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अरुणाचल के बोरडुमसा में SIR सुनवाई के दौरान हुई हिंसा पर NHRC ने मांगी दो हफ्ते में रिपोर्टअरुणाचल प्रदेश
8 सित॰ 2026, 5:52 pm (1 घंटे पहले)· 2

अरुणाचल के बोरडुमसा में SIR सुनवाई के दौरान हुई हिंसा पर NHRC ने मांगी दो हफ्ते में रिपोर्ट

अरुणाचल प्रदेश के बोरडुमसा में SIR सुनवाई के दौरान हुई कथित हिंसा और तोड़फोड़ पर NHRC ने संज्ञान लिया है और मुख्य सचिव से दो हफ्ते में जांच रिपोर्ट मांगी है। एआईसीएसयू ने इस कदम का स्वागत करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में एक सरकारी दफ्तर में हिंसा और तोड़फोड़ के आरोपों के बाद चकमा समुदाय के छात्र संगठन ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के हस्तक्षेप का स्वागत किया है।

बोरडुमसा में क्या हुआ था

अखिल भारतीय चकमा छात्र संघ (एआईसीएसयू) के मुताबिक, यह घटना 4 सितंबर, 2026 को बोरडुमसा स्थित एडीसी-कम-ईआरओ कार्यालय में हुई। एआईसीएसयू का कहना है कि उस वक्त वहां मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़ी एक सुनवाई चल रही थी, जिसके दौरान कथित हिंसा, तोड़फोड़ और मारपीट की घटना सामने आई। खुद को देशभर के चकमा छात्रों का शीर्ष संगठन बताने वाले एआईसीएसयू ने इसके बाद यह मामला NHRC के सामने रखा और कार्रवाई की मांग की।

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NHRC ने दो हफ्ते में जांच के आदेश दिए

NHRC ने एआईसीएसयू की शिकायत पर मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया है। आयोग ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे आरोपों की जांच कराएं और दो हफ्ते के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट सौंपें। एआईसीएसयू के अनुसार आयोग ने यह भी कहा है कि प्रथम दृष्टया ये आरोप पीड़ितों के मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े नजर आते हैं।

एआईसीएसयू ने जताई संतुष्टि

NHRC की इस पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए एआईसीएसयू ने अपने बयान में कहा, "देश को कानून के राज और संविधान के मुताबिक चलना है।" संगठन ने बताया कि उसने NHRC पर भरोसा जताते हुए ही यह शिकायत दर्ज कराई थी और देश की शीर्ष मानवाधिकार संस्था द्वारा जांच का आदेश दिया जाना एक स्वागत योग्य कदम है।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

एआईसीएसयू ने राज्य सरकार से यह भी मांग की है कि सुनवाई के दौरान हुई कथित हिंसा, तोड़फोड़, एक सरकारी अधिकारी पर हमले और SIR फॉर्मों को नष्ट किए जाने के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन ने उम्मीद जताई है कि अरुणाचल प्रदेश सरकार निष्पक्ष, ईमानदार और समयबद्ध जांच कराएगी और दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति पर कार्रवाई करेगी।

सवाल-जवाब

बोरडुमसा में क्या हुआ था?
एआईसीएसयू के मुताबिक 4 सितंबर, 2026 को चांगलांग जिले के बोरडुमसा स्थित एडीसी-कम-ईआरओ कार्यालय में SIR सुनवाई के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ और मारपीट की घटना हुई।
NHRC में शिकायत किसने दर्ज कराई?
अखिल भारतीय चकमा छात्र संघ (एआईसीएसयू) ने इस घटना पर कार्रवाई के लिए NHRC का रुख किया।
NHRC ने क्या कदम उठाया है?
आयोग ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लेते हुए अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को जांच कर दो हफ्ते में कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
NHRC ने आरोपों पर क्या टिप्पणी की?
एआईसीएसयू के अनुसार आयोग ने कहा कि ये आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ितों के मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े नजर आते हैं।
एआईसीएसयू राज्य सरकार से क्या मांग कर रहा है?
निष्पक्ष, ईमानदार और समयबद्ध जांच के साथ हिंसा, तोड़फोड़, अधिकारी पर हमले और SIR फॉर्म नष्ट करने के दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
यह SIR सुनवाई किस बारे में थी?
यह मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़ी एक सुनवाई थी।
मुख्य सचिव को कब तक जवाब देना है?
NHRC के निर्देश के दो हफ्ते के भीतर।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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