अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही अमेरिकी प्रशासन ने ईरान को किसी भी प्रकार की जवाबी कार्रवाई न करने की सख्त चेतावनी दी है। अमेरिकी नेतृत्व का कहना है कि यदि तेहरान की ओर से कोई नया हमला होता है, तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक आक्रामक और विध्वंसकारी सैन्य कार्रवाई से दिया जाएगा। मध्य पूर्व में पिछले कई महीनों से जारी समुद्री और सैन्य गतिरोध के बीच यह अब तक की सबसे बड़ी सैन्य हलचल मानी जा रही है।
अमेरिकी कार्रवाई और डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी किए गए सार्वजनिक बयान के अनुसार, अमेरिकी सेना ने रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर ज़बरदस्त हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि यह पूरी सैन्य कार्रवाई उस इलाके में ईरान द्वारा की गई उकसावे वाली हरकतों का सीधा जवाब है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री जहाजरानी मार्गों में बारूदी सुरंगें बिछाने की नाकाम कोशिश की थी। हालांकि, अमेरिकी नौसेना और सुरक्षा बलों ने उन सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को पूरी तरह से हटा दिया या नष्ट कर दिया है, जिससे अब वहां कोई खतरा मौजूद नहीं है।
इसके अतिरिक्त अमेरिकी प्रशासन ने यह भी खुलासा किया कि ईरानी बलों ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे की तरफ आठ मिसाइलें दागी थीं। जॉर्डन सैन्य अड्डे पर तैनात अमेरिकी रक्षा प्रणालियों ने उन सभी आठों मिसाइलों को हवा में ही सफलतापूर्वक मार गिराया। ईरान को किसी भी तरह के प्रतिशोध से आगाह करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान इस पूरी तरह से जायज अमेरिकी हमले का जवाब देने का प्रयास करता है, तो उस पर और भी ज़ोरदार हमला किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका का सबसे बड़ा हमला तो अभी बाकी है और जब वह हमला होगा, तब इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान का बहुत कम हिस्सा ही बच पाएगा।
ईरान का पलटावार का ऐलान और बंदर अब्बास में धमाके
अमेरिकी बमबारी के तुरंत बाद तेहरान की सैन्य कमान ने भी सख्त रुख अपनाया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता होसैन मोहेबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से अमेरिका को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि हमलावरों को इसकी कड़ी सजा दी जाएगी और अमेरिका को अपने इन नए हमलों पर गहरा पछतावा होगा। ईरानी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि वे अमेरिकी आक्रामकता के सामने झुकने वाले नहीं हैं और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
दूसरी ओर ईरानी सरकारी टेलीविजन की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी ईरान में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास कई शक्तिशाली विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। ये धमाके बंदर अब्बास शहर के पूर्व में स्थित इलाकों और केशम द्वीप के आसपास दर्ज किए गए। हालांकि, स्थानीय निवासियों द्वारा सुने गए इन भारी धमाकों के बावजूद, दक्षिणी होरमोज़गन प्रांत के प्रशासनिक सूत्रों ने जानकारी दी है कि प्राथमिक जांच में अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छह महीने लंबा संघर्ष और जारी रणनीतिक गतिरोध
अमेरिका और ईरान के बीच यह ताजा सैन्य हमला उस युद्ध का हिस्सा है जो पिछले छह महीनों से बिना किसी अंतिम नतीजे के लगातार जारी है। दोनों देश इस समय एक रणनीतिक गतिरोध में फंसे हुए हैं, जहां ईरान ने महत्वपूर्ण व्यापारिक जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी कर रखी है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की जवाबी घेराबंदी जारी रखी है। इस हालिया हमले से पहले, अमेरिकी वायुसेना ने रविवार को भी होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित ईरान के एक द्वीप पर बमबारी की थी, जो कई हफ्तों में ईरानी क्षेत्र पर अमेरिका का पहला ज्ञात सैन्य हमला था।


















