असम प्रशासन ने पूरे राज्य में मिलावटी, सब-स्टैंडर्ड और नियमों का उल्लंघन कर तैयार किए जा रहे पनीर समेत विभिन्न डेयरी उत्पादों के निर्माण, भंडारण, ढुलाई, वितरण और बिक्री पर सख्त पाबंदी लगा दी है। राज्य भर के बाजारों से जुटाए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
जांच रिपोर्ट में 41 नमूने पाए गए घटिया और असुरक्षित
असम के खाद्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय द्वारा 31 अक्टूबर को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया गया। यह प्रशासनिक कार्रवाई 1 जनवरी से 31 अक्टूबर 2026 के बीच पूरे राज्य के बाजारों से एकत्र किए गए 60 पनीर नमूनों की सघन जांच के बाद की गई है। प्रयोगशाला परीक्षण के परिणामों से पता चला कि कुल 60 नमूनों में से 41 निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें से 36 नमूनों को घटिया यानी सब-स्टैंडर्ड श्रेणी में रखा गया, जबकि 5 नमूनों को इंसानी सेहत के लिए सीधे तौर पर असुरक्षित घोषित किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री की कड़ी चेतावनी
असम के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अशोक सिंघल ने मंगलवार को इन जांच परिणामों की सार्वजनिक घोषणा की। उन्होंने खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के सख्त प्रावधानों के तहत दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रयोगशाला विश्लेषण में पनीर के अंदर दूध की वसा यानी मिल्क फैट की भारी कमी, जरूरत से ज्यादा नमी, स्टार्च की मिलावट और वनस्पति वसा, बाहरी फैट तथा अन्य अघोषित या गैर-अनुमत तत्वों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
नकली और भ्रामक डेयरी उत्पादों पर रोक
नए सरकारी निर्देशों के तहत किसी भी खाद्य व्यवसाय संचालक को ऐसे डेयरी एनालॉग्स के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण या बिक्री की अनुमति नहीं होगी जो निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते, लेकिन उन्हें असली पनीर या मानक डेयरी उत्पाद के रूप में प्रचारित और प्रस्तुत किया जाता है। यह पाबंदी विशेष रूप से उन सभी उत्पादों पर लागू की गई है जो मिसब्रांडेड हैं या ग्राहकों को यह विश्वास दिलाने के लिए भ्रामक रूप से बेचे जा रहे हैं कि वे असली डेयरी उत्पाद हैं।
होटलों, रेस्तरां और किचन संचालकों के लिए निर्देश
राज्य सरकार ने होटल, रेस्तरां, कैटरर्स, क्लाउड किचन और संस्थागत रसोइयों समेत तमाम खाद्य व्यवसाय संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे केवल उन्हीं पनीर और डेयरी उत्पादों की खरीद सुनिश्चित करें जो लागू खाद्य सुरक्षा मानकों के पूरी तरह अनुकूल हों। सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी डेयरी उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी संरचना, स्रोत और विनियामक स्थिति की पूरी जांच-पड़ताल करें। इसके अलावा, संदिग्ध या गैर-मानक पाए जाने वाले उत्पादों को तत्काल प्रभाव से बिक्री या उपयोग से हटाने और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को तुरंत सूचित करने को कहा गया है। हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी डेयरी एनालॉग्स पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है; जो उत्पाद प्रासंगिक नियमों के तहत वैध रूप से बनाए जा रहे हैं और उचित लेबलिंग के साथ बेचे जा रहे हैं, वे बाजार में अनुमत रहेंगे।



















