं। संसद में प्रतिनिधित्व पाने वाली इन चारों ही विपक्षी पार्टियों ने ऐतिहासिक रूप से यूक्रेन युद्ध और प्रमुख राष्ट्रीय नीतियों पर क्रेमलिन के रुख का खुला समर्थन किया है। इसके साथ ही यूनाइटेड रशिया के अनुसार, यूक्रेन युद्ध में भाग ले चुके 49 पूर्व रूसी सैनिक भी इस बार सांसद बनकर स्टेट ड्यूमा में शामिल हो सकते हैं। उधर चेचन्या में पुतिन के करीबी सहयोगी रमजान कादिरोव एक बार फिर क्षेत्रीय प्रमुख चुन लिए गए हैं, जहां निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार उन्हें 99.85 प्रतिशत वोट मिले।
युद्ध-विरोधी दल याब्लोको का क्षेत्रीय प्रदर्शन
दूसरी तरफ युद्ध-विरोधी रुख रखने वाली याब्लोको पार्टी केंद्रीय संसद में कोई भी सीट जीतने में नाकाम रही। इस दल को संघीय संसदीय चुनाव में उतरने से रोक दिया गया था और उसके कई स्थानीय प्रत्याशियों के नामांकन भी खारिज कर दिए गए थे। हालांकि नोवगोरोड की क्षेत्रीय विधानसभा में पार्टी को सीमित कामयाबी मिली, जहां उसने 6 प्रतिशत से कुछ अधिक मत पाकर पांच प्रतिशत की अनिवार्य सीमा को पार कर लिया। पार्टी के मुताबिक 12,000 से अधिक मतदाताओं ने उसके पक्ष में वोट दिया। इस बीच रूस के असंतुष्ट विपक्ष और कई पश्चिमी देशों की सरकारों ने पूरी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और तौर-तरीकों पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
























