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संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी सदस्यता की उठी मांग, एंटोनियो गुटेरेस ने किया समर्थनदुनिया
14 सित॰ 2026, 8:22 am (46 दिन पहले)· 1

संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी सदस्यता की उठी मांग, एंटोनियो गुटेरेस ने किया समर्थन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग का जोरदार समर्थन किया है। ब्रिक्स मंच पर मिले इस समर्थन से भारत का वैश्विक कूटनीतिक दायरा और मजबूत हो रहा है।

वैश्विक मंचों पर भारत का कद लगातार बढ़ रहा है और इसका असर अब संयुक्त राष्ट्र के सबसे प्रमुख संस्थानों में भी साफ दिखाई दे रहा है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार और विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में रेखांकित किया कि मौजूदा दौर की वैश्विक व्यवस्था 1945 के दौर से पूरी तरह भिन्न है। उस समय की आर्थिक, सामाजिक और भौगोलिक वास्तविकताओं में भारी बदलाव आ चुका है, जिसे देखते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के ढांचे में भी बदलाव जरूरी है।

एंटोनियो गुटेरेस ने विशेष रूप से भारत का जिक्र करते हुए कहा कि वह सुरक्षा परिषद में बदलाव की इस मुहिम का नेतृत्व करने वाले अग्रणी राष्ट्रों में शामिल है। भारत लंबे अर्से से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता और विशेष अधिकारों की मांग करता आ रहा है, जिसे अब एक और बेहद मजबूत अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिल गया है। इस कूटनीतिक घटनाक्रम का दायरा यहीं तक सीमित नहीं है, क्योंकि ब्रिक्स के नई दिल्ली घोषणा पत्र में रूस और चीन ने भी भारत के साथ-साथ ब्राजील को संयुक्त राष्ट्र में बड़ी भूमिका दिए जाने का खुला समर्थन किया है।

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यह समर्थन इसलिए भी खास है क्योंकि रूस और चीन दोनों ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य होने के साथ-साथ वीटो पावर से लैस हैं। ऐसे देशों का खुलकर भारत के समर्थन में आना वैश्विक राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ग्लोबल साउथ के देशों को महज नियमों का पालन करने तक सीमित रहने के बजाय नीति निर्माता बनने की वकालत की थी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था के तेजी से उभरने की बात कही है। अब विश्लेषकों का मानना है कि बहस इस बात पर नहीं है कि भारत को अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा या नहीं, बल्कि मुख्य सवाल यह है कि क्या देश को स्थायी सीट के साथ वीटो अधिकार भी हासिल होगा।

सवाल-जवाब

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग किसने उठाई?
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सुरक्षा परिषद में सुधार और विस्तार की मांग का समर्थन किया।
किन देशों ने भारत को संयुक्त राष्ट्र में बड़ी भूमिका देने का समर्थन किया है?
रूस और चीन ने ब्रिक्स के नई दिल्ली घोषणा-पत्र में भारत और ब्राजील को संयुक्त राष्ट्र में बड़ी भूमिका देने का समर्थन किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में क्या बात कही थी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल साउथ को केवल नियम मानने वाला नहीं बल्कि नियम बनाने वाला देश बनने की बात कही थी।
एंटोनियो गुटेरेस ने दुनिया की मौजूदा स्थिति के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि आज की दुनिया 1945 वाली दुनिया से पूरी तरह अलग है और वैश्विक संस्थाओं की संरचना उसी हिसाब से बदलनी चाहिए।
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