अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने नाबालिग बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों के सिलसिले में एक 50 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक नाबालिग बच्ची का यौन शोषण करने और एक नाबालिग लड़के के साथ शारीरिक मारपीट करने का आरोप है। घटना से जुड़े कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और अदालत के समक्ष पेश किया।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई
यह मामला उस समय उजागर हुआ जब एक मुखबिर ने पुलिस अधिकारियों को इस अमानवीय घटना की जानकारी दी और साक्ष्य के रूप में वीडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी। आरोपी की पहचान ईटानगर के मोदिरिजो निवासी 50 वर्षीय बीरी तारा के रूप में की गई है। कथित तौर पर वीडियो में आरोपी को एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न करते और एक छोटे लड़के के साथ मारपीट करते देखा गया था। वीडियो क्लिप इंटरनेट पर प्रसारित होने से जनमानस में तीव्र प्रतिक्रिया हुई। इस घटना का संज्ञान लेते हुए ईटानगर महिला पुलिस स्टेशन की टीम ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज की और 2 सितंबर को बीरी तारा को गिरफ्तार कर लिया।
युपिया स्थित विशेष अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश
गिरफ्तारी के उपरांत पुलिस टीम ने आरोपी को युपिया स्थित विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की संवेदनशीलता और प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच के बाद आरोपी बीरी तारा को न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। वर्तमान में पुलिस प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत और गहन जांच कर रहा है ताकि सभी कानूनी पहलुओं को मजबूत किया जा सके और न्याय प्रणाली के तहत आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस की सख्त हिदायत: आपत्तिजनक सामग्री को न करें सर्कुलेट
घटना की गंभीरता को देखते हुए ईटानगर पुलिस ने आम नागरिकों, इंटरनेट यूजर्स और सोशल मीडिया ग्रुप्स से एक विशेष अपील जारी की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि इस घटना से संबंधित किसी भी वीडियो, तस्वीर, स्क्रीनशॉट या अन्य पहचान योग्य सामग्री को ऑनलाइन शेयर, फॉरवर्ड या री-पोस्ट न किया जाए। पुलिस ने जोर देकर कहा कि बच्चों की गोपनीयता, गरिमा और अधिकारों की सुरक्षा करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। नाबालिगों की पहचान उजागर होने से उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है, इसलिए जांच प्रक्रिया जारी रहने तक नागरिकों को जिम्मेदारी से कार्य करना चाहिए।
महिला अधिकार संगठन ने उठाई समयबद्ध जाँच और सहायता की मांग
अरुणाचल प्रदेश वीमेंस वेलफेयर सोसाइटी (APWWS) ने इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक और कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने एक अधिकारिक बयान में कहा कि बच्चों की सुरक्षा और सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। प्रत्येक बच्चे को बिना किसी भय, हिंसा या उत्पीड़न के सुरक्षित माहौल में रहने का बुनियादी अधिकार प्राप्त है। APWWS ने आरोपी की समय पर गिरफ्तारी के लिए ईटानगर महिला पुलिस स्टेशन की सराहना की और मांग की कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष, तेज और तय समयसीमा के भीतर पूरी हो। साथ ही, संगठन ने पीड़ित बच्चों को तुरंत उचित काउंसलिंग, चिकित्सा देखभाल, कानूनी मदद और एक पूरी तरह सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर बल दिया है।





















