उम्र के चौथे दशक में भी कैसे खुद को फिट रख रहे हैं डॉक्टर सौरभ सेठी, शेयर किए बड़े राजदलीप ट्रॉफी में रिंकू सिंह का दमदार अर्धशतक, ईस्ट जोन के खिलाफ सेंट्रल जोन ने बनाए 266 रनतुकाराम मुंढे के डर से ट्विंकल खन्ना ने किचन में की छापेमारी, घर में ही बनाने लगीं पनीरभारतीय रसोई में खास महत्व रखती है इमली, जानिए इसके ढेरों फायदे और भौगोलिक स्थितिदिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा हिमांशु भाऊ गैंग, कोटा से चार खतरनाक शूटर गिरफ्तारमंदसौर में बुजुर्ग दंपती की हत्या और लूटकांड का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार और एक का सुसाइडएशिया कप 2026: थाईलैंड के खिलाफ मुकाबले से टीम इंडिया के सफर की शुरुआतत्रिशूली का कहर: नेपाल में बाढ़ से सब कुछ तबाह, चश्मदीद ने सुनाई आपबीतीराहुल गांधी पर हल्द्वानी में एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग, पुलिस को दी गई शिकायतअरुणाचल प्रदेश की रेजिना मिहू को इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव का उपाध्यक्ष चुना गया
उज्बेकिस्तान से यूरेनियम आपूर्ति और यूपीआई विस्तार पर बनी सहमति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा में हुए कई बड़े समझौतेदुनिया
30 अग॰ 2026, 6:04 pm (2 घंटे पहले)· 1

उज्बेकिस्तान से यूरेनियम आपूर्ति और यूपीआई विस्तार पर बनी सहमति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा में हुए कई बड़े समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव की वार्ता के बाद दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया। इस दौरान 11 समझौते हुए, 5 बड़ी घोषणाएं की गईं और 2030 तक व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय हुआ।

भारत और उज्बेकिस्तान ने रविवार को अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाते हुए व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने का बड़ा निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच कुल 11 समझौतों और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जबकि पांच प्रमुख घोषणाएं भी सामने आईं। इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का एक स्पष्ट और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

यूरेनियम और महत्वपूर्ण खनिजों पर बनी सहमति

भारत और उज्बेकिस्तान ने यूरेनियम की निर्बाध और निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक दीर्घकालिक व्यवस्था स्थापित करने पर अपनी सहमति जताई है। इसके अतिरिक्त, महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों और भूविज्ञान के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए भी आधिकारिक समझौता संपन्न हुआ है। कूटनीतिक हलकों में इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और देश की भविष्य की रणनीतिक खनिज आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक बेहद अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

ये भी पढ़ें

डिजिटल पेमेंट और यूपीआई का विस्तार

भारत की अत्याधुनिक डिजिटल भुगतान व्यवस्था यूपीआई को उज्बेकिस्तान के यूजेडक्यूआर सिस्टम के साथ एकीकृत करने की दिशा में भी एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अब भारतीय यूपीआई ऐप का उपयोग करके उज्बेकिस्तान में स्थानीय व्यापारियों के यूजेडक्यूआर कोड को आसानी से स्कैन किया जा सकेगा और भुगतान पूरा किया जा सकेगा। इस तकनीकी एकीकरण से दोनों देशों के नागरिकों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आपसी कारोबारी लेनदेन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विभिन्न क्षेत्रों में हुए अन्य समझौते

दोनों राष्ट्रों के बीच संपन्न हुए समझौतों के दायरे में कई प्रमुख क्षेत्र शामिल किए गए हैं। इनमें वर्ष 2026 से 2030 की अवधि के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग, आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धति, पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन, उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान, तथा आर्थिक एवं वित्तीय संवाद शामिल हैं। इसके अलावा, भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार और उजआर्काइव के बीच आपसी सहयोग की रूपरेखा तैयार की गई है, तथा राजनयिक प्रशिक्षण के वास्ते सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट और उज़्बेक डिप्लोमैटिक एकेडमी के बीच भी साझेदारी तय की गई है।

बौद्ध विरासत और सांस्कृतिक संबंध

उज्बेकिस्तान के तेरमेज शहर में स्थित ऐतिहासिक फयाज तेपा और कारा तेपा बौद्ध स्थलों के संरक्षण और पुनर्स्थापना के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट पर मुहर लगी है। इस समझौते को भारत और मध्य एशिया के बीच गहरे ऐतिहासिक तथा सभ्यतागत संपर्कों को पुनर्जीवित करने और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

इसके अलावा, भारत सरकार द्वारा अराल सागर क्षेत्र में वनीकरण और हरियाली बढ़ाने के प्रयासों के तहत 10 लाख डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उज्बेकिस्तान में हिंदी भाषा के अध्ययन और अध्यापन को प्रोत्साहित करने के लिए 100 लाल बहादुर शास्त्री छात्रवृत्तियों की घोषणा की गई है, और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद यानी आईसीसीआर की संस्कृत चेयर स्थापित करने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अंत में, भारत के गुजरात राज्य और उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक समरकंद क्षेत्र के बीच पार्टनरशिप संबंध स्थापित करने के समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और जन-से-जन संपर्क को नई रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद है।

सवाल-जवाब

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच हाल ही में कुल कितने समझौतों पर हस्ताक्षर हुए?
दोनों देशों के बीच कुल 11 समझौतों और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
द्विपक्षीय व्यापार को किस वर्ष तक और कितने तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है?
दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।
उज्बेकिस्तान में भारतीय पर्यटक किस व्यवस्था के जरिए भुगतान कर सकेंगे?
भारतीय यूपीआई ऐप से उज्बेकिस्तान में व्यापारियों के यूजेडक्यूआर सिस्टम को स्कैन करके भुगतान किया जा सकेगा।
भारत अराल सागर क्षेत्र में वनीकरण के लिए कितनी सहायता देगा?
भारत अराल सागर क्षेत्र में वनीकरण के लिए 10 लाख डॉलर की सहायता प्रदान करेगा।
हिंदी के अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए क्या घोषणा की गई है?
हिंदी के अध्ययन को बढ़ावा देने के वास्ते 100 लाल बहादुर शास्त्री स्कॉलरशिप की घोषणा की गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·1 घंटे पहले

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऊर्जा सुरक्षा और यूपीआई का यह एकीकरण भू-राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्य एशिया के साथ कनेक्टिविटी और दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौतों से न केवल नई दिल्ली अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित कर रही है, बल्कि इस क्षेत्र में अपनी आर्थिक और रणनीतिक पैठ भी मजबूत कर रही है। 2030 तक पाँच अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक सहयोग को एक नई दिशा देगा।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·1 घंटे पहले

अमेरिका संवाददाता के दृष्टिकोण से, मध्य एशिया में भारत का यह रणनीतिक कदम वाशिंगटन और बीजिंग दोनों के भू-राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। ऊर्जा सुरक्षा के लिए यूरेनियम आपूर्ति और फिनटेक में यूपीआई का विस्तार वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती तकनीकी और आर्थिक कूटनीति को दर्शाता है। 2030 तक पाँच अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य से इस क्षेत्र में बहुध्रुवीकरण को बढ़ावा मिलेगा और नई दिल्ली की कूटनीतिक पहुंच अधिक सुदृढ़ होगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR