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उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने विधानसभा में अरुणाचल प्रदेश को बताया सीमाओं का प्रहरी, पूर्वोत्तर के आर्थिक विकास पर दिया जोरअरुणाचल प्रदेश
9 सित॰ 2026, 2:19 pm (49 दिन पहले)· 5

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने विधानसभा में अरुणाचल प्रदेश को बताया सीमाओं का प्रहरी, पूर्वोत्तर के आर्थिक विकास पर दिया जोर

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने ईटानगर में विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए अरुणाचल प्रदेश को देश की सीमाओं का प्रहरी बताया और पूर्वोत्तर को भारत का आर्थिक इंजन करार दिया।

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने बुधवार को ईटानगर स्थित अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के एक विशेष सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की रणनीतिक महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का एक गर्वित प्रहरी है। विधानसभा के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र अब देश के आर्थिक विकास का एक प्रमुख इंजन बनकर उभर रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक्ट ईस्ट पॉलिसी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

सीमा सुरक्षा और पूर्वोत्तर के लिए संस्थागत प्रयास

अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने जोर देकर कहा कि अरुणाचल प्रदेश की प्रगति सीधे तौर पर भारत के समग्र विकास से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इस राज्य के पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। केंद्र सरकारों के लगातार ध्यान केंद्रित करने का जिक्र करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस क्षेत्र को संस्थागत प्राथमिकता देने के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) की स्थापना की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक्ट ईस्ट पॉलिसी ने पूर्वोत्तर के रणनीतिक और आर्थिक महत्व को और अधिक मजबूती प्रदान की है।

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प्रधानमंत्री द्वारा पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को 'अष्टलक्ष्मी' कहे जाने का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पूरा क्षेत्र देश के भविष्य के विकास के लिए अपार क्षमता रखता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा क्षेत्र के वित्तीय आवंटन में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। इसी क्रम में इस वर्ष के केंद्रीय बजट में DoNER मंत्रालय को 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है।

पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण

आर्थिक पहलुओं के अलावा उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने राज्य के पर्यावरणीय महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने जानकारी दी कि अरुणाचल प्रदेश का लगभग 79 प्रतिशत हिस्सा जंगलों से ढका हुआ है। राज्य की समृद्ध जैव विविधता, घने वन, नदियां और अन्य प्राकृतिक संसाधन न केवल भारत की पर्यावरण सुरक्षा को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कृषि क्षेत्र में प्रगति और ढांचागत विकास की रफ्तार

राज्य के कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश अब देश में कीवी फल का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। किसानों को वैज्ञानिक सहायता देने के उद्देश्य से राज्य में एक लाख से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।

इसके अलावा राज्य के नागरिकों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से अधिक हो गई है। बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर भी तेजी से काम हो रहा है, जहां वर्तमान में प्रतिवर्ष लगभग 1,800 किमी की रफ्तार से सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।

सवाल-जवाब

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने अरुणाचल प्रदेश को क्या कहा?
उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने अरुणाचल प्रदेश को भारत की सीमाओं का गर्वित प्रहरी और राष्ट्रीय एकता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
अरुणाचल प्रदेश का कितना क्षेत्र वनों से आच्छादित है?
अरुणाचल प्रदेश का लगभग 79 प्रतिशत क्षेत्र जंगलों से ढका हुआ है, जो देश की पर्यावरण सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है।
अरुणाचल प्रदेश में सड़क निर्माण की वर्तमान गति क्या है?
राज्य में वर्तमान में प्रतिवर्ष लगभग 1,800 किलोमीटर की रफ्तार से नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।
इस वर्ष DoNER मंत्रालय को बजट में कितनी राशि आवंटित की गई?
इस वर्ष के केंद्रीय बजट में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) को 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है।
कृषि क्षेत्र में अरुणाचल प्रदेश ने किस फल के उत्पादन में शीर्ष स्थान हासिल किया है?
अरुणाचल प्रदेश भारत में कीवी फल का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य बन गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·48 दिन पहले

यह संबोधन पूर्वोत्तर के सामरिक महत्व और आर्थिक एकीकरण के बीच गहरे संबंध को रेखांकित करता है। DoNER मंत्रालय के वित्तीय आवंटन और एक्ट ईस्ट पॉलिसी के प्रभाव यह दर्शाते हैं कि सीमावर्ती राज्यों में ढांचागत विकास और कृषि प्रगति अब राष्ट्रीय सुरक्षा का भी अहम हिस्सा बन चुकी है।

Ravikash Gupta@ravikash·48 दिन पहले

यह आर्थिक बदलाव पूर्वोत्तर को भारत के ट्रेड कॉरिडोर्स और पड़ोसी बाजारों से जोड़ने में निर्णायक है। केंद्रीय बजट में DoNER मंत्रालय को मिला 6,800 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन और कीवी उत्पादन में शीर्ष स्थान जैसे कृषि मील के पत्थर यह साबित करते हैं कि वित्तीय और ढांचागत निवेश अब सीमावर्ती क्षेत्रों में निजी पूंजी और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है, जो क्षेत्रीय व्यापार और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए एक मजबूत नींव तैयार करेगा।

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