भारतीय दोपहिया बाजार में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही दोपहिया वाहनों की मांग में तेज उछाल देखा जा रहा है। जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी होंडा ने सितंबर 2026 के दौरान अपनी बिक्री में 24 प्रतिशत की जोरदार सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है। इस एक महीने में कंपनी ने कुल 7.06 लाख यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा छुआ, जबकि पिछले साल सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 5.68 लाख यूनिट्स रहा था। कंपनी की इस रफ्तार को घरेलू ग्राहकों की मजबूत मांग और विदेशी बाजारों में बढ़ते निर्यात दोनों से जबरदस्त सहारा मिला है।
सितंबर 2026 में घरेलू बिक्री और निर्यात की रफ्तार
सितंबर के महीने में होंडा के लिए सबसे बड़ा सहारा भारतीय बाजार ही बना। कंपनी ने केवल घरेलू बाजार में 6.36 लाख टू-व्हीलर्स बेचे, जो पिछले साल सितंबर 2025 के 5.05 लाख यूनिट्स की तुलना में सीधे 26 प्रतिशत अधिक है। त्योहारी माहौल के चलते शोरूमों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी, जिससे कम्यूटर मोटरसाइकिलों और लोकप्रिय स्कूटरों की डिलीवरी में तेजी आई। वहीं विदेशी बाजारों में भी कंपनी का प्रदर्शन सकारात्मक रहा। इस महीने होंडा ने भारत से 69,498 यूनिट्स का निर्यात किया, जो सितंबर 2025 में भेजे गए 62,471 यूनिट्स के मुकाबले 11 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्शाता है।
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 34.40 लाख यूनिट्स की कुल सेल
केवल एक महीने की बढ़त ही नहीं, बल्कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पूरी पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2026) के दौरान भी होंडा का प्रदर्शन बेहद ठोस रहा है। इस छह महीने की अवधि में कंपनी ने कुल मिलाकर 34.40 लाख यूनिट्स की बिक्री हासिल की। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की समान छमाही (H1 FY26) में दर्ज 29.93 लाख यूनिट्स के मुकाबले 15 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी के इस समग्र आंकड़े में घरेलू बाजार का हिस्सा सबसे बड़ा रहा, जहां 30.44 लाख गाड़ियां बिकीं। पिछले साल की समान अवधि में यह संख्या 26.82 लाख थी, यानी घरेलू मोर्चे पर छमाही स्तर पर 13 प्रतिशत का विस्तार हुआ।
छह महीनों में निर्यात मोर्चे पर 27 प्रतिशत की छलांग
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी होंडा के भारत निर्मित दोपहिया वाहनों की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ी है। FY27 की पहली छमाही में कुल 3.96 लाख दोपहिया वाहनों का निर्यात किया गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में यह संख्या 3.11 लाख यूनिट्स थी, जिसका सीधा मतलब है कि निर्यात में 27 प्रतिशत की मजबूत छलांग लगी है। कंपनी की घरेलू पकड़ के साथ-साथ इस तरह के संतुलित विदेशी कारोबार ने उसके समग्र मुनाफे और उत्पादन क्षमता को संतुलित रखा है।
स्कूटर से लेकर प्रीमियम बाइक्स तक विस्तृत पोर्टफोलियो का असर
होंडा की लगातार बढ़ती बाजार हिस्सेदारी के पीछे उसका व्यापक प्रोडक्ट पोर्टफोलियो है, जो हर वर्ग के खरीदार की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। स्कूटर सेगमेंट में एक्टिवा 110, डिओ 110, एक्टिवा 125 और डिओ 125 लगातार ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं। कम्यूटर बाइक वर्ग में शाइन 100, शाइन 100 DX, SP125, शाइन 125 और लिवो जैसे मॉडल्स ईंधन बचत और किफायती रखरखाव के कारण भारी संख्या में बिक रहे हैं। इसके साथ ही स्पोर्टी और प्रीमियम वर्ग में हॉर्नेट 2.0, यूनिकॉर्न, CB125 हॉर्नेट, CB350, CB350 H’ness, CB350 RS के अलावा एडवेंचर टूरिंग के शौकीनों के लिए NX200 और NX500 जैसे विकल्प मौजूद हैं। इस विस्तृत श्रृंखला के कारण ही कंपनी को सभी स्तरों पर मजबूत मांग मिल रही है।


















