डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक ऐसी तस्वीर साझा की, जिसने एक बार फिर नस्लभेदी संदेश को लेकर बहस छेड़ दी है। इस छेड़छाड़ की गई तस्वीर में बराक ओबामा और मिशेल ओबामा एक ऐसे एयर फोर्स वन के पास हाथ हिलाते नजर आ रहे हैं, जिस पर चारों तरफ ग्रैफिटी बनी हुई है। यह पोस्ट इसलिए भी ध्यान खींच रही है, क्योंकि इसी साल पहले भी इसी तरह की सामग्री साझा किए जाने पर व्यापक निंदा हुई थी। इस मामले पर टिप्पणी मांगे जाने पर व्हाइट हाउस की ओर से तुरंत कोई जवाब नहीं आया।
छेड़छाड़ वाली इस तस्वीर में हल्के नीले और सफेद रंग वाले राष्ट्रपति के विमान पर स्प्रे पेंट से शब्द और चिह्न बने दिखाए गए हैं। इस ग्रैफिटी में 'Yes We Can', 'Obama' और 'BLM' यानी ब्लैक लाइव्स मैटर जैसे शब्द शामिल हैं। इसके साथ ही तस्वीर में अरबी में 'अलहम्दुलिल्लाह' भी लिखा दिखाया गया है, जिसका अर्थ ईश्वर का शुक्र है या भगवान की स्तुति होता है। इस तरह की ग्रैफिटी वाली थीम का इस्तेमाल पहले भी नस्लभेदी संदेश देने के लिए किया जा चुका है।
एयर फोर्स वन का संवेदनशील मुद्दा
एयर फोर्स वन से जुड़ा यह विषय ऐसे समय में सामने आया, जब हाल ही में ट्रंप एक नए राष्ट्रपति विमान से यात्रा कर चुके हैं, जिसकी वजह से यह मुद्दा और संवेदनशील हो गया है। पिछले हफ्ते ट्रंप ने एक नए सिरे से तैयार किए गए बोइंग 747-800 विमान से पहली उड़ान भरी थी। इस विमान की कीमत 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर आंकी गई है और इसे कतर की ओर से उपहार में दिया गया है। इस विमान का रंगरूप भी बदला गया है। पहले जहां इसका ढांचा हल्के नीले रंग का था, वहीं अब इसका निचला हिस्सा गहरे नीले रंग का कर दिया गया है, जिस पर लाल और सुनहरी धारियां बनाई गई हैं।
शनिवार की रात वॉशिंगटन के नेशनल मॉल में स्वतंत्रता दिवस के भाषण के बाद रविवार को ट्रंप का कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं था। उन्होंने अपना रविवार वर्जीनिया के एक गोल्फ क्लब में बिताया। ट्रंप को सोमवार को तुर्की के लिए रवाना होना था, जहां उन्हें नाटो सहयोगियों के साथ एक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेना है। ये पोस्ट ऐसे वक्त सामने आईं, जब दुनिया भर के नेता वहां होने वाली बैठकों की तैयारी कर रहे थे।
ओबामा परिवार पर हमलों का पुराना सिलसिला
ट्रंप का ओबामा परिवार पर तीखे और निजी हमले करने का लंबा इतिहास रहा है। इसमें यह झूठा दावा फैलाना भी शामिल है कि बराक ओबामा का जन्म अमेरिका में नहीं हुआ था। इसके अलावा उन्होंने बहुसंख्यक अश्वेत आबादी वाले देशों को लेकर भी अभद्र टिप्पणियां की हैं। ट्रंप ट्रुथ सोशल पर पहले भी ऐसी सामग्री पोस्ट कर चुके हैं, जिस पर गुस्सा और आलोचना दोनों देखने को मिली।
रविवार वाली यह तस्वीर उस पोस्ट के कुछ महीनों बाद आई है, जिसमें ओबामा दंपति को जंगल में बंदरों के रूप में दिखाया गया था। वह पोस्ट फरवरी में सामने आई थी, जो ब्लैक हिस्ट्री मंथ का पहला हफ्ता था। नागरिक अधिकार नेताओं और रिपब्लिकन सांसदों की कड़ी आलोचना के बाद उस पोस्ट को हटा दिया गया था। ट्रंप ने इसके लिए माफी नहीं मांगी और बाद में इसका ठीकरा एक कर्मचारी पर फोड़ दिया गया।
ओबामा लाइब्रेरी को लेकर भी तंज
रविवार की पोस्ट से पहले पिछले महीने ट्रंप ने शिकागो में बन रही बराक ओबामा की राष्ट्रपति लाइब्रेरी को लेकर भी एक पोस्ट की थी। उन्होंने एक ऐसी छेड़छाड़ की गई तस्वीर साझा की थी, जिसमें इस इमारत के ऊपर कचरे से भरा एक बड़ा थैला रखा हुआ दिखाया गया था। तस्वीर में यह भी दिखाने की कोशिश की गई कि इसके आसपास का इलाका बंजर जमीन है। उस समय उन्होंने लिखा था, 'ओबामा लाइब्रेरी आज से दस साल बाद उन लोगों के लिए तीर्थस्थल बन जाएगी, जो अमेरिका से नफरत करते हैं! राष्ट्रपति DJT।'
ट्रंप सार्वजनिक बयानों में भी ओबामा लाइब्रेरी की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने छेड़छाड़ वाली इस लाइब्रेरी की तस्वीर को सोशल मीडिया मंच पर दो बार पोस्ट किया। बार-बार साझा किए जाने से यह मुद्दा उनके समर्थकों के बीच बना रहा। ओबामा परिवार की प्रवक्ता ने भी टिप्पणी मांगे जाने पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।
मेलोनी वाली तस्वीर से नया विवाद
एयर फोर्स वन वाली यह पोस्ट रविवार को ट्रुथ सोशल पर की गई कई पोस्ट में से एक थी। इनमें से एक में एक पुरानी तस्वीर थी, जिसमें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ट्रंप को देखकर मुस्कुराती दिख रही थीं। इस तस्वीर पर 'RESTRAINING ORDER NEEDED' यानी 'निषेधाज्ञा की जरूरत' शब्द लिखे थे। तुर्की में इस हफ्ते होने वाली बैठकों के दौरान इस पोस्ट से और विवाद खड़ा होने का खतरा है।
मेलोनी वाली यह पोस्ट ट्रंप के उस दावे के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि हाल ही में हुए जी7 शिखर सम्मेलन में मेलोनी ने बार-बार उनके साथ तस्वीर खिंचवाने की मांग की थी। ट्रंप ने यहां तक कहा था कि मेलोनी ने तस्वीर के लिए गिड़गिड़ाया। इन टिप्पणियों के बाद इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने वॉशिंगटन की अपनी प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी। मेलोनी ने इस दावे को झूठा बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि इटली और मैं कभी किसी के सामने नहीं गिड़गिड़ाते।











