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करनाल मंडी में धान खरीद का जायजा लेने पहुंचे अभय चौटाला, सेक्रेटरी को लगाई कड़ी फटकारहरियाणा
11 अक्तू॰ 2026, 11:10 am (2 घंटे पहले)· 0

करनाल मंडी में धान खरीद का जायजा लेने पहुंचे अभय चौटाला, सेक्रेटरी को लगाई कड़ी फटकार

करनाल अनाज मंडी पहुंचे इनेलो नेता अभय चौटाला ने धान खरीद के प्रबंधों पर मंडी सेक्रेटरी से तीखे सवाल पूछे और संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई।

हरियाणा के करनाल स्थित अनाज मंडी में धान खरीद की जमीनी हकीकत परखने पहुंचे इंडियन नेशनल लोकदल के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला का एक सख्त रुख सामने आया है। अपने समर्थकों के साथ मंडी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे इनेलो नेता ने मौके पर मौजूद मंडी सेक्रेटरी से व्यवस्थाओं को लेकर कड़े सवाल किए। जब अधिकारी धान खरीद की स्थिति पर तुरंत ब्योरा नहीं दे पाए, तो उन्होंने जमकर नाराजगी जाहिर की और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चेतावनी भी दी।

मंडी में धान खरीद के सत्यापन पर शुरू हुआ विवाद

अभय चौटाला इन दिनों विभिन्न अनाज मंडियों का लगातार दौरा कर रहे हैं ताकि किसानों की फसल खरीद का जायजा लिया जा सके। करनाल मंडी में निरीक्षण के दौरान जब वह धान की एक ढेरी के पास पहुंचे, तो उन्होंने सीधे मंडी सेक्रेटरी से पूछा कि क्या इस अनाज की खरीद पूरी हो चुकी है। इस सवाल पर मंडी सेक्रेटरी ने तत्काल पुष्टि करने के बजाय जवाब दिया कि वह रिकॉर्ड देखने के बाद ही स्थिति स्पष्ट कर पाएंगे।

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अधिकारी ने आगे स्पष्ट किया कि मंडी में खरीद प्रक्रिया को संचालित करने के लिए कुल 3 एजेंसियां कार्यरत हैं। इस पर इनेलो नेता ने पूछा कि जब खरीद का काम चल रहा होता है, तो क्या सेक्रेटरी खुद मौके पर मौजूद रहते हैं। जवाब में मंडी सेक्रेटरी ने बताया कि खरीद के समय उनकी जगह ऑक्शन रिकॉर्डर मौके पर उपस्थित रहते हैं।

अधिकारी के रवैये पर भड़के इनेलो नेता

अधिकारी का यह जवाब सुनकर अभय चौटाला का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने मौके पर उपस्थित न रहने को लेकर अधिकारी पर तंज कसते हुए कहा कि तुम तो खुद को बड़ा अफसर समझते हो और केवल घर या दफ्तर में बैठकर समय काटते हो। इसके साथ ही उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, ‘चौटाला साहब का राज होता तो यहां मुर्गा बना फिरता।’

इस तीखी टिप्पणी के बाद मौके पर मौजूद अन्य कार्यकर्ता हंसने लगे, जबकि मंडी सेक्रेटरी ने अपनी सफाई में दोहराया कि वह अपने दफ्तर में ही रहते हैं। बातचीत के दौरान अभय चौटाला ने सख्त लहजे में अगली बार आकर देख लेने की बात भी कही। निरीक्षण के दौरान मौजूद पार्टी समर्थकों ने इसके बाद अपने नेता के समर्थन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

सवाल-जवाब

अभय चौटाला करनाल अनाज मंडी किस उद्देश्य से पहुंचे थे?
वह करनाल मंडी में धान खरीद की वास्तविक स्थिति और किसानों की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे।
मंडी सेक्रेटरी ने धान की खरीद के सवाल पर क्या जवाब दिया?
उन्होंने कहा कि वह रिकॉर्ड देखने के बाद ही बता पाएंगे कि उस धान की ढेरी की खरीद हुई है या नहीं।
करनाल मंडी में धान की खरीद कितनी एजेंसियां कर रही हैं?
मंडी सेक्रेटरी के अनुसार वहां धान खरीद के कार्य में कुल 3 एजेंसियां लगी हुई हैं।
खरीद के समय मौके पर कौन मौजूद रहता है?
मंडी सेक्रेटरी ने बताया कि खरीद के समय उनके विभाग के ऑक्शन रिकॉर्डर मौके पर जाते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Kavya Nair@kavya-nair·12 मिनट पहले

पिछले साल जब मैं करनाल के इस इलाके में थी, तब किसानों को अपनी धान की फसल बेचने के लिए मंडियों में कई-कई दिन खुले आसमान के नीचे गुजारने पड़ते थे। अधिकारियों की ऐसी ही लापरवाही देखकर तब भी गुस्सा आता था, आज अभय चौटाला को देखकर पुरानी बात याद आ गई।

Ravikash Gupta@ravikash·36 मिनट पहले

नेताजी का स्टाइल पुराना है, पर किसानों के मुद्दों पर अधिकारियों की क्लास लगानी तो बनती है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·36 मिनट पहले

रविकेश जी, बात तो सही है कि अफसर लापरवाह होते हैं, पर क्या सिर्फ स्टाइल दिखाने से किसानों का धान जल्दी बिक जाएगा?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

अधिकारियों को ज़मीन पर काम करना ही पड़ेगा, सिर्फ दफ्तर में बैठकर फाइलें देखने से किसानों की समस्या हल नहीं होगी। चौटाला का तेवर सही जगह पर है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

करण भाई, आपकी बात बिल्कुल ठीक है। जब मैं खुद पिछले साल अलीगढ़ की मंडी गया था, तो वहां भी अधिकारी दफ्तर से बाहर निकलने को तैयार ही नहीं थे। किसानों का दर्द ऐसे एसी कमरों में बैठकर समझ नहीं आता।

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