अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के मकसद से एक नई तकनीकी पहल की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को जीपीएस तकनीक पर आधारित एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन को जनता को समर्पित किया। इस डिजिटल प्रणाली के जरिए नागरिक सीधे अपने फोन से नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहनों की आवाजाही पर नजर रख सकेंगे, जिससे घरों से नियमित कचरा उठाने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनेगी।
स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत हुआ शुभारंभ
इस आधुनिक मोबाइल टूल का विकास ईटानगर नगर निगम (आईएमसी) की देखरेख में पूरा किया गया है। इसका आधिकारिक लोकार्पण गांधी जयंती और स्वच्छ भारत दिवस 2026 के अवसर पर राज्य भर में आयोजित किए गए स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान संपन्न हुआ। स्थानीय प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ-साथ डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में आने वाली व्यावहारिक रुकावटों को खत्म करना है।
राजधानी के नीति विहार स्थित बैंक्वेट हॉल में आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्य सचिव मनीष गुप्ता, ईटानगर के विधायक तेची कासो, आईएमसी के मेयर लिखा नारी तादर, डिप्टी मेयर तोक तेबिन कामदिर सहित प्रशासनिक महकमे के कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वच्छता को दैनिक आचरण में शामिल करने पर जोर दिया और पूरे शहर को स्वच्छ रखने के लिए व्यापक जनभागीदारी का आह्वान किया।
लाइव ट्रैकिंग से घटेगा लंबा इंतजार
अक्सर घरों में यह अनिश्चितता बनी रहती थी कि सफाई वाहन किस समय मोहल्ले में पहुंचेगा, जिसके चलते कई बार लोग अपना घरेलू कचरा वाहन तक नहीं पहुंचा पाते थे। अब नए ऐप में मौजूद ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) फीचर के माध्यम से स्थानीय निवासी सफाई वैन की वास्तविक लोकेशन अपने मोबाइल स्क्रीन पर तुरंत देख पाएंगे। गाड़ी के नजदीक आने पर लोगों को पूर्व सूचना मिल सकेगी, जिससे उनका समय बचेगा और कचरा छूटने की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
ओवरफ्लो कूड़ेदानों की तस्वीर खींचकर करें शिकायत
सड़क किनारे रखे कूड़ेदानों से कचरा बाहर फैलने की समस्या के समाधान के लिए इस ऐप में एक विशेष शिकायत दर्ज करने की सुविधा जोड़ी गई है। नागरिक जहां भी ओवरफ्लो हो रहे या भरे हुए डस्टबिन देखें, वे मौके से ही उसकी तस्वीर खींचकर ऐप पर अपलोड कर सकेंगे। यह शिकायत स्वतः नगर निगम के मुख्य डिजिटल डैशबोर्ड पर पंजीकृत हो जाएगी, जहां से क्षेत्रीय सफाई दल को कचरा हटाने के निर्देश तुरंत जारी किए जाएंगे।
तकनीक के जरिए नगरीय सेवाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाने की सराहना करते हुए पेमा खांडू ने X पर लिखा कि यह पहल कचरा संग्रहण को अधिक तेज, स्मार्ट और जवाबदेह बनाएगी। स्थानीय प्रशासन को उम्मीद है कि इस दोतरफा संवाद प्रणाली से शहर की स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।



















