प्रसिद्ध गायक दिवंगत जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग को बेहतर चिकित्सीय देखभाल और विशेषज्ञ मानसिक काउंसलिंग के लिए जल्द ही मुंबई भेजा जाएगा। गुवाहाटी स्थित नेमकेयर अस्पताल में उपचाराधीन गरिमा के स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों ने गंभीर मानसिक तनाव और अनिद्रा की शिकायत के बाद यह चिकित्सीय सलाह दी है।
स्वास्थ्य की मौजूदा स्थिति और मुंबई शिफ्ट करने का निर्णय
नेमकेयर हॉस्पिटल्स के प्रबंध निदेशक डॉ. हितेश बरुआ ने मंगलवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में गरिमा सैकिया गर्ग के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विवरण साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरिमा की शारीरिक स्थिति पूरी तरह स्थिर है और उनकी रक्त शर्करा के साथ-साथ रक्तचाप के स्तर भी सामान्य सीमा के भीतर पाए गए हैं। इसके बावजूद अपने पति के निधन के गहरे सदमे के कारण वह भारी मानसिक अवसाद, अत्यधिक तनाव और लगातार नींद न आने की समस्या से जूझ रही हैं।
डॉक्टरों के अनुसार गुवाहाटी में शुरुआती उपचार पूरा कर लिया गया है, परंतु उनके पूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सुधार और समग्र स्वास्थ्य लाभ के लिए एक उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान अधिक अनुकूल सिद्ध होगा। गरिमा को अगले दो से तीन दिनों के भीतर मुंबई रवाना किए जाने की योजना है। इलाज के लिए विशिष्ट अस्पताल का चयन उनके परिवार के सदस्यों के साथ अंतिम परामर्श के बाद तय किया जाएगा।
मुंबई में पंद्रह से बीस दिनों तक चलेगा उपचार
प्रस्तावित चिकित्सा योजना के अनुसार मुंबई के संस्थान में गरिमा का यह विशेष उपचार लगभग 15 से 20 दिनों तक जारी रह सकता है। इस अवधि के दौरान उन्हें मनोवैज्ञानिक सहयोग, काउंसलिंग और शांत वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वह अपने मानसिक आघात से उबर सकें।
डॉ. हितेश बरुआ ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा,
"वह किसी तरह के खतरे में नहीं हैं, लेकिन भारी तनाव में हैं। उन्हें रात में पर्याप्त नींद नहीं आ पा रही है। हमने यहाँ हर संभव प्रयास किया है, लेकिन हम चाहते हैं कि उन्हें किसी उच्च संस्थान में बेहतर काउंसलिंग मिले।"उन्होंने आगे रेखांकित किया कि उचित चिकित्सीय निगरानी, पर्याप्त शारीरिक और मानसिक विश्राम मिलने पर वह थोड़े ही समय में पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट सकती हैं।
असम की जनता से सहयोग और प्राइवेसी बनाए रखने की अपील
संवाददाता सम्मेलन में डॉ. बरुआ ने असम के नागरिकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि इस कठिन समय में गरिमा के व्यक्तिगत निर्णयों का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि उनके भविष्य की योजनाओं या निजी कदमों में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न करें और न ही उन पर किसी तरह का सामाजिक दबाव डालें।
डॉ. बरुआ ने अपनी बात रखते हुए कहा,
"अगर हम जुबीन को जीवित रखना चाहते हैं, तो हमें गरिमा की देखभाल करनी होगी। भविष्य के लिए उनकी जो भी योजनाएं हैं, हमें उनमें दखल नहीं देना चाहिए।"उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गरिमा स्वस्थ रहें ताकि वह अपनी इच्छा के अनुसार जीवन में आगे बढ़ सकें।
असम जातीय विद्यालय के कार्यक्रम में बिगड़ी थी तबीयत
गरिमा सैकिया गर्ग शनिवार को गुवाहाटी के असम जातीय विद्यालय में एक विशेष आयोजन में शामिल होने गई थीं, जहाँ अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके तुरंत बाद उन्हें नेमकेयर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों की निगरानी में विभिन्न जांचें की गईं और आवश्यक उपचार शुरू किया गया।
उल्लेखनीय है कि 19 सितंबर 2025 को जुबीन गर्ग का निधन हो गया था, जिसके बाद से गरिमा गहरे भावनात्मक तनाव और दुख से गुजर रही हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों का मानना है कि इस स्थिति से पूरी तरह बाहर आने के लिए उन्हें चिकित्सीय काउंसलिंग के साथ-साथ पूर्ण विश्राम की तत्काल आवश्यकता है।



















