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अमेरिकी नौसेना ने हवाई के पास RIMPAC युद्धाभ्यास के दौरान अपने ही दो युद्धपोत USS पेलेलिउ और USS मोबाइल बे को समंदर में डुबोयादुनिया
26 जुल॰ 2026, 1:01 pm (22 दिन पहले)· 0

अमेरिकी नौसेना ने हवाई के पास RIMPAC युद्धाभ्यास के दौरान अपने ही दो युद्धपोत USS पेलेलिउ और USS मोबाइल बे को समंदर में डुबोया

हवाई के पास RIMPAC 2026 युद्धाभ्यास के दौरान, अमेरिकी नौसेना ने पांच अन्य देशों के साथ मिलकर अपने सेवानिवृत्त युद्धपोत USS पेलेलिउ और USS मोबाइल बे को समुद्र में डुबो दिया, जिससे नए हथियारों का परीक्षण करने और रीसाइक्लिंग के भारी खर्च से बचने में मदद मिली।

समुद्र में अपनी ताकत का लोहा मनवाने वाली अमेरिकी नौसेना ने हाल ही में प्रशांत महासागर में एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने अपने ही दो विशालकाय युद्धपोतों को समुद्र की गहराइयों में दफन कर दिया है। यह कार्रवाई किसी दुश्मन के हमले का नतीजा नहीं थी, बल्कि अमेरिकी नौसेना द्वारा खुद सोच-समझकर बनाई गई रणनीति का हिस्सा थी। सेवानिवृत्त हो चुके इन भारी-भरकम जहाजों को डुबोने के पीछे अरबों डॉलर की बर्बादी नहीं, बल्कि सैन्य प्रशिक्षण, अत्याधुनिक हथियारों की मारक क्षमता का परीक्षण और भविष्य में होने वाले भारी-भरकम खर्चों से बचने की एक सोची-समझी योजना छिपी हुई है।

रीसाइक्लिंग का भारी खर्च और जहाजों को नष्ट करने की मजबूरी

सैन्य जहाजों को सेवा से हटाने के बाद उन्हें सुरक्षित रूप से नष्ट करना एक बेहद खर्चीला और जटिल काम होता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण परमाणु ऊर्जा से चलने वाला अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Enterprise है, जिसे रीसायकल करने के लिए अमेरिकी नौसेना को 400 मिलियन डॉलर से अधिक का भारी-भरकम ठेका देना पड़ा है। परमाणु ऊर्जा से चलने वाले जहाजों के रेडियोधर्मी हिस्सों को सुरक्षित रूप से हटाना और सुरक्षा मानकों का कड़ा पालन करना इस पूरी प्रक्रिया को बेहद महंगा बना देता है। ऐसे में, गैर-परमाणु रिटायर्ड जहाजों को कबाड़ में बेचने या तोड़ने के बजाय उन्हें लाइव-फायर सैन्य अभ्यासों के लिए लक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करना आर्थिक और रणनीतिक दोनों रूप से फायदेमंद माना जाता है। इससे सैनिकों को वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में प्रशिक्षण मिलता है और पुराने जहाजों का सही निपटान भी हो जाता है.

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पर्यावरण सुरक्षा के कड़े सुरक्षा उपाय

समुद्र के पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान से बचाने के लिए किसी भी युद्धपोत को डुबोने से पहले उसकी बेहद गहन सफाई की जाती है। यह सफाई इतनी सख्त होती है कि जहाज अपने सेवाकाल के दौरान भी कभी इतना साफ नहीं रहा होता। अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के कड़े नियमों के अनुसार, जहाज से सभी प्रकार के खतरनाक रसायन, जहरीला कचरा, मरकरी, फ्लोरोकार्बन और पॉलीक्लोरीनेटेड बाइफिनाइल (PCB) को पूरी तरह से हटा दिया जाता है। जहाज के ईंधन टैंकों और इंजन रूम से तेल की एक-एक बूंद निकाल ली जाती है। जब पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों पर प्रमाण पत्र मिल जाता है, तभी जहाज को समुद्र में डुबोने की अंतिम अनुमति दी जाती है.

छह देशों के आधुनिक हथियारों का जोरदार प्रहार

हवाई के तट के पास आयोजित हुए बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास RIMPAC 2026 के दौरान इन दोनों युद्धपोतों को निशाना बनाया गया। सेवानिवृत्त हो चुके USS पेलेलिउ (Peleliu) और USS मोबाइल बे (Mobile Bay) पर छह देशों की सेनाओं ने मिलकर अपने सबसे आधुनिक हथियारों की बौछार कर दी। इस अभ्यास में अमेरिकी नौसेना की LRASM एंटी-शिप मिसाइल, थल सेना के HIMARS रॉकेट सिस्टम और अपाचे हेलीकॉप्टर से दागी जाने वाली Spike NLOS मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। इसके अलावा, जापान की Type-12 मिसाइल, अमेरिकी परमाणु पनडुब्बी USS Columbia से छोड़ी गई Harpoon मिसाइल और स्पेन के एक युद्धपोत से दागी गई हार्पून मिसाइल ने भी इन दोनों जहाजों पर अचूक निशाना लगाया। यह पूरी कवायद केवल जहाजों को नष्ट करने के लिए नहीं, बल्कि आधुनिक मिसाइल प्रणालियों की वास्तविक प्रभावशीलता को परखने के लिए की गई थी।

दशकों की शानदार सेवा और ऐतिहासिक इतिहास

समुद्र में समाने वाले ये दोनों युद्धपोत अमेरिकी नौसेना के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा रहे हैं। USS पेलेलिउ (LHA-5) एक एम्फीबियस असॉल्ट शिप था, जिसने 35 वर्षों तक अमेरिकी नौसेना में अपनी सेवाएं दीं। इस जहाज को मार्च 2015 में डिकमीशन किया गया था। अपने सेवाकाल के दौरान इसने खाड़ी युद्ध और इराक युद्ध जैसी प्रमुख सैन्य कार्रवाइयों में हिस्सा लिया था। इसके अलावा, इसने फिलीपींस में हुए ज्वालामुखी विस्फोट और वर्ष 2010 में पाकिस्तान में आई भीषण बाढ़ के दौरान मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वहीं दूसरी तरफ, गाइडेड मिसाइल क्रूजर USS मोबाइल बे (CG-53) को अगस्त 2023 में डिकमीशन किया गया था। इस युद्धपोत ने भी इराक अभियान और खाड़ी युद्ध के दौरान अमेरिकी नौसेना के अभियानों में अग्रिम पंक्ति में रहकर सेवा की थी।

समुद्र के अथाह अंधकार में अंतिम विश्राम

हथियारों की मार झेलने के बाद इन दोनों जहाजों को हवाई के काउआई द्वीप से लगभग 50 समुद्री मील दूर प्रशांत महासागर की अनंत गहराइयों में दफन कर दिया गया। इन्हें लगभग 15,000 फीट (करीब 4.75 किलोमीटर) गहरे पानी में डुबोया गया है, जहां कबाड़ निकालने के लिए इंसानी पहुंच नामुमकिन के बराबर है। अमेरिकी पर्यावरण और रक्षा नियमों के तहत, ऐसे अभ्यासों के लिए जहाजों को तट से काफी दूर और कम से कम 6,000 फीट गहरे पानी में ही डुबोने की अनुमति होती है, ताकि समुद्री जहाजों के आवागमन और पर्यावरण को कोई खतरा न पहुंचे।

दुनिया का सबसे बड़ा नौसैनिक युद्धाभ्यास

यह पूरी कार्रवाई RIMPAC 2026 अभ्यास का हिस्सा थी, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय समुद्री सैन्य कवायद माना जाता है। इस अभ्यास की शुरुआत वर्ष 1971 में की गई थी। इस बार इस युद्धाभ्यास का 30वां संस्करण आयोजित किया गया, जिसमें विश्व के 30 देशों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इस विशाल सैन्य अभ्यास में लगभग 30 युद्धपोत, 5 पनडुब्बियां, 190 से अधिक सैन्य विमान और तकरीबन 30,000 सैन्य कर्मियों ने हिस्सा लिया, जिससे वैश्विक नौसैनिक तालमेल और सुरक्षा को मजबूती मिली।

सवाल-जवाब

युद्धाभ्यास के दौरान अमेरिकी नौसेना के किन दो युद्धपोतों को डुबोया गया?
अमेरिकी नौसेना ने अपने सेवानिवृत्त एम्फीबियस असॉल्ट शिप USS पेलेलिउ (LHA-5) और गाइडेड मिसाइल क्रूजर USS मोबाइल बे (CG-53) को समुद्र में डुबो दिया।
अमेरिकी नौसेना अपने सेवानिवृत्त जहाजों को रीसायकल करने के बजाय क्यों डुबो देती है?
सेवानिवृत्त युद्धपोतों, विशेष रूप से परमाणु ऊर्जा से चलने वाले जहाजों को रीसायकल करना बहुत महंगा और जटिल होता है। इन्हें नियंत्रित अभ्यासों में डुबोने से वास्तविक युद्ध जैसा प्रशिक्षण मिलता है और नए हथियारों का किफायती परीक्षण होता है।
युद्धपोत को डुबोने से पहले पर्यावरण सुरक्षा के क्या उपाय किए जाते हैं?
डुबोने से पहले, अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के मानकों के तहत जहाज से सभी जहरीले पदार्थ जैसे PCB, पारा (मरकरी), फ्लोरोकार्बन और तेल पूरी तरह से साफ किए जाते हैं।
इन जहाजों को डुबोने में किन देशों और हथियारों ने हिस्सा लिया?
इसमें छह देशों ने हिस्सा लिया और अमेरिकी LRASM व HIMARS, जापान की Type-12 मिसाइल, स्पेनिश युद्धपोत व USS कोलंबिया पनडुब्बी से दागी गई हार्पून मिसाइलों और स्पाइक NLOS मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
इन युद्धपोतों को ठीक किस जगह और कितनी गहराई पर डुबोया गया?
इनको हवाई के काउआई द्वीप से लगभग 50 समुद्री मील दूर प्रशांत महासागर में तकरीबन 15,000 फीट (4.75 किलोमीटर) की गहराई में डुबोया गया।
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