चीन के शीर्ष नेतृत्व ने सैन्य तंत्र के दो सबसे प्रभावशाली चेहरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी माने जाने वाले इन शीर्ष सैन्य अधिकारियों के खिलाफ सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी और सेना दोनों से पूरी तरह बेदखल कर दिया है।
शीर्ष सैन्य कमान पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई
इस फैसले के तहत सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के पूर्व उपाध्यक्ष झांग यूशिया और पूर्व संयुक्त स्टाफ विभाग प्रमुख लियू झेनली पर कार्रवाई की गई है। दोनों अधिकारियों पर गंभीर वित्तीय भ्रष्टाचार के अलावा पार्टी के प्रति बेवफाई, गुटबाजी और अनुशासन के गंभीर नियमों के उल्लंघन का दोष तय किया गया है। झांग यूशिया लंबे समय से शी जिनपिंग के करीबी रणनीतिकार और सैन्य सहयोगी के तौर पर जाने जाते थे और वह चीन के सर्वोच्च कमान तंत्र में दूसरे सबसे अहम स्थान पर काबिज थे।
महीनों चली जांच के बाद अंतिम फैसला
लियू झेनली भी सीएमसी के प्रमुख सदस्य के रूप में संयुक्त स्टाफ विभाग का नेतृत्व कर चुके थे, जिससे देश के सैन्य संचालन में उनका सीधा नियंत्रण रहता था। दोनों शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ जांच की औपचारिक शुरुआत जनवरी में घोषित की गई थी। इसके बाद अगस्त के अंत में उन्हें सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पदों से अलग किया गया, और अब सोमवार को उनकी कम्युनिस्ट पार्टी तथा सेना की प्राथमिक सदस्यता भी पूरी तरह समाप्त कर दी गई।
सैनिक नेतृत्व में निरंतर फेरबदल की रणनीति
चीन में पिछले चार वर्षों के दौरान सौ से अधिक वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और जनरलों को उनके पदों से हटाया गया है या अनुशासनात्मक दायरे में लाया गया है। सेना के भीतर अनुशासन सुनिश्चित करने और शीर्ष नेतृत्व के प्रति पूर्ण निष्ठा बनाए रखने के उद्देश्य से यह व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें निचले स्तर के अधिकारियों के साथ शीर्ष कमान के जनरलों पर भी बिना किसी रियायत के कार्रवाई की जा रही है।



















