अमेरिकी नौसेना के अग्रिम अभियानों और युद्धपोतों की अति-दीर्घकालिक तैनाती को लेकर वॉशिंगटन के राजनीतिक हलकों में गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ को एक विस्तृत पत्र भेजकर यूएसएस अब्राहम लिंकन (CVN-72) विमानवाहक पोत पर जारी परिस्थितियों का तुरंत ब्योरा मांगा है। समुद्र में लगातार 250 से अधिक दिनों से गश्त कर रहे इस विशाल पोत पर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी, प्लंबिंग प्रणालियों में तकनीकी खराबी और वहां तैनात हजारों नौसैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य में आ रही गिरावट पर पेंटागन से औपचारिक जवाब तलब किया गया है।
नौसैनिकों की स्थिति और जीवन की चुनौतियां
सोशल मीडिया मंच एक्स पर सार्वजनिक किए गए अपने तीन पन्नों के पत्र में सीनेटर ब्लूमेंथल ने नौसैनिकों की मौजूदा दशा पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतने लंबे समय तक बिना पर्याप्त रखरखाव के समुद्र में रहने के कारण जहाज पर रसद की कमी होने लगी है और स्वच्छता से जुड़ी समस्याएं भी विकराल रूप ले चुकी हैं। लगातार उच्च तनाव वाले माहौल में तैनात रहने के कारण सैनिकों में शारीरिक थकान और मानसिक अवसाद की शिकायतें बढ़ रही हैं। सीनेटर ने कहा कि इस प्रकार का भारी दबाव नौसेना के परिचालन कौशल और सैनिकों की युद्ध तत्परता को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।
वियतनाम युद्ध के दौर से तुलना और रणनीतिक सवाल
अमेरिकी सैन्य नियमों के अनुसार किसी भी विमानवाहक पोत की मानक समुद्री तैनाती अवधि अधिकतम 6 महीने निर्धारित की गई है। हालांकि, यूएसएस अब्राहम लिंकन स्ट्राइक ग्रुप को इस साल जनवरी के उत्तरार्ध में दक्षिण चीन सागर में जारी नौसैनिक अभ्यासों से अचानक हटाकर मध्य पूर्व में तैनात कर दिया गया था। ब्लूमेंथल ने अपने ज्ञापन में यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड (CVN-78) का भी उल्लेख किया, जिसने अत्यंत विषम परिस्थितियों के बीच समुद्र में 326 दिन व्यतीत किए थे। उन्होंने रेखांकित किया कि वियतनाम युद्ध के बाद से अमेरिकी नौसेना के इतिहास में इतनी लंबी मिशन अवधि पहले कभी नहीं देखी गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीनेटर ने रक्षा नेतृत्व से कुल 6 विशिष्ट सवाल पूछे हैं, जिनमें पोत की वापसी की संभावित तिथि, सैनिकों के लिए राहत के उपाय और भावी सैन्य रणनीतियों का खाका शामिल है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच खींचतान
यह संपूर्ण घटनाक्रम मध्य पूर्व में ईरान के साथ बढ़ते तनाव और रणनीतिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी गतिरोध की पृष्ठभूमि में घटित हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार यह दावा किया है कि अमेरिकी सशस्त्र बलों का होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित हो चुका है। इसके विपरीत तेहरान स्थित ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए जलमार्ग पर अपनी आक्रामक रणनीति कायम रखने की बात कही है। अल जजीरा की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक और तेल टैंकर जहाजों की आवाजाही पिछले एक सप्ताह के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। घटता समुद्री यातायात वाशिंगटन के आधिकारिक दावों और जलडमरूमध्य की वास्तविक जमीनी स्थिति के बीच एक बड़े अंतर की ओर इशारा कर रहा है।



















