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भारतीय कार बाजार में बड़ा बदलाव, पेट्रोल को पीछे छोड़ आगे निकले सीएनजी, हाइब्रिड और ईवीऑटो
7 सित॰ 2026, 11:10 pm (58 दिन पहले)· 4

भारतीय कार बाजार में बड़ा बदलाव, पेट्रोल को पीछे छोड़ आगे निकले सीएनजी, हाइब्रिड और ईवी

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के ताजा आंकड़ों के अनुसार, यात्री वाहनों की बिक्री में सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी पहली बार पेट्रोल से आगे निकलकर 41.95 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

देश के मोटर वाहन क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, नई यात्री कारों की खरीद में सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों का सामूहिक हिस्सा पहली बार पेट्रोल गाड़ियों से आगे निकल गया है और अब यह आंकड़ा 41.95 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। हालांकि पारंपरिक रूप से पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों का ही बाजार पर वर्चस्व रहा है, लेकिन लगातार बढ़ रहे ईंधन के दाम, सरकार की तरफ से मिलने वाले प्रोत्साहन और पर्यावरण को लेकर बढ़ती जागरूकता ने खरीदार वर्ग को तेजी से नए विकल्पों की तरफ मोड़ा है।

अगस्त के बिक्री आंकड़े और ग्रामीण इलाकों का प्रदर्शन

बीते अगस्त महीने में कुल वाहन बिक्री सालाना तुलना में तो मजबूत स्थिति में रही, लेकिन मासिक आधार पर इसमें कुछ कमी दर्ज की गई है। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों ने शहरी इलाकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करके दिखाया है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि मांग का दायरा अब काफी विस्तृत हो चुका है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ने आने वाले समय को लेकर सतर्कता के साथ उम्मीद का रुख अपनाया है। बाजार का यह नया रुझान न केवल मोटर उद्योग के लिए बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ गतिशीलता के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए भी बेहद अहम साबित हो रहा है।

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वैकल्पिक ईंधनों की बढ़ती लोकप्रियता के मुख्य कारण

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों पर गौर करें तो नई कारों की बिक्री में सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों का संयुक्त हिस्सा बढ़कर 41.95 प्रतिशत हो गया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब इन तीनों श्रेणियों ने मिलकर पेट्रोल गाड़ियों को पीछे छोड़ दिया है। पेट्रोल कारों पर लोगों की निर्भरता कम होने के पीछे कई ठोस वजहें जुड़ी हैं। सीएनजी का अपेक्षाकृत कम खर्च होना, हाइब्रिड गाड़ियों द्वारा मिलने वाला शानदार माइलेज और इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी तकनीक का बेहतर होना तथा चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार होना इसके प्रमुख कारण हैं। आज का ग्राहक गाड़ी खरीदते समय लंबी अवधि की वित्तीय बचत और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रहा है।

विभिन्न सेगमेंट में बिक्री का कुल आंकड़ा

अगस्त महीने के दौरान देश में सभी तरह के वाहनों की कुल बिक्री 24.23 लाख यूनिट दर्ज की गई। यदि सालाना आधार पर देखा जाए तो इसमें 17.51 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दिखाई देती है, मगर पिछले महीने की तुलना में इसमें 6.48 प्रतिशत की गिरावट भी आई है। दोपहिया वाहनों के सेगमेंट की बात करें तो कुल 17.14 लाख यूनिट बिके, जो पिछले साल के मुकाबले 19.69 प्रतिशत ज्यादा थे लेकिन मासिक आधार पर 5.70 प्रतिशत नीचे रहे। यात्री वाहनों की कुल बिक्री 4.02 लाख यूनिट पर सिमटी, जिसमें सालाना रूप से 16.14 प्रतिशत की बढ़ोतरी और मासिक रूप से 3.40 प्रतिशत की गिरावट रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा तिपहिया सेगमेंट में 1.22 लाख यूनिट बिके, जो सालाना तो 8.64 प्रतिशत अधिक रहे लेकिन मासिक स्तर पर इनमें 8.59 प्रतिशत की कमी आई।

ग्रामीण बाजारों की मजबूती और भविष्य की उम्मीदें

अगस्त महीने में ऑटोमोबाइल सेक्टर की बिक्री ने अब तक का सबसे ऊंचा मुकाम हासिल किया है और कुल पांच श्रेणियों में नया अगस्त रिकॉर्ड कायम हुआ है। सबसे खास बात यह देखने को मिली कि लगभग सभी सेगमेंट में ग्रामीण क्षेत्रों की सालाना वृद्धि दर शहरी इलाकों से आगे निकल गई। यह इस बात का साफ प्रमाण है कि ग्रामीण इलाकों में मांग की रफ्तार मजबूत बनी हुई है और ऑटो बाजार का दायरा अब महानगरों से निकलकर गांवों तक फैल रहा है। आने वाले त्योहारों का मौसम और कंपनियों द्वारा पेश किए जाने वाले नए मॉडल बाजार की मांग को और संबल देंगे, हालांकि महंगाई का दबाव, ऊंची ब्याज दरें और वैश्विक स्तर पर चल रही अनिश्चितताएं अभी भी चुनौतियां पैदा कर सकती हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों की यह बढ़ती हिस्सेदारी आने वाले कल में भारतीय ऑटो सेक्टर की पूरी दिशा तय करने वाली है।

सवाल-जवाब

यात्री कारों की बिक्री में कौन से विकल्प पेट्रोल से आगे निकल गए हैं?
सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों का संयुक्त हिस्सा पहली बार पेट्रोल से आगे निकल गया है।
वैकल्पिक ईंधनों की कुल बाजार हिस्सेदारी कितनी हो गई है?
सीएनजी, हाइब्रिड और ईवी का संयुक्त हिस्सा बढ़कर 41.95 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
अगस्त में कुल वाहन बिक्री कितनी दर्ज की गई?
अगस्त महीने में कुल वाहन बिक्री 24.23 लाख यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 17.51 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
किस सेगमेंट ने शहरी इलाकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया?
ग्रामीण बाजारों ने शहरी इलाकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और सभी श्रेणियों में ग्रामीण इलाकों की सालाना वृद्धि आगे रही।
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