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तिब्बत में भीषण भूकंप से 18 लोगों की जान गई, चीन और पाकिस्तान समेत तीन देशों में हिली धरतीदुनिया
23 अक्तू॰ 2026, 10:19 am (7 दिन पहले)· 4

तिब्बत में भीषण भूकंप से 18 लोगों की जान गई, चीन और पाकिस्तान समेत तीन देशों में हिली धरती

तिब्बत में आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से 18 लोगों की मौत हो गई और कई घर तबाह हो गए। इसके अलावा शुक्रवार सुबह चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी झटके महसूस किए गए।

शुक्रवार 23 अक्टूबर 2026 की सुबह-सुबह एशियाई क्षेत्र के तीन बड़े देशों में धरती अचानक कांप उठी। चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में आज सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी से मिली जानकारी के अनुसार, इन तीनों देशों में आज सुबह आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर क्रमशः 4.1, 4.4 और 4.9 दर्ज की गई। इस भूगर्भीय हलचल ने एक दिन पहले यानी गुरुवार 22 अक्टूबर को तिब्बत में आए एक अत्यंत शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप की यादें ताजा कर दी हैं, जिसने पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई है।

तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही

बीते गुरुवार को चीन के दूर-दराज के तिब्बत क्षेत्र में रिक्टर पैमाने पर 7.0 तीव्रता का एक बहुत ही जोरदार भूकंप आया था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, यह आपदा रात 10:33 बजे यानी 1433 GMT पर आई थी। इस भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से अब तक तिब्बत में 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप का केंद्र नाग्कू से लगभग 190 किलोमीटर यानी 120 मील पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा में और क्षेत्रीय राजधानी ल्हासा से 390 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में एक दुर्गम पहाड़ी इलाके में स्थित था। स्थानीय प्रशासन और राहत कार्यों में जुटे अधिकारियों के अनुसार, इस झटके से प्रभावित इलाकों में आवासीय मकानों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। चीन सेंट्रल टेलीविजन ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस घटना में कुल 46 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 11 की शारीरिक स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इसके साथ ही, इस भीषण झटके के कारण 339 घर या तो पूरी तरह ढह गए हैं या उन्हें भारी क्षति पहुंची है।

चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में आज सुबह आए झटके

तिब्बत में मची तबाही के अगले ही दिन शुक्रवार की सुबह तीन अन्य पड़ोसी देशों में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के आंकड़ों के अनुसार, अफगानिस्तान में आज सुबह 5:54 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। वहीं, पड़ोसी देश पाकिस्तान में सुबह 4:56 बजे 4.9 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। इसके अलावा, चीन में सुबह 6:05 बजे 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इन लगातार झटकों से स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल बन गया है, हालांकि इन तीनों देशों में आज आए झटकों से किसी बड़े नुकसान की तत्काल कोई बड़ी खबर सामने नहीं आई है।

सरकारी एजेंसियों के अनुसार बुनियादी ढांचे को नुकसान और मौसम का संकट

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस शक्तिशाली भूकंप के झटकों की वजह से प्रभावित इलाकों के कुछ हिस्सों में संचार व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए उस क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेनों के संचालन को रोक दिया है। भूकंप के झटकों के तुरंत बाद पहाड़ी इलाकों से चट्टानें खिसककर नीचे आ गईं, जिसके कारण नेशनल हाईवे 317 का एक हिस्सा पूरी तरह से बंद करना पड़ा है। शिन्हुआ की रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि आगामी तीन दिनों के दौरान इस भूकंप प्रभावित क्षेत्र में रुक-रुककर बर्फबारी होने की पूरी संभावना बनी हुई है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

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सवाल-जवाब

तिब्बत में मुख्य भूकंप किस दिन और कितनी तीव्रता का आया था?
तिब्बत में गुरुवार 22 अक्टूबर को 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था।
तिब्बत के भूकंप में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
तिब्बत में आए भूकंप के कारण अब तक 18 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है।
शुक्रवार सुबह किन-किन देशों में भूकंप के झटके महसूस किए गए?
शुक्रवार सुबह चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भूकंप के झटके दर्ज किए गए।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आए भूकंप की तीव्रता क्या थी?
अफगानिस्तान में भूकंप की तीव्रता 4.1 और पाकिस्तान में 4.9 मापी गई।
तिब्बत में भूकंप का केंद्र कहां स्थित था?
भूकंप का केंद्र नाग्कू से लगभग 190 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में और ल्हासा से 390 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था।
भूकंप के कारण यातायात पर क्या असर पड़ा है?
चट्टानें खिसकने के कारण नेशनल हाईवे 317 का एक हिस्सा बंद कर दिया गया है और ट्रेनों का संचालन रोका गया है।
तिब्बत के प्रभावित क्षेत्र के लिए मौसम को लेकर क्या चेतावनी है?
भूकंप प्रभावित क्षेत्र में अगले तीन दिनों तक रुक-रुककर बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·6 दिन पहले

तिब्बत और आसपास के इलाकों में लगातार कांपती धरती देखकर मुझे वो साल याद आ गया जब मैं ल्हासा में था और अचानक आए झटके से होटल की दीवारें हिलने लगी थीं। 18 जाने जाना और सैकड़ों घरों का ढहना सच में दिल दहला देने वाला है, खासकर जब पहाड़ी रास्तों पर बर्फबारी भी राहत बचाव में अड़चन बन रही हो।

Rohan Verma@rohan-verma·6 दिन पहले

तिब्बत में 7.0 की तीव्रता वाला भूकंप सचमुच डराने वाला है। 18 जानें जाना और सैकड़ों घरों का ढहना बड़ी तबाही दिखाता है। ऊपर से लगातार बर्फबारी और ठप हुई संचार व्यवस्था ने राहत कार्यों को और मुश्किल बना दिया होगा।

Li Wei@li-wei·6 दिन पहले

रोहन, आपकी बात बिल्कुल सही है। मौसम खराब होने से रेस्क्यू ऑपरेशन में कितनी दिक्कत आ रही होगी?

Sophie Laurent@sophie-laurent·6 दिन पहले

तिब्बत और आसपास के इलाकों में लगातार इतने झटके आने से ठंड और बर्फबारी के बीच राहत कार्यों में कितनी दिक्कतें आ रही होंगी?

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·6 दिन पहले

सोफी, 339 घरों के ढहने और बर्फबारी के बीच वो 11 गंभीर रूप से घायल लोग वाकई डराते हैं।

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