हांगकांग की सड़कों पर अब बिना किसी ड्राइवर के गाड़ियां दौड़नी शुरू हो गई हैं, जो ओला या उबर जैसी कैब सेवाओं की तरह ही काम करेंगी लेकिन इनमें कोई ड्राइवर मौजूद नहीं होगा। हांगकांग के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने एयरपोर्ट आइलैंड पर पूरी तरह ड्राइवरलेस कारों के परीक्षण की अनुमति दे दी है, जहां अब गाड़ियों में कोई ऑनबोर्ड सेफ्टी ड्राइवर या बैकअप ऑपरेटर नहीं बैठता है। शहर के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला ऐसा प्रयोग है जिसमें वाहन पूरी तरह से रिमोट कंट्रोल सेंटर के जरिए मॉनिटर किए जा रहे हैं। इन परीक्षणों में मुख्य रूप से बाईडू के अपोलो गो प्लेटफॉर्म की गाड़ियां शामिल हैं। शुरुआत में इन कारों के भीतर सुरक्षा अधिकारी बैठते थे, लेकिन तकनीकी सुरक्षा, स्थिरता और परिचालन की सटीकता की कड़े परीक्षणों में सफलता मिलने के बाद अब उन अधिकारियों को पूरी तरह हटा दिया गया है।
दाएं हाथ के ट्रैफिक वाले देशों में पहला बड़ा कदम
यह महत्वपूर्ण कदम हांगकांग को दुनिया भर में उन चुनिंदा शुरुआती स्थानों की सूची में सबसे आगे लाता है जो राइट हैंड ड्राइव और बाएं हाथ के ट्रैफिक वाले देशों में पूर्ण रूप से ड्राइवरलेस परीक्षणों का संचालन कर रहे हैं। स्थानीय सरकारी अधिकारियों ने इस प्रगति को शहर के पॉलिसी एड्रेस और ट्रांसपोर्ट स्ट्रैटेजी ब्लूप्रिंट के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर करार दिया है। इन ऑटोनॉमस वाहनों पर विशेष प्रकार के पहचान योग्य लेबल लगाए गए हैं ताकि सड़क पर चलने वाले अन्य ड्राइवर और पैदल यात्री इन्हें दूर से ही आसानी से पहचान सकें। हांगकांग में अब तक इस तरह के कई पायलट लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं और इन ड्राइवरलेस वाहनों द्वारा तय की गई कुल परीक्षण दूरी अब तक लाखों किलोमीटर के आंकड़े को पार कर चुकी है।
विभिन्न इलाकों में विस्तार और स्पीड लिमिट
एयरपोर्ट आइलैंड पर चल रहे इस पूर्ण ड्राइवरलेस परीक्षण के अलावा शहर के अन्य हिस्सों जैसे नॉर्थ लंटाऊ, तुंग चुंग, सनी बे, कोव्लून ईस्ट और दक्षिणी जिले में भी ऑटोनॉमस वाहनों के ट्रायल जोरों पर चल रहे हैं। तकनीक दिग्गज बाईडू को नवंबर 2024 में इस दिशा में पहला आधिकारिक पायलट लाइसेंस मिला था, जिसके बाद से इस सेक्टर में कई अन्य बड़ी कंपनियां और ऑपरेटर भी शामिल हो चुके हैं। इन परीक्षण के दौरान गाड़ियों की स्पीड लिमिट को बढ़ाकर 50 किमी प्रति घंटा तक कर दिया गया है और अब सड़कों पर एक साथ कई गाड़ियां बेरोक-टोक चल सकती हैं। वर्तमान में चल रहे इन ट्रायल्स में लेवल-4 ऑटोनॉमी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें एक केंद्रीकृत रिमोट कंट्रोल सेंटर से गाड़ियों पर निरंतर नजर रखी जाती है। वाहन शहर के जटिल राउंडअबाउट, अत्यधिक व्यस्त चौराहों और अलग-अलग प्रकार की ट्रैफिक परिस्थितियों में बेहद सफलतापूर्वक अपना काम कर रहे हैं, जिसके तहत ऑपरेटरों को नियमित रूप से मासिक रिपोर्ट जमा करनी होती है और अधिकारियों द्वारा लगातार साइट इंस्पेक्शन किए जाते हैं।
साल 2026 बनेगा उद्योग का एक्सेलेरेशन ईयर
संबद्ध उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि साल 2026 इस सेक्टर के लिए एक ‘एक्सेलेरेशन ईयर’ साबित होगा, जिसका मुख्य लक्ष्य आम यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने वाली पूर्ण ड्राइवरलेस सेवाएं शुरू करना और उसके बाद एक मजबूत व्यावसायिक रोबोटैक्सी मॉडल तैयार करना है। हाल ही में दीदी चुशिंग जैसी अन्य दिग्गज कंपनियां भी त्सेंग क्वान ओ क्षेत्र में अपने वाहनों के परीक्षण के लिए आवेदन करने की पूरी योजना बना रही हैं। परिवहन विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि पुख्ता सुरक्षा उपायों और सख्त यातायात नियमों के साथ यह आधुनिक तकनीक शहर की मौजूदा सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को पहले की तुलना में कहीं अधिक एफिशियंट बना सकती है। कुल मिलाकर देखा जाए तो हांगकांग में ड्राइवरलेस कारों का यह नया दौर पूरी तरह से पैसेंजर सेफ्टी को प्राथमिकता देते हुए लगातार आगे बढ़ रहा है।



















