उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के भीतर दशकों से चली आ रही गंभीर ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने के लिए केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन मिलकर एक व्यापक सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना पर काम कर रहे हैं। शहर के बीचों-बीच बहने वाली रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर पहले से प्रस्तावित दो प्रमुख एलिवेटेड मार्गों को आपस में लिंक करने के उद्देश्य से एक आधुनिक एलिवेटेड-टनल कॉरिडोर विकसित करने का खाका खींचा गया है। यह प्रस्तावित नया रूट राजपुर रोड पर स्थित मैक्स अस्पताल के समीप से आरंभ होकर सहस्रधारा रोड स्थित धोरण इलाके तक बनाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के आकार लेने के पश्चात मसूरी जाने वाले लाखों सैलानियों को देहरादून के व्यस्त बाजारों और संकरी भीतरी सड़कों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे स्थानीय बाशिंदों को भी रोजाना के दमघोंटू जाम से बड़ी राहत हासिल होगी।
दो प्रमुख नदी एलिवेटेड परियोजनाओं को जोड़ेगा नया संपर्क मार्ग
राजधानी में लगातार बढ़ रहे वाहनों के बोझ को नियंत्रित करने के मकसद से केंद्र और राज्य प्रशासन ने पूर्व में रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर दो स्वतंत्र एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को हरी झंडी दे दी थी। इस समय इन दोनों बड़ी ढांचागत परियोजनाओं की तकनीकी व्यवहार्यता यानी फिजिबिलिटी स्टडी अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। तकनीकी पड़ताल पूरी होते ही इन दोनों परियोजनाओं के जमीनी निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इसी बीच यातायात विशेषज्ञों और योजनाकारों ने पूरे शहर के आवागमन तंत्र को अधिक सुगम बनाने के लिए इन दोनों एलिवेटेड सड़कों को आपस में इंटरलिंक करने का नया मास्टरप्लान आगे बढ़ाया है। इसी रणनीति के तहत मैक्स अस्पताल से लेकर धोरण के बीच एक एलिवेटेड और टनल मिश्रित कॉरिडोर तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया है।
देहरादून शहर के लिए प्रभावी आउटर रिंग रोड का करेगा काम
लोक निर्माण विभाग के अनुसार मैक्स अस्पताल से धोरण के बीच तैयार होने वाला यह नया रूट केवल दो अलग-अलग एलिवेटेड ढांचों को जोड़ने वाली सड़क भर नहीं होगा, बल्कि यह भविष्य में पूरे देहरादून शहर के लिए एक असरदार आउटर रिंग रोड की तरह कार्य करेगा। गर्मियों के अवकाश, प्रमुख त्योहारों और लंबे सप्ताहांत के दौरान जब दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से हजारों चारपहिया वाहन एक साथ मसूरी की पहाड़ियों की ओर बढ़ते हैं, तो राजपुर रोड, सहारनपुर रोड और हरिद्वार बाईपास पर यातायात पूरी तरह थम जाता है। नया बाईपास बाहरी पर्यटक वाहनों को शहर के कोर रिहायशी व बाजार वाले क्षेत्रों में घुसे बिना बाहर से ही आगे निकल जाने का सुगम रास्ता देगा। इससे स्थानीय लोगों के दैनिक आवागमन और बाहरी सैलानियों के ट्रैफिक का टकराव पूरी तरह खत्म हो जाएगा और मुख्य मार्गों पर वाहनों का अत्यधिक दबाव काफी घट जाएगा।
पुरुकुल रोपवे से उपजे संभावित ट्रैफिक संकट का पहले से हल
इस नई कनेक्टिविटी परियोजना को समय से पहले गति देने की एक बड़ी वजह पुरुकुल से मसूरी के बीच निर्माणाधीन पैसेंजर रोपवे भी है। आने वाले समय में पुरुकुल से सीधे मसूरी के लिए रोपवे सेवा शुरू होने जा रही है, जिसके चलते राजपुर रोड और उससे सटे तमाम इलाकों में वाहनों की आवाजाही कई गुना बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। यदि वक्त रहते कोई सशक्त वैकल्पिक रूट तैयार नहीं किया गया, तो भविष्य में राजपुर रोड पर ट्रैफिक संभालना असंभव सा हो जाएगा। इसी गंभीर चुनौती को समय से पहले भांपते हुए नगर योजनाकारों ने राजपुर रोड के ट्रैफिक को सीधे धोरण की तरफ मोड़ने की रणनीति बनाई है, जिससे गाड़ियां भीड़भाड़ वाले संवेदनशील हिस्सों को छुए बिना अपनी मंजिल की ओर बढ़ सकें और यात्रियों को आने-जाने के कई विकल्प मिलें।
एनएचएआई तैयार करेगी तकनीकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट
परियोजना की प्रशासनिक और इंजीनियरिंग रूपरेखा को नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया और लोक निर्माण विभाग संयुक्त रूप से अंतिम रूप देने में जुटे हैं। विभागीय अफसरों ने स्पष्ट किया है कि मैक्स अस्पताल से धोरण तक बनने वाले इस एलिवेटेड-टनल कॉरिडोर का विचार फिलहाल अपने शुरुआती चरण में है। मार्ग की वास्तविक भौगोलिक संरचना, एलिवेटेड पुलों और सुरंगों की तकनीकी जरूरत, कुल निर्माण लागत और शहर के संपूर्ण ट्रैफिक तंत्र पर इसके असर का सही-सही आकलन करने के लिए जल्द ही एक विस्तृत तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन शुरू किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचाने के लिए एनएचएआई से औपचारिक समन्वय बनाया जा रहा है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद ही निर्माण की अंतिम समयसीमा और खाके पर अंतिम मुहर लगेगी।



















