असम में मादक पदार्थों के बढ़ते फैलाव पर अंकुश लगाने के इरादे से युवाओं को सक्रिय रूप से जोड़ने की नई योजना सामने आई है। गौहाटी विश्वविद्यालय ने एक विशेष फोर कॉर्नर क्लब स्थापित करने की दिशा में अपनी पहली परिचर्चा आयोजित की। इस कदम का मुख्य उद्देश्य समाज में नशीले पदार्थों की मांग को कम करना और छात्रों को प्रत्यक्ष सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना है। राज्य में केवल कानूनी दबिश के बजाय जनभागीदारी के जरिए नशे के चक्र को तोड़ने पर बल दिया जा रहा है।
छात्र क्रेडिट प्रणाली से जुड़ेगा सामाजिक कार्य
इस विचार-विमर्श सत्र का सबसे अहम बिंदु विद्यार्थियों के सामाजिक योगदान को उनकी पढ़ाई से जोड़ना रहा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नानी गोपाल महंता ने उस सुझाव को अपनी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत क्लब के व्यवस्थित अभियानों में हिस्सा लेने वाले छात्र अकादमिक क्रेडिट प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था संस्थान के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू होगी। इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि युवा न केवल अपनी औपचारिक डिग्री पर ध्यान देंगे, बल्कि व्यसन जैसी सामाजिक चुनौतियों के खात्मे में भी निरंतर सहयोगी बनेंगे।
कई संस्थाओं के तालमेल से बना साझा मंच
इस आयोजन को धरातल पर उतारने के लिए श्रीमंत फाउंडेशन फॉर कल्चर एंड सोसाइटी, गौहाटी विश्वविद्यालय और रिकवरी वेलनेस सोसाइटी ने मिलकर काम किया। इसके साथ ही असम सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निदेशालय ने भी इस पूरे प्रयास में साझेदारी निभाई। मंच पर बोलते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी तथा श्रीमंत फाउंडेशन के प्रबंध न्यासी भास्कर ज्योति महंता ने कहा कि नशीली दवाओं की आपूर्ति रोकने के साथ-साथ समाज में उसकी मांग घटाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने आने वाले दो वर्षों की कार्ययोजना पर चर्चा की, जिसमें शिक्षक, अभिभावक, छात्र और इलाके के प्रतिनिधि साथ मिलकर काम करेंगे।
चार प्रमुख स्तंभों पर टिकी है पूरी रूपरेखा
फोर कॉर्नर क्लब की बुनियाद चार अलग-अलग पहलुओं पर रखी गई है, जिसमें स्वयं, मेरा परिवार, मेरे शिक्षक और मेरा समाज शामिल हैं। यह ढांचा युवाओं में आत्म-नियंत्रण, पारिवारिक संवाद, शिक्षकों के मार्गदर्शन और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने का काम करेगा। रिकवरी वेलनेस सोसाइटी के प्रोजेक्ट हेड अनुपम रोहित ने क्लब के संचालन नियम समझाए और शुरुआती एक महीने की रूपरेखा साझा की। वहीं क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक प्रियंका भट्टाचार्य ने लत और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बारीकियों पर विशेष सत्र लिया।
जमीनी स्तर पर अभियानों को लागू करने की तैयारी
कार्यक्रम के दौरान गौहाटी विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर उत्पल सरमा और राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निदेशक सुस्वप्ना काकोती ने भी अपनी बातें रखीं। विश्वविद्यालय के एनएसएस नोडल अधिकारी व छात्र कल्याण डीन डॉ रंजन काकोती ने सभी का स्वागत किया। युवाओं के बीच संवाद को सहज बनाने के लिए अभिनेता और क्लब के यूथ आइकन उदयन दुअरा ने एक परिचयात्मक सत्र संचालित किया। अंत में क्लब के नोडल अधिकारी और शिक्षक गुड्डू पी बासुमतारी को चयनित विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ मिलकर इस मुहिम को लगातार आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यशाला का समापन नशाखोरी के खिलाफ एकजुट होकर काम करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
























