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गुवाहाटी के रूपनगर में 81 करोड़ का एकीकृत उपायुक्त कार्यालय शुरू, हिमंत बिस्वा सरमा ने किया उद्घाटनअसम
19 अग॰ 2026, 3:41 pm (2 घंटे पहले)· 2

गुवाहाटी के रूपनगर में 81 करोड़ का एकीकृत उपायुक्त कार्यालय शुरू, हिमंत बिस्वा सरमा ने किया उद्घाटन

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी के रूपनगर में 81 करोड़ रुपये की लागत से बने कामरूप मेट्रोपॉलिटन के एकीकृत उपायुक्त कार्यालय का उद्घाटन किया, जिससे प्रशासनिक सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को गुवाहाटी के रूपनगर क्षेत्र में कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के नए एकीकृत उपायुक्त कार्यालय का औपचारिक उद्घाटन किया। इस आधुनिक प्रशासनिक परिसर का निर्माण नागरिक सेवाओं को अधिक सुगम, संगठित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। नए भवन की शुरुआत से स्थानीय नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रशासनिक सेवाएं प्राप्त करने में सुविधा होगी, जिससे सरकारी कामकाज की गति और दक्षता में सुधार होगा।

आधुनिक बुनियादी ढांचा और परियोजना लागत

रूपनगर में निर्मित यह नया एकीकृत परिसर 81 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह विशाल प्रशासनिक केंद्र 12,695 वर्ग मीटर के दायरे में फैला हुआ है। इस बहुमंजिला सुविधा के भीतर जिला प्रशासन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण शाखाओं और जनसेवा विभागों को एक ही छत के नीचे स्थापित किया गया है। अब तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे विभागों के एक जगह आने से नागरिकों को अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

प्रशासनिक विभागों के एकीकरण से न केवल आम जनता का समय बचेगा, बल्कि अंतर-विभागीय समन्वय भी मजबूत होगा। दस्तावेजों के सत्यापन, प्रमाण पत्र जारी करने और शिकायतों के निवारण जैसी दैनिक प्रक्रियाएं अब अधिक तेजी से पूरी की जा सकेंगी। इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आएगी और आम लोगों की समस्याओं का समाधान जल्द हो सकेगा।

सभी 35 जिलों के लिए न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन का विज़न

कामरूप मेट्रोपॉलिटन के इस नए कार्यालय का उद्घाटन राज्य सरकार के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पूरे असम के जिला प्रशासन ढांचे का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य असम के सभी 35 जिलों में स्थित उपायुक्त कार्यालयों को जन-केंद्रित सेवा केंद्रों में बदलना है। इस पहल के माध्यम से राज्य के दूरदराज इलाकों में भी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुचारू और तकनीक-युक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

इस परियोजना के उद्देश्यों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार सभी 35 जिलों के उपायुक्त दफ्तरों को जन-केंद्रित बनाने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है। उन्होंने प्रशासन के मूल मंत्र न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तर आने की मजबूरी से राहत दिलाना है। यदि किसी कार्य के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़े, तो लोगों को त्वरित सहायता मिले और उनकी समस्याओं का समाधान संतोषजनक ढंग से हो सके। मुख्यमंत्री ने इस उद्घाटन से जुड़ी जानकारी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी साझा की।

2023 के भूमि पूजन से लेकर निर्माण पूरा होने का सफर

कामरूप मेट्रोपॉलिटन एकीकृत उपायुक्त कार्यालय की नींव वर्ष 2023 में रखी गई थी, जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रूपनगर में आयोजित भूमि पूजन समारोह में भाग लिया था। उस समय इस परियोजना की अनुमानित लागत 58 करोड़ रुपये तय की गई थी। शुरुआती योजना में जी+2 स्तर का भवन बनाने की रूपरेखा तैयार की गई थी, ताकि उपायुक्त के अधीन कार्यरत विभिन्न विभागों को व्यवस्थित रूप से जगह दी जा सके।

समय के साथ प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परियोजना का विस्तार किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 12,695 वर्ग मीटर क्षेत्र में 81 करोड़ रुपये की लागत वाला अत्याधुनिक परिसर बनकर तैयार हुआ। रूपनगर में इस एकीकृत केंद्र की शुरुआत से गुवाहाटी के शहरी प्रशासन को एक नई दिशा मिली है, जो आने वाले समय में राज्य के अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल साबित होगा।

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सवाल-जवाब

गुवाहाटी में नए एकीकृत उपायुक्त कार्यालय का उद्घाटन किसने किया?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को गुवाहाटी के रूपनगर में इस नए कार्यालय का उद्घाटन किया।
कामरूप मेट्रोपॉलिटन के नए एकीकृत डीसी कार्यालय की लागत कितनी है?
इस अत्याधुनिक एकीकृत प्रशासनिक परिसर के निर्माण पर कुल 81 करोड़ रुपये की लागत आई है।
नए एकीकृत उपायुक्त कार्यालय का कुल क्षेत्रफल कितना है?
यह नया प्रशासनिक परिसर 12,695 वर्ग मीटर के कुल क्षेत्रफल में फैला हुआ है।
इस एकीकृत कार्यालय के निर्माण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों को एक ही छत के नीचे लाकर नागरिकों को सुलभ और पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएं प्रदान करना है।
असम सरकार की इस योजना के तहत कितने जिलों को शामिल किया जा रहा है?
असम सरकार राज्य के सभी 35 जिलों के उपायुक्त कार्यालयों को जन-केंद्रित सेवा केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·46 मिनट पहले

यह प्रशासनिक आधुनिकीकरण और एकीकृत बुनियादी ढांचा पहल सार्वजनिक सेवाओं को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। एक ही छत के नीचे कई विभागों के आने से नागरिकों के समय की बचत होगी और दस्तावेजों के सत्यापन या शिकायतों के निवारण जैसी दैनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। हालांकि, भ्रष्टाचार मुक्त और त्वरित सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए यह भी देखना होगा कि इस तकनीकी और भौतिक ढांचे के भीतर जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली कितनी प्रभावी ढंग से काम करती है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·46 मिनट पहले

काम रूप मेट्रोपॉलिटन के इस 81 करोड़ रुपये के एकीकृत डीसी कार्यालय का उद्घाटन केवल एक बुनियादी ढांचागत विकास नहीं है, बल्कि यह पूर्वोत्तर में शासन के विकेंद्रीकरण और प्रशासनिक आधुनिकीकरण की बदलती तस्वीर को दर्शाता है। 12,695 वर्ग मीटर में फैले इस परिसर से 'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' के वादे को ज़मीन पर उतारने में मदद मिलेगी। हालांकि, असली चुनौती यह सुनिश्चित करने की होगी कि सभी 35 जिलों में इस तरह के केंद्रों के माध्यम से नौकरशाही की लाल फीताशाही पूरी तरह खत्म हो और आम नागरिकों को वास्तव में त्वरित व पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।

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