ई-कॉमर्स और ऑनलाइन शॉपिंग की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई एजेंट्स द्वारा इंसानों की जगह सीधे खरीदारी करने को लेकर काफी चर्चा चल रही है, लेकिन जमीनी हकीकत फिलहाल इस व्यापक उत्साह से काफी अलग नजर आती है। ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म डोरडैश ने अपनी तीसरी तिमाही की अर्निंग्स कॉल में स्पष्ट किया है कि म्यूज, इंस्टिंक्ट और फो जैसे थर्ड-पार्टी एआई एजेंट्स के जरिए उसे अब तक केवल कुछ सौ ऑर्डर ही प्राप्त हुए हैं। यह संख्या कंपनी के सामान्य कारोबार के मुकाबले बेहद मामूली है, क्योंकि अपनी 2025 की रिपोर्ट में कंपनी ने बताया था कि वह रोजाना औसतन 30 लाख डिलीवरी पूरी करती है।
टेक्नोलॉजी के साथ तालमेल जरूरी, लेकिन भ्रम में रहना ठीक नहीं
एक एनालिस्ट द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में डोरडैश के सीईओ टोनी शू ने साफ किया कि एजेंट्स के जरिए ऑर्डर देने की व्यवस्था अभी शुरुआती और बेहद गतिशील दौर में है। टोनी शू ने अपनी राय रखते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी से जुड़ी हर चीज पर उनका मानना है कि कभी भी ग्रेविटी से मुकाबला नहीं करना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही किसी गलतफहमी या भ्रम में रहना भी सही नहीं है। उन्होंने आगे समझाया कि यदि आज के समय में एआई एजेंट्स की वास्तविक स्थिति को देखा जाए, तो थर्ड-पार्टी एजेंट्स से कुल मिलाकर सिर्फ कुछ सौ ऑर्डर्स ही दर्ज किए गए हैं।
डोरडैश के अपने टूल्स और भविष्य की संभावनाएं
सीईओ टोनी शू के अनुसार अधिकांश ग्राहक आज भी डोरडैश के मोबाइल ऐप के जरिए ही खाना और जरूरी सामान मंगाना पसंद कर रहे हैं। इसके बावजूद प्लेटफॉर्म इन एआई एजेंट्स के इस्तेमाल के नए तरीकों को समझने का इच्छुक है और थर्ड-पार्टी डेवलपर्स के साथ एक सकारात्मक साझेदारी बनाना चाहता है। उन्होंने यह संभावना भी जताई कि भविष्य में इन एआई एजेंट्स के इंटरफेस के भीतर विज्ञापन दिखाने या प्रचार करने के नए कारोबारी मौके भी मिल सकते हैं।
खुद डोरडैश ने भी इस दिशा में कई तकनीकी कदम उठाए हैं। कंपनी ने सितंबर में टेक्स्ट के जरिए ऑर्डर करने वाला अपना टूल पेश किया था, जबकि जुलाई में कमांड लाइन इंटरफेस यानी सीएलआई आधारित एजेंट पेश किया गया था। इससे पहले जून में आस्क डोरडैश नाम का चैटबॉट लाया गया था, जिसकी मदद से ग्राहक संकेतों और तस्वीरों के जरिए सीधे ऑर्डर दे सकते हैं। इसके अलावा कॉरपोरेट स्तर पर खरीदारी की सुविधा देने के लिए डोरडैश ने एक एमसीपी कनेक्टर भी जारी किया है, जिससे अन्य चैटबॉट्स से ऑर्डर मंगाए जा सकें।
ई-कॉमर्स कंपनियों की अलग-अलग रणनीतियां
वेबसाइट्स और डिजिटल स्टोर्स के लिए एआई एजेंट्स को अपने प्लेटफॉर्म पर अनुमति देना अभी एक पेचीदा विषय बना हुआ है। जहां दिग्गज रिटेलर अमेज़न ऐसे पर्सनल एजेंट्स की पहुंच को रोकने के लिए पाबंदियां लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर वॉलमार्ट ने प्रतिद्वंद्वियों से कारोबार हासिल करने के इरादे से इन एआई एजेंट्स का पूरी तरह स्वागत किया है। रिटेल इंडस्ट्री में इन दोनों अलग दृष्टिकोणों के बीच डोरडैश भी अपने दरवाजे बंद करने के बजाय बाजार के रुझान पर नजर बनाए हुए है।


















