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अरुणाचल प्रदेश के कीवी पहुंचे दुबई, वैश्विक बाजार में खुली किसानों की राहअरुणाचल प्रदेश
30 अक्तू॰ 2026, 1:33 am (2 घंटे पहले)· 0

अरुणाचल प्रदेश के कीवी पहुंचे दुबई, वैश्विक बाजार में खुली किसानों की राह

ईटानगर से भेजा गया कीवी का पहला प्रायोगिक शिपमेंट दुबई के लुलु हाइपरमार्केट में प्रदर्शित हुआ, जिससे स्थानीय उत्पादकों को बेहतर आय और नया विदेशी बाजार मिलने की उम्मीद जगी है।

पूर्वोत्तर के पर्वतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश के बागवानी क्षेत्र ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एक उल्लेखनीय कदम बढ़ाया है। ईटानगर से रवाना की गई कीवी की पहली परीक्षण खेप संयुक्त अरब अमीरात के शहर दुबई पहुंच चुकी है, जहां इसे अल कुसैस स्थित लुलु हाइपरमार्केट में ग्राहकों के लिए प्रदर्शित किया गया है। इस खेप के सफल पहुंचने के साथ ही पूर्वोत्तर के किसानों की उपज को वैश्विक फल बाजार तक सीधे पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

ईटानगर से दुबई तक का सफर

कीवी की इस खेप को 26 अक्टूबर को राज्य की राजधानी ईटानगर से औपचारिक रूप से रवाना किया गया था। इस प्रायोगिक शिपमेंट का मुख्य उद्देश्य खाड़ी देशों के फल बाजार में अरुणाचल प्रदेश में पैदा होने वाली कीवी की मांग, गुणवत्ता और स्वीकार्यता की थाह लेना है। अधिकारियों का लक्ष्य केवल एक बार फल भेजना नहीं, बल्कि वहां की बड़ी रिटेल शृंखलाओं में नियमित आपूर्ति श्रृंखला खड़ी करना है, ताकि वहां के उपभोक्ता स्थानीय फल की ताजगी और स्वाद से परिचित हो सकें।

किसानों की आय और आजीविका पर असर

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इस व्यावसायिक पहल का स्वागत करते हुए कहा कि किसानों की कड़ी मेहनत और घरेलू उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय मंडियों से जोड़कर हम बेहतर कमाई और टिकाऊ ग्रामीण आजीविका के नए रास्ते तैयार कर रहे हैं। राज्य प्रशासन के अनुसार, जब तक स्थानीय फल केवल क्षेत्रीय या घरेलू बाजारों तक सीमित रहता है, तब तक किसानों को अपनी मेहनत का सर्वोत्तम मूल्य पाने में कठिनाई होती है। विदेशों में फल की सीधी मौजूदगी से बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और बागवानों को अपनी फसल के बेहतर दाम सीधे प्राप्त हो सकेंगे।

सरकारी एजेंसियों और उत्पादक सहकारी समिति का साझा प्रयास

इस निर्यात पहल को जमीन पर उतारने के लिए कई विभागों और संगठनों ने मिलकर काम किया। इस पूरी प्रक्रिया में राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, बागवानी विभाग, भारत सरकार के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी एपीडा (APEDA), तथा कीवी ग्रोअर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी की सक्रिय भूमिका रही। बागवानी विभाग और किसान सहकारी संस्था के तालमेल ने उत्पादकों को एकत्र करने, फलों की छंटाई करने और पैकिंग मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप तैयार करने में मदद की, जबकि वाणिज्य विभाग और एपीडा ने निर्यात से जुड़े लॉजिस्टिक्स और आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं।

वैश्विक पहचान और भविष्य की संभावनाएं

अरुणाचल प्रदेश की जलवायु रसीले और पोषक तत्वों से भरपूर कीवी की पैदावार के लिए अत्यधिक अनुकूल मानी जाती है। अब तक राज्य के किसानों के सामने सबसे बड़ी बाधा परिवहन और बड़े बाजारों तक पहुंच की रही है। दुबई में लुलु हाइपरमार्केट जैसे प्रमुख खुदरा केंद्र में इस फल की मौजूदगी से अरुणाचल की बागवानी क्षमता सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने आई है। यह परीक्षण शिपमेंट सफल रहने के बाद राज्य से अन्य बागवानी उत्पादों के निर्यात के दरवाजे भी खुल सकते हैं, जिससे राज्य के ग्रामीण अर्थतंत्र को नई गति मिलने की संभावना है।

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सवाल-जवाब

अरुणाचल प्रदेश की कीवी की पहली परीक्षण खेप कहां प्रदर्शित की गई है?
यह खेप दुबई के अल कुसैस स्थित लुलु हाइपरमार्केट में प्रदर्शित की गई है।
इस फल की खेप को ईटानगर से कब रवाना किया गया था?
कीवी की इस पहली प्रायोगिक खेप को 26 अक्टूबर को ईटानगर से रवाना किया गया था।
इस निर्यात पहल में किन प्रमुख विभागों और संस्थाओं ने सहयोग किया?
इसमें अरुणाचल प्रदेश के वाणिज्य एवं बागवानी विभाग, केंद्र सरकार की संस्था एपीडा (APEDA) और कीवी ग्रोअर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी ने मिलकर काम किया।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इस कदम को किसानों के लिए किस तरह महत्वपूर्ण बताया?
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पाद को वैश्विक बाजार से जोड़ने से किसानों की आय बढ़ेगी, बाजार की पहुंच विस्तृत होगी और ग्रामीण आजीविका मजबूत होगी।
इस परीक्षण शिपमेंट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय फल बाजार में अरुणाचल की कीवी की मांग और संभावनाओं को तलाशना तथा भविष्य के लिए स्थायी निर्यात मार्ग तैयार करना है।
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