व्हाइट हाउस प्रशासन से एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। 28 साल की कैरोलिन लेविट इसी महीने के अंत में अपनी जिम्मेदारियों से अलग हो जाएंगी। इस फैसले की जानकारी खुद डोनाल्ड ट्रंप ने दी। उन्होंने बताया कि कैरोलिन लेविट अपने छोटे बच्चों और परिवार के साथ अधिक वक्त बिताना चाहती हैं। हालांकि वह व्हाइट हाउस की दैनिक प्रशासनिक भूमिका से हट रही हैं, लेकिन वह डोनाल्ड ट्रंप की बाहरी सलाहकार के रूप में जुड़ी रहेंगी और रिपब्लिकन पार्टी के कामकाज में अपनी सक्रिय भागीदारी बनाए रखेंगी।
मातृत्व की जिम्मेदारियां और पद छोड़ने का फैसला
कैरोलिन लेविट के इस कदम के पीछे उनके परिवार और दो छोटे बच्चों की परवरिश मुख्य वजह बनी है। उन्होंने मई महीने में अपनी दूसरी संतान के रूप में बेटी विवियाना को जन्म दिया था। इससे पहले जुलाई 2024 में उनके बेटे निको का जन्म हुआ था। बेटी के जन्म के बाद वह नियमानुसार मातृत्व अवकाश पर थीं। उसी दौरान डोनाल्ड ट्रंप पर हमले का प्रयास हुआ था, जिसके बाद उन्होंने अपनी छुट्टियां टाल दी थीं और काम पर वापस लौट आई थीं।
जून महीने में काम संभालने के बाद कैरोलिन लेविट को यह अहसास हुआ कि व्हाइट हाउस प्रेस सचिव का पद बेहद व्यस्तता भरा है। इस उच्च स्तरीय प्रशासनिक जिम्मेदारी को निभाने के साथ-साथ दो मासूम बच्चों को पूरा समय देना बहुत कठिन साबित हो रहा था। गहन विचार-विमर्श के बाद उन्होंने इस्तीफा देने का कठिन निर्णय लिया। उन्होंने अपने इस कदम को खट्टा-मीठा फैसला करार दिया, क्योंकि राजनीतिक करियर के इस मोड़ पर पद छोड़ना चुनौतीपूर्ण था लेकिन बच्चों की देखभाल उनकी पहली प्राथमिकता बन चुकी थी।
कैरोलिन लेविट का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है, क्योंकि वह ट्रंप प्रशासन में सबसे कम उम्र की प्रेस सचिव बनी थीं। केवल 28 वर्ष की आयु में इस महत्वपूर्ण पद को संभालने वाली कैरोलिन लेविट को मीडिया कक्ष में तीखे सवालों के बेबाक जवाब देने के लिए जाना जाता है। वह डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का पूरी मजबूती और स्पष्टता से बचाव करने के लिए प्रसिद्ध रही हैं।
32 साल बड़े बिजनेसमैन से शादी और निजी जिंदगी
राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ कैरोलिन लेविट की निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा के केंद्र में रही है। उनकी लव स्टोरी और शादी की कहानी काफी अनोखी है। उनके पति निकोलस रिसियो की उम्र 60 वर्ष है, जबकि कैरोलिन लेविट की उम्र 28 वर्ष है। दोनों की उम्र में 32 साल का बड़ा अंतर है। निकोलस रिसियो न्यू हैम्पशायर के एक सफल और बड़े रियल एस्टेट व्यवसायी हैं।
अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद निकोलस रिसियो ने प्रॉपर्टी से जुड़ा कोर्स किया था और उसके बाद रिसियो एंटरप्राइजेज की स्थापना की। आज वह एक अरबपति कारोबारी हैं और हैम्पटन बीच इलाके में उनकी 15 से भी अधिक किराए की इमारतें मौजूद हैं। व्यापारिक दुनिया में उनकी एक मजबूत पहचान है।
मुलाकात की शुरुआत, पारिवारिक स्वीकार्यता और शादी
कैरोलिन लेविट और निकोलस रिसियो की पहली मुलाकात साल 2022 में हुई थी। उस समय कैरोलिन लेविट कांग्रेस का चुनाव लड़ रही थीं। दोनों की मुलाकात एक साझा मित्र के कार्यक्रम के दौरान हुई थी। उस चुनाव में कैरोलिन लेविट ने प्राइमरी यानी पार्टी का नामांकन तो जीत लिया था, लेकिन वह अंतिम मुख्य चुनाव में जीत दर्ज नहीं कर सकी थीं। अपनी निजी जिंदगी को मीडिया की नजरों से थोड़ा दूर रखते हुए उन्होंने अपनी शादी की तारीख का खुलासा तुरंत नहीं किया था। जब उनके पहले बेटे निको का जन्म हुआ, तब उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर अपने परिवार की झलक दिखाई थी।
कैरोलिन लेविट ने अपनी शादी और रिश्ते के बारे में खुलकर बात करते हुए कहा था कि उनकी प्रेम कहानी भले ही आम जोड़ियों से अलग और असामान्य है, लेकिन निकोलस रिसियो बेहद सहयोगी साथी हैं। एक सफल व्यवसायी होने के नाते वह कैरोलिन लेविट के राजनीतिक करियर और महत्वाकांक्षाओं को पूरा समर्थन देते आए हैं। हालांकि शुरुआत में कैरोलिन लेविट के माता-पिता के लिए उम्र के इस 32 साल के अंतर को स्वीकार करना आसान नहीं था और इसमें थोड़ा वक्त लगा, लेकिन बाद में परिवार में सब कुछ सामान्य हो गया। दोनों की सगाई दिसंबर 2023 में हुई थी और इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले उन्होंने शादी रचाई थी।
ईरान का अजीबोगरीब संदेश और करियर की नई दिशा
कैरोलिन लेविट की बेटी विवियाना के जन्म के समय एक अंतरराष्ट्रीय विवाद भी खड़ा हो गया था। बेटी के जन्म पर ईरान की तरफ से एक बेहद अजीब और विवादित बधाई संदेश भेजा गया था। उस संदेश में कहा गया था कि आपको बधाई हो, लेकिन आपके बॉस ने 168 बच्चियों की हत्या की है। इस तरह के राजनीतिक दबावों और तीखे बयानों के बीच कैरोलिन लेविट हमेशा डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में मजबूती से डटी रहीं।
अपने आक्रामक तर्कों और प्रेस बैठकों में मजबूत रुख के लिए पहचानी जाने वाली कैरोलिन लेविट अब प्रशासनिक जिम्मेदारियों से मुक्त होकर अपना पूरा ध्यान बच्चों के लालन-पालन पर केंद्रित करेंगे। उनकी यह पूरी कहानी राजनीति के शीर्ष पद और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन की एक अनूठी मिसाल पेश करती है, जहां उन्होंने करियर की ऊंचाई पर पहुंचकर भी मातृत्व को प्राथमिकता दी।



















