गांधी जयंती के अवसर पर मदनपल्ले की धरती पर कृषि और ग्रामीण विकास को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संयुक्त रूप से इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर का शिलान्यास किया। इस खास आयोजन में रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी भी विशेष तौर पर मौजूद रहे, जहां उन्होंने राज्य के आर्थिक विकास को नई ऊंचाई देने के लिए बड़ा वित्तीय योगदान देने की घोषणा की।
राज्य में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का बड़ा एलान
समारोह को संबोधित करते हुए अनंत अंबानी ने राज्य के साथ अपने जुड़ाव को रेखांकित किया और एक लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश का प्रस्ताव रखा। यह पूरी राशि मुख्य रूप से कंप्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्ट्स के विस्तार पर खर्च की जाएगी। इस मौके पर रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब की आधारशिला भी रखी गई। इस पहल का मुख्य मकसद किसानों की आय में बढ़ोतरी करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते तैयार करना है, जिससे यह क्षेत्र आधुनिक कृषि का हब बन सके।
किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की पहल
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मंच से अनंत अंबानी का परिचय देते हुए उन्हें राज्य का प्रिय बेटा बताया। इसके जवाब में अनंत अंबानी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जनता उन्हें अपना बेटा समझे और जो भी आदेश दे, वे उसे पूरा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दो दशक पहले मुख्यमंत्री हैदराबाद में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस लेकर आए थे और अब वे किसानों के उत्थान के लिए इस कृषि संस्थान की शुरुआत कर रहे हैं। उनका यह मानना है कि यह संस्थान देश के अन्नदाता को उनके खेतों का मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ बनाने का काम करेगा, जहां खेती को आसान बनाने के लिए ड्रोन, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
रोजगार और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी
रिलायंस की इस विशाल योजना के तहत चार प्रमुख दिशाओं में काम किया जाएगा। सबसे पहले गांवों के भीतर वर्चुअल क्लासरूम स्थापित किए जाएंगे ताकि आधुनिक कृषि प्रणालियों की शिक्षा दी जा सके। इसके बाद जियो कृषि प्लेटफॉर्म के माध्यम से तकनीक सीधे खेतों तक पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा वनतारा पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के अनुभवों का लाभ उठाकर पशुपालन को बढ़ावा दिया जाएगा और कंप्रेस्ड बायोगैस परियोजनाओं से तीन लाख नए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। अनंत ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि अब तक केवल देश का पेट भरने वाला किसान आने वाले समय में ऊर्जा का दाता भी बनकर उभरेगा।

















