असम सरकार ने आगामी दुर्गा पूजा उत्सव को देखते हुए राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, चाय बागान श्रमिकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी घोषणाएं की हैं। लोक सेवा भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर औपचारिक मुहर लगाई गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने संवाददाता सम्मेलन में लिए गए निर्णयों का ब्योरा साझा किया।
ओरुनोदोई लाभार्थियों को अक्टूबर में विशेष वित्तीय मदद
कैबिनेट के फैसले के अनुसार ओरुनोदोई योजना के तहत आने वाले पात्र लाभार्थियों को अक्टूबर महीने में विशेष वित्तीय सहायता के रूप में 1,500 रुपये की राशि दी जाएगी। यह योजना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और संवेदनशील परिवारों को हर महीने निश्चित आर्थिक संबल प्रदान करती है। इस बार त्योहारी खर्चों को ध्यान में रखते हुए केवल पूजा के महीने के लिए इस सहायता राशि में इजाफा किया गया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि सहायता राशि में यह बढ़ोतरी फिलहाल केवल अक्टूबर महीने तक सीमित है। इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि राज्य सरकार आने वाले वर्ष में अप्रैल माह के दौरान बिहू के अवसर पर भी इसी तरह का एक अतिरिक्त भुगतान उपहार के तौर पर देने पर विचार कर सकती है।
एटीसीएल चाय बागान कर्मियों के लिए 20 प्रतिशत बोनस
त्योहार से पहले राज्य के चाय बागान कर्मियों की मांगों पर ध्यान देते हुए कैबिनेट ने असम टी कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी एटीसीएल के तहत संचालित चाय बागानों के कर्मचारियों के लिए 20 प्रतिशत बोनस को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से सरकारी चाय बागानों में काम कर रहे हजारों श्रमिकों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी।
राज्य में चाय उद्योग की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि असम के कुल 807 चाय बागानों में से 548 बागानों ने अपने श्रमिकों के लिए 20 प्रतिशत बोनस की घोषणा पहले ही कर दी है। शेष 259 चाय बागानों में प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है। मुख्यमंत्री ने बचे हुए सभी चाय बागान प्रबंधनों से भी अपील की कि वे त्योहारी मौसम में अपने श्रमिकों को पूरा 20 प्रतिशत बोनस प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने X पर लिखा कि त्योहारी सीजन को और अधिक आनंदमय बनाने के लिए ये कदम उठाए गए हैं।
सरकारी कर्मचारियों के लिए 17 अक्टूबर को अतिरिक्त अवकाश
कैबिनेट बैठक में त्योहार की छुट्टियों को लेकर भी एक अहम फैसला लिया गया। राज्य सरकार ने दुर्गा पूजा की अवधि के दौरान 17 अक्टूबर को एक अतिरिक्त सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है।
इस निर्णय की वजह स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल दुर्गा पूजा का सामान्य तीन दिवसीय अवकाश कुछ छोटा पड़ रहा था, क्योंकि उत्सव का एक दिन रविवार को पड़ रहा है। कर्मचारियों को त्योहार पूरे उत्साह और परिवार के साथ मनाने का पर्याप्त अवसर मिल सके, इसीलिए 17 अक्टूबर को अतिरिक्त सरकारी छुट्टी के रूप में शामिल करने की मंजूरी दी गई है।





















