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असम के मानस नेशनल पार्क में खोजी गई फूलों की नई प्रजाति ऑस्बेकिया असमेंसिसअसम
26 अक्तू॰ 2026, 4:16 pm (2 घंटे पहले)· 2

असम के मानस नेशनल पार्क में खोजी गई फूलों की नई प्रजाति ऑस्बेकिया असमेंसिस

असम के मानस नेशनल पार्क में फूलों की एक नई प्रजाति ऑस्बेकिया असमेंसिस की खोज की गई है। इस पौधे की पहचान शोधकर्ताओं ने बोटैनिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के जरिए की।

असम के मानस नेशनल पार्क में वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खोज सामने आई है, जहां फूलों की एक नई प्रजाति की पहचान की गई है। इस नई प्रजाति के मिलने से राज्य के समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों के पारिस्थितिक महत्व पर एक बार फिर मुहर लगी है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने साझा की जानकारी

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को इस नई खोज की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस सुंदर फूल की तस्वीर साझा करते हुए बताया कि राज्य में लगातार नए पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं की प्रजातियों का मिलना इस बात का प्रमाण है कि सरकार प्रकृति संरक्षण को लेकर कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार समाज के विस्तार के रूप में हमेशा से प्रकृति संरक्षण को प्राथमिकता देती रही है और इस तरह की खोजें उस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम हैं।

शोधकर्ताओं द्वारा किया गया अध्ययन

इस नई प्रजाति की खोज शोधकर्ताओं बर्नali दास और नमिता नाथ द्वारा की गई है। उनके द्वारा किए गए अध्ययन को 22 अक्टूबर को बोटैनिकल जर्नल फाइटोटैक्सा में प्रकाशित किया गया था। इस पौधे की पहचान के लिए साल 2021 से 2025 के बीच मैदानी इलाकों और जंगलों में गहन फील्ड सर्वे किए गए थे, जिसके दौरान मानस के घास के मैदानों में इस पौधे की बिखरी हुई आबादी दर्ज की गई थी।

पौधे की शारीरिक विशेषताएं और बनावट

ऑस्बेकिया असमेंसिस मेलैस्टोमेटासी परिवार से ताल्लुक रखने वाला एक बारहमासी झाड़ीदार पौधा है। यह पौधा लगभग दो से 2.5 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ता है। इस पर लगभग तीन से 3.5 सेंटीमीटर आकार के गुलाबी रंग के फूल खिलते हैं, और इसके प्रत्येक क्लस्टर में लगभग 30 से 35 फूल होते हैं। इस पौधे में फूल आने और फल लगने का चक्र सितंबर से फरवरी तक चलता है।

तुलनात्मक अध्ययन और पहला नमूना

शोधकर्ताओं ने इस पौधे की शारीरिक विशेषताओं का अध्ययन करके और संबंधित प्रजातियों तथा हर्बेरियम के नमूनों के साथ उनकी तुलना करके इसकी अलग पहचान स्थापित की। हालांकि यह ऑस्बेकिया नायरू से समानता रखता है, लेकिन इसके तने की संरचना, फूलों की व्यवस्था, बालों वाले कैलिक्स मार्जिन और बीज के आकार में अंतर ने यह साबित कर दिया कि यह एक पूरी तरह से अलग प्रजाति है। इस पौधे का पहला संदर्भ नमूना आठ अक्टूबर 2022 को मानस में एकत्र किया गया था, जबकि दूसरा नमूना अक्टूबर 2025 में दर्ज किया गया था।

पारिस्थितिक महत्व और भविष्य की संभावनाएं

यह खोज मानस नेशनल पार्क के पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करती है और असम के जंगलों तथा घास के मैदानों में और अधिक वनस्पति अनुसंधान की संभावनाओं को खोलती है। इन क्षेत्रों में अभी और भी ऐसी पादप प्रजातियां हो सकती हैं जिन्हें दस्तावेज में शामिल किया जाना बाकी है। इस पार्क की दर्ज वनस्पतियों में ऑस्बेकिया असमेंसिस के जुड़ने से उन प्राकृतिक आवासों की रक्षा करने की आवश्यकता पर और अधिक बल मिलता है जो असम के विभिन्न प्रकार के पौधों और जीवों के जीवन को सहारा देते हैं।

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सवाल-जवाब

ऑस्बेकिया असमेंसिस क्या है?
यह असम के मानस नेशनल पार्क में खोजी गई फूलों वाले पौधों की एक नई प्रजाति है, जो मेलैस्टोमेटासी परिवार से संबंधित है।
इस प्रजाति की खोज किसने की?
इस प्रजाति की पहचान शोधकर्ताओं बर्नाली दास और नमिता नाथ ने की है।
यह खोज कहाँ प्रकाशित हुई?
यह अध्ययन 22 अक्टूबर को बोटैनिकल जर्नल फाइटोटैक्सा में प्रकाशित किया गया था।
इस पौधे की शारीरिक विशेषताएं क्या हैं?
यह पौधा दो से 2.5 मीटर ऊंचा बारहमासी झाड़ीदार है जिस पर तीन से 3.5 सेंटीमीटर के गुलाबी फूल खिलते हैं।
इस पौधे का पहला नमूना कब एकत्र किया गया था?
इस पौधे का पहला संदर्भ नमूना आठ अक्टूबर 2022 को मानस में एकत्र किया गया था।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·37 मिनट पहले

मानस पार्क में पिछले साल जब मैं फील्ड विजिट पर गया था, तब वहाँ के घास के मैदानों की खूबसूरती देखकर ही अंदाज़ा हो गया था कि इस मिट्टी में अभी कितने ही अनछुए राज़ छिपे हैं। गुलाबी फूलों वाली इस नई प्रजाति का मिलना वाकई दिल खुश कर देने वाली बात है।

Ravikash Gupta@ravikash·37 मिनट पहले

करण भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है! जब मैं खुद पिछले साल मानस गया था, तब वहाँ के घास के मैदानों को देखकर ही लगा था कि यहाँ प्रकृति के अनगिनत रहस्य छिपे हैं। गुलाबी फूलों वाली यह नई खोज वाकई दिल खुश कर देने वाली है।

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