अरुणाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री और पांगिन-बोलेंग विधायक ओजिंग तासिंग ने शनिवार को सियांग नदी पर बन रहे कम्मुक पुल के निर्माण कार्य की प्रगति का जमीनी जायजा लिया। इस निरीक्षण दौरे का मुख्य मकसद निर्माण की गति को परखना और बुनियादी ढांचे से जुड़े इस बड़े कार्य को तय समयसीमा के भीतर पूरा कराना था। स्थल पर जारी गतिविधियों को देखने के बाद उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासनिक प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक भी की, जिसमें रासिंग गांव के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
स्थानीय प्रतिनिधियों और समुदाय के साथ महत्वपूर्ण बैठक
पुल स्थल के निरीक्षण के तुरंत बाद एक संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस बैठक में रासिंग बाने केबांग (आरबीके) के सदस्यों के साथ-साथ जिला परिषद सदस्य (जेडपीएम) रेबो और सियांग जिला प्रभारी भी उपस्थित रहे। बैठक का प्राथमिक एजेंडा न केवल पुल के निर्माण को तेजी से पूरा कराना था, बल्कि क्षेत्र के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और प्रशासनिक अपेक्षाओं को समझना भी था। चर्चा के दौरान गांव में आवश्यक नागरिक सुविधाओं, संपर्क मार्गों और स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं पर खुलकर बात रखी गई।
नुगोंग बांग्गो के लिए उम्मीद और आर्थिक अवसरों का सेतु
दौरे के बाद मंत्री ओजिंग तासिंग ने X पर लिखा और इस बुनियादी ढांचा परियोजना को केवल कंक्रीट और लोहे का ढांचा न मानते हुए जनआकांक्षाओं का प्रतीक बताया। उनके अनुसार, यह निर्माण कार्य पूरे नुगोंग बांग्गो क्षेत्र के लिए एक नई जीवनरेखा साबित होगा। उन्होंने रेखांकित किया कि जब दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इलाकों में नदी पर मजबूत संपर्क तैयार होता है, तो व्यापार, कृषि उपज के परिवहन और दैनिक आवागमन के लिए नए रास्ते खुल जाते हैं।
मंत्री ने बताया कि इस परियोजना में समूचे इलाके के कनेक्टिविटी परिदृश्य को पूरी तरह बदलने की क्षमता है। इससे स्थानीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और लंबे समय तक चलने वाली सामाजिक-आर्थिक तरक्की की बुनियाद मजबूत होगी। तासिंग के शब्दों में, "कम्मुक पुल एक बुनियादी ढांचा परियोजना से कहीं अधिक है; यह आशा और अवसर का एक पुल है, जो संपर्क व्यवस्था को बदलने, आर्थिक समृद्धि के नए रास्ते खोलने और नुगोंग बांग्गो के लोगों के लिए समावेशी विकास का एक नया दौर शुरू करने के लिए तैयार है।"
जनभावनाओं के अनुरूप विकास को प्राथमिकता
संवाद के दौरान मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कोई भी प्रशासनिक या ढांचागत पहल तभी सार्थक होती है, जब उसमें स्थानीय समुदाय की राय और प्राथमिकताओं को प्राथमिकता दी जाए। रासिंग बाने केबांग के साथ बातचीत ने प्रशासन को यह समझने का अवसर दिया कि ग्रामीण अपनी जमीन और भविष्य को लेकर क्या सोचते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास का वास्तविक उद्देश्य फाइलों तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि उसका जमीन पर दिखना और आम जनजीवन में सकारात्मक बदलाव लाना जरूरी है।
तासिंग ने कहा, "आरबीके के मूल्यवान दृष्टिकोण और वास्तविक आकांक्षाओं को सुनना उत्साहजनक था।" उन्होंने दोहराया कि सरकार कम्मुक पुल को समय पर पूरा कराने और रासिंग गांव की जमीनी जरूरतों को चरणबद्ध तरीके से सुलझाने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका मानना है कि जब विकास की योजनाएं जनता की प्राथमिकताओं के साथ मेल खाती हैं, तभी वे टिकाऊ प्रगति का रूप ले पाती हैं।
परिवहन सुगमता से खुलेगी समृद्धि की राह
सियांग नदी जैसी विशाल जलधारा पर बनने वाला यह पुल नुगोंग बांग्गो के निवासियों को मुख्यधारा से निर्बाध रूप से जोड़ने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। स्थानीय ग्रामीणों ने भी बैठक में इस बात को रेखांकित किया कि पुल के तैयार होने से स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षण संस्थानों और नजदीकी बाजारों तक उनकी पहुंच बेहद आसान हो जाएगी। बैठक के अंत में सभी पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि निर्माण कार्य की गति को बिना किसी बाधा के बनाए रखा जाए ताकि स्थानीय आबादी को जल्द से जल्द इस संपर्क सुविधा का पूरा लाभ मिल सके।
























