पूर्वोत्तर भारतीय राज्य असम में भारी बारिश और बाढ़ के कारण मची भयंकर तबाही के बीच पड़ोसी देश भूटान ने सहानुभूति और सहयोग का संदेश भेजा है। भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को एक विशेष पत्र भेजकर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने इस संकट की घड़ी में असम की जनता के साथ अपनी दृढ़ एकजुटता दोहराई और राहत एवं पुनर्वास कार्यों में भूटान के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया।
शाही संवेदनाएं और जलवायु परिवर्तन की साझी चुनौती
मुख्यमंत्री को संबोधित अपने पत्र में भूटान के नरेश ने बाढ़ के कारण जान-माल, घर-बार और आजीविका गंवाने वाले परिवारों के प्रति गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि भूटान की जनता संकट के इस दौर में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करती है। राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक ने पत्र में लिखा, "भूटान के लोग महामहिम और असम की जनता, विशेषकर उन लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने हाल ही में आई बाढ़ में अपने परिवारों को खोया है।"
क्षेत्रीय स्तर पर प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए भूटानी सम्राट ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन के खतरों को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे क्षेत्र में ऐसी आपदाओं की बार-बार आवृति और उनकी तीव्रता का बढ़ना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सभी देश पर्यावरण में हो रहे बदलावों के प्रति समान रूप से संवेदनशील हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आने वाले वर्षों में जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पड़ोसी देशों को मिलकर काम करना होगा।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना और द्विपक्षीय रिश्ते
भूटान के राजा ने अभूतपूर्व नुकसान और मानवीय संकट के बीच स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के प्रशासनिक नेतृत्व और मजबूत इच्छाशक्ति की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों को सराहनीय बताया। राजा ने भरोसा दिया कि असम जब अपने पुनर्निर्माण और पुनर्वास की यात्रा पर आगे बढ़ेगा, तब भूटान हर कदम पर राज्य के साथ खड़ा रहेगा।
इस शाही संदेश पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने 14 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह भूटान नरेश के आत्मीय शब्दों और समर्थन से गहराई से अभिभूत हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि असम और भूटान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से असाधारण आत्मीयता का संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि यह एकजुटता दोनों क्षेत्रों के ऐतिहासिक संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।
असम में बाढ़ का मौजूदा हाल और प्रभावित जिलों के आंकड़े
यह महत्वपूर्ण कूटनीतिक संदेश ऐसे समय में आया है जब असम के कई हिस्सों में लगातार बारिश और नदियां उफान पर होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। हालांकि गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बाढ़ की स्थिति में आंशिक सुधार देखा गया और प्रभावित लोगों की संख्या घटकर चार जिलों में 77,000 से अधिक रह गई।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा साझा किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और शिवसागर जिलों में कुल मिलाकर 77,500 से अधिक नागरिक अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। गोलाघाट जिला इस प्राकृतिक आपदा से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहां अकेले 35,000 के करीब लोग प्रशासनिक राहत की आस में हैं। इसके बाद नगांव जिले में 20,000 लोग और शिवसागर जिले में 13,000 लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
मृतकों का आंकड़ा 103 पहुंचा, राहत कार्य जारी
डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIMS) असम के बुलेटिन के अनुसार राज्य में बाढ़ और बारिश से संबंधित हादसों में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 103 तक पहुंच गई है। कई इलाकों में बुनियादी ढांचे, सड़कों और कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है।
अधिकारी लगातार जलस्तर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। राष्ट्रीय और राज्य आपदा मोचन बलों द्वारा प्रभावित बस्तियों में खाद्य सामग्री, पीने का पानी और चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा रही है ताकि विस्थापित आबादी को जल्द से जल्द राहत प्रदान की जा सके।



















