आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एंथ्रोपिक ने सामाजिक भलाई के मकसद से एक नया पब्लिक बेनिफिट फंड स्थापित करने का फैसला किया है। इस विशेष पहल के तहत कंपनी अपनी कुल हिस्सेदारी का 5 प्रतिशत हिस्सा सीधे इस फंड को समर्पित करेगी। एंथ्रोपिक ने आधिकारिक तौर पर घोषणा में स्पष्ट किया कि इस कदम से उसे सामाजिक कल्याण के कामों को बड़े पैमाने पर और स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
फंड की कार्यप्रणाली और भविष्य का ढांचा
यह फंड एंथ्रोपिक के पूर्ण स्वामित्व वाली एक अलग आंतरिक इकाई के तौर पर संचालित किया जाएगा। हिस्सेदारी की मौजूदा 5 प्रतिशत प्रतिबद्धता के अलावा, व्यवस्था में यह प्रावधान भी रखा गया है कि कंपनी के मूल्यांकन में होने वाली हर 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर फंड में अतिरिक्त 2 प्रतिशत शेयर और जोड़े जा सकेंगे। इस कोष की पूंजी के उपयोग को लेकर कंपनी ने कुछ प्राथमिक संकेत दिए हैं, जिनमें पारंपरिक गैर-लाभकारी संगठनों को बड़े स्तर पर आर्थिक अनुदान देना या फिर समाज के चुनिंदा जरूरतमंद वर्गों तक सीधी वित्तीय सहायता पहुंचाना शामिल है।
रोजगार पर एआई का असर और भरोसे का संकट
तकनीक के प्रसार के साथ नौकरियों पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर दुनिया भर में चिंताएं बढ़ रही हैं। एंथ्रोपिक इससे पहले रोजगार बाजार पर एआई के प्रभावों का अध्ययन करने के लिए 200 मिलियन डॉलर आवंटित करने की प्रतिबद्धता जता चुकी है। कंपनी का मानना है कि एआई के विकास की मौजूदा तेज गति को देखते हुए पारंपरिक तरीकों से कहीं आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने की जरूरत पड़ सकती है, और यह नया फंड ऐसे प्रयोगों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगा।
यह घोषणा ऐसे समय में सामने आई है जब पूरी एआई इंडस्ट्री को आम लोगों के भारी अविश्वास और आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोदेई ने इस विरोध को बुनियादी तौर पर विश्वास का संकट करार दिया है। हालांकि, इस फंड की प्राथमिकताओं और अनुदान के फैसलों को अंतिम रूप कौन देगा, इस पर एंथ्रोपिक ने कहा है कि उसकी प्रशासनिक संरचना और संचालन नियमों की विस्तृत जानकारी आगामी महीनों में साझा की जाएगी।



















