असम की राजधानी गुवाहाटी के उलुबारी इलाके में स्थित होटल बिलास इन में हुए सनसनीखेज पांचहरे हत्याकांड में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। वारदात के बाद से लापता चल रही मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई की पत्नी जोनमोनी गोगोई ने आखिरकार धेमाजी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। वह 26 अक्टूबर की रात हुई गोलीबारी के बाद से ही पुलिस की नजरों से दूर थीं, जिसके बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उनकी सघन तलाश शुरू की थी।
घटना के बाद से फरार चल रही थीं जोनमोनी गोगोई
गोलीबारी की उस खौफनाक रात के तुरंत बाद जोनमोनी गोगोई अपने बच्चों के साथ मौके से निकल गई थीं। जांच अधिकारी लगातार उनकी, उनके बच्चों की और उस कैब चालक की तलाश में जुटे थे, जिस पर वारदात के बाद इस परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का आरोप है। पुलिस दल उन्हें हिरासत में लेकर हत्याकांड से ठीक पहले और उसके बाद की संपूर्ण घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ना चाहता था। उनके सरेंडर से अब पूरे षड्यंत्र और घटनाक्रम के अनसुलझे पहलुओं से पर्दा उठने की उम्मीद बंधी है।
एसआईटी की रिमांड में मुख्य आरोपी से रोजाना पूछताछ
दूसरी तरफ, मामले के मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई को लतासिल थाने में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा गहन पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है। 26 अक्टूबर की रात को ही वशिष्ठ पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण करने के बाद अदालत ने उन्हें सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। औपचारिक गिरफ्तारी के बाद 27 अक्टूबर को उनकी सात दिवसीय रिमांड अवधि शुरू हुई थी, जहां एसआईटी के अधिकारी वारदात से जुड़े हर बिंदु की पड़ताल में लगे हैं।
आत्मरक्षा का दावा और लीज विवाद की कड़ियां
पूछताछ की प्रक्रिया के दौरान घनकांत गोगोई ने यह बयान दिया है कि उन्होंने अपनी जान बचाने के उद्देश्य से आत्मरक्षा में गोलियां चलाई थीं। हालांकि, जांचकर्ता उनके इस दावे की सत्यता को परख रहे हैं। पुलिस की पड़ताल का मुख्य केंद्र बिंदु होटल के पट्टे और उससे जुड़े वित्तीय मतभेद हैं। जानकारी के अनुसार, गोगोई ने सितंबर 2025 में होटल बिलास इन को पांच साल की लंबी लीज पर लिया था। इसी व्यावसायिक अनुबंध और पैसों के लेनदेन को लेकर होटल मालिकों और गोगोई के बीच गहरा विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके इस खूनी अंजाम तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
हमले में होटल के सह-मालिकों समेत पांच की गई थी जान
उलुबारी स्थित इस होटल में हुई अंधाधुंध गोलीबारी में पांच लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। मृतकों में होटल की सह-मालिक हेलेना भराली, उनके बड़े भाई और सह-मालिक भूदेव भराली, हेलेना के बेटे देबर्षी, पुत्रवधू रिनिका तथा होटल के देखरेखकर्ता नारायण दास शामिल हैं। एक ही परिवार के चार सदस्यों और उनके एक कर्मचारी की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया था।
हिरासत में सुरक्षा और अधिकारों को लेकर अदालत के कड़े निर्देश
इस बीच, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) अदालत ने पुलिस हिरासत के दौरान घनकांत गोगोई की सुरक्षा, स्वास्थ्य और मौलिक अधिकारों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने आदेश दिया है कि सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले यदि सबूतों की बरामदगी के लिए आरोपी को थाने से बाहर ले जाया जाता है, तो उनके साथ पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती अनिवार्य होगी। इतना ही नहीं, ऐसी किसी भी रात की कार्रवाई के दौरान पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) स्तर के अधिकारी की प्रत्यक्ष उपस्थिति जरूरी की गई है।
अदालत ने हिरासत में किसी भी तरह की शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। जांच अधिकारी को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है कि पुलिस रिमांड के दौरान हर 24 घंटे में आरोपी का नियमित मेडिकल परीक्षण कराया जाए। इसके अतिरिक्त, आरोपी को स्वच्छ पेयजल, पौष्टिक भोजन और मानवीय हिरासत के सभी तयशुदा नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।





















