अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की के साथ होने वाली बैठक से पूर्व कड़ा रुख अख्तियार करते हुए शांति प्रयासों को प्राथमिकता देने की बात कही है। ट्रंप ने संघर्ष की निरंतरता पर असंतोष जताते हुए स्पष्ट किया कि वह इस युद्ध को अगले 10 वर्षों तक खिंचते नहीं देखना चाहते। उनके आकलन के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन संघर्ष विराम के पक्षधर हैं, जबकि जेलेंस्की पर उन्होंने इस टकराव को लंबा खींचने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
शांति वार्ता और संघर्ष में जनहानि पर चिंता
ट्रंप ने हालिया चर्चाओं को अपने दृष्टिकोण से असंतोषजनक बताया और जेलेंस्की पर अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ शांति बहाली है ताकि लंबे समय तक चलने वाले विनाशकारी संघर्ष से बचा जा सके। मानवीय क्षति का जिक्र करते हुए ट्रंप ने रेखांकित किया कि पिछले हफ्ते करीब 2,000 लोगों की मौत हुई है, इसलिए अब तत्काल युद्ध रोकने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। हालांकि यह पूरी स्थिति जेलेंस्की और पुतिन के इरादों को लेकर ट्रंप के व्यक्तिगत मूल्यांकन को दर्शाती है।
ऊर्जा संयंत्रों पर हमले और ईंधन संकट पर टकराव
ट्रंप की नाराजगी का एक प्रमुख कारण रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन द्वारा किए जा रहे लक्षित हमले भी हैं। रविवार को हुई टेलीफोन वार्ता में ट्रंप ने जेलेंस्की से इन ऊर्जा ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई बंद करने का बार-बार आग्रह किया। इस बातचीत के दौरान डीजल का संदर्भ कई बार सामने आया। ट्रंप ने तर्क दिया कि रूस के कई डीजल रिफाइनरी ठिकाने हमलों से प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल के दामों पर अत्यधिक दबाव बढ़ रहा है। बैठक से पूर्व ट्रंप का साफ संदेश था कि यूक्रेन को रूसी बुनियादी ऊर्जा ढांचे पर प्रहार रोकने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, हालांकि इस चेतावनी के बावजूद यूक्रेन ने रविवार को जोरदार हमला किया।


















