अरुणाचल प्रदेश के सुदूर शियोमी जिले की खूबसूरत मेचुका घाटी में हाल ही में खेलकूद और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए एक खास आयोजन किया गया। भारतीय सेना ने रन मॉक्स के साथ मिलकर पहले मेचुका वेलोर रन 2026 का सफलतापूर्वक संचालन किया। इस प्रतियोगिता में देश भर से आए करीब 500 धावकों और फिटनेस प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और विभिन्न श्रेणियों में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
पैदल सेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजन
इस पूरी दौड़ का मुख्य उद्देश्य आगामी 27 अक्टूबर को मनाए जाने वाले पैदल सेना दिवस के जश्न की पूर्व संध्या पर सैनिकों के साहस, बलिदान और अदम्य जज्बे को याद करना था। भारतीय सेना की इन्फैंट्री रेजिमेंट के योगदान को रेखांकित करते हुए स्थानीय लोगों और सेना के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए इस कार्यक्रम को एक अनूठे मंच के रूप में उपयोग किया गया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ सभी प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया और इस आयोजन को सफल बनाया।
विभिन्न श्रेणियों में आयोजित हुई प्रतियोगिता
यह खेल आयोजन लिंग और आयु वर्ग के किसी भी बंधन से मुक्त रखा गया था जिसमें हर वर्ग के लोग शामिल हो सके। प्रतिभागियों की क्षमता और फिटनेस स्तर को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगिता को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया था। इसमें पांच किलोमीटर की सैल्यूट रन, दस किलोमीटर की वेलोर रन और इक्कीस किलोमीटर की स्पीयर रन शामिल थीं। इन सभी स्पर्धाओं का मकसद शारीरिक स्वास्थ्य, सहनशक्ति, खेल भावना और रोमांचक गतिविधियों के प्रति युवाओं में जागरूकता पैदा करना था।
वार्म-अप सत्र और दौड़ की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद ऊर्जावान माहौल के साथ हुई जहां मुख्य दौड़ शुरू होने से पहले एक विशेष जुम्बा सत्र का आयोजन किया गया। इसके तुरंत बाद धावकों के शरीर को चुस्त-दुरुस्त बनाने और मानसिक रूप से तैयार करने के लिए एक योगा सत्र भी कराया गया। इसके बाद सबसे पहले इक्कीस किलोमीटर लंबी स्पीयर रन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया और उसके बाद क्रमशः पांच किलोमीटर की सैल्यूट रन और दस किलोमीटर की वेलोर रन शुरू की गईं। सभी धावकों ने मेचुका घाटी की मनोरम पहाड़ियों और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच पूरी दृढ़ता के साथ दौड़ पूरी की।
सैन्य हथियारों की प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम
दौड़ के अलावा स्थानीय निवासियों और युवाओं के लिए आधुनिक व अगली पीढ़ी के पैदल सेना उपकरणों की एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य भारतीय सेना की तकनीकी प्रगति, अभियान क्षमताओं और देश की सुरक्षा के प्रति पूरी तैयारी से लोगों को अवगत कराना था। इसके बाद एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें गढ़वाल रेजिमेंट के जवानों द्वारा प्रस्तुत किया गया रोमांचक खुखरी डांस, सिख रेजिमेंट का भांगड़ा और पारंपरिक गतका मार्शल आर्ट ने वहां मौजूद सभी लोगों का मन मोह लिया।
स्थानीय परंपराओं की झलक और पुरस्कार वितरण
कार्यक्रम में क्षेत्रीय संस्कृति को बढ़ावा देते हुए मेचुका के छोटे बच्चों ने पारंपरिक मेम्बा सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया जिसने इलाके की अनूठी संस्कृति और पहचान को खूबसूरती से प्रदर्शित किया। प्रतियोगिता के अंत में विभिन्न श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को नकद पुरस्कार और गिफ्ट वाउचर देकर सम्मानित किया गया। इस पूरे आयोजन के दौरान कुल 1.25 लाख रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि बांटी गई जिससे खेल उत्कृष्टता को प्रोत्साहन मिला और भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रखी गई।



















